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जिला छत्रिय पवार समाज संगठन छिंदवाड़ा द्वारा 61000 दान किए गए


दान संगठन के पास जमा राशि से नहीं ,अपितु समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई

Multapi Samachar

स्वयं दान देकर समाज संगठन का नाम करने वालों की विनम्रता महानता को नमन
छिंदवाड़ा। लाकडाउन के दौरान छिंदवाड़ा शहर के गरीबों की भोजन व्यवस्था के लिए नगर निगम कमिश्नर श्री राजेश साही को रुपए 61,000 की सहयोग राशि जिला छत्रिय पवार समाज संगठन छिंदवाड़ा की ओर से दान की गई।
दीनदयाल रसोई हेतु संगठन के पदाधिकारियों द्वारा निम्नानुसार राशि दी गई-
श्री हेमंत पवार 10,500
श्री यशवंत पवार 10,000
श्री मुन्ना पवार 10,000
श्री देवेन्द्र डोबलेकर 8000
श्री एन आर डोंगरे 5000
श्री महेश डोंगरे 5000
श्री बलवंत कड़वेकर 5000
श्री गोपीचंद पवार 5000
श्री देवीलाल घागरे 2500
आप सभी सदस्यों की संवेदनशीलता और दानशीलता को नमन करते हुए आपके उज्ज़्वल भविष्य की कामना करता है। आपके इस कार्य से समाज का गौरव बढ़ा है। भगवान आपको सदैव स्वस्थ सुखी संपन्न और दीर्घायु बनाए रखें।
स्रोत-श्री रामदास पवार

देश हित में योगदान: सोनिया गांधी का ऐलान- घर लौट रहे हर मजदूर के रेल टिकट का खर्च उठाएगी कांग्रेस


मुलतापी समाचार

Lockdown 3.0: सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने यह सवाल भी किया कि जब रेल मंत्रालय ‘पीएम केयर्स फंड’ में 151 करोड़ रुपये का योगदान दे सकता है, तो श्रमिकों को बिना किराये के यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकता?

नई दिल्ली. कोरोना महामारी (COVID-19) के बढ़ते मामलों की वजह से आज से देशभर में लॉकडाउन के तीसरे फेज (Lockdown 3.0) की शुरुआत हो चुकी है. लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे के किराया लेने का फैसला सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की नई वजह बन गया  है. ऐसे में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने ऐलान किया कि मजदूरों, कामगारों के घर लौटने की रेल यात्रा का खर्च कांग्रेस प्रदेश कमिटी उठाएगी.

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में जारी लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ाया गया है. सरकार ने शुक्रवार से फंसे हुए मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनें चलानी शुरू की हैं. रेलवे के सर्कुलर के मुताबिक, स्थानीय सरकारी अधिकारी अपने द्वारा क्ल‍ियर किए गए मजदूरों को टिकट सौंपेंगे. उनसे टिकट का किराया वसूल करेंगे और कुल राशि रेलवे को सौंप देंगे. इसकी आलोचना करते कांग्रेस ने मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान किया है.

कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान ट्वीट किया गया है, जिसमें कहा गया है, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी.’

कांग्रेस अध्यक्षा, श्रीमती सोनिया गांधी का बयान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी।
 pic.twitter.com/DWo3VZtns0

— Congress (@INCIndia) May 4, 2020


सोनिया गांधी ने यह सवाल भी किया कि जब रेल मंत्रालय ‘पीएम केयर्स फंड’ में 151 करोड़ रुपये का योगदान दे सकता है, तो श्रमिकों को बिना किराये के यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकता? उन्होंने एक बयान में कहा, ‘श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है. सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए.’

सोनिया ने कहा, ‘उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी. पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है?’


कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए. न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन.


सोनिया गांधी ने कहा कि आज भी लाखों श्रमिक व कामगार देश के अलग-अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा. दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं.

उन्होंने सवाल किया, ‘जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब हम गुजरात के एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना कोष में 151 करोड़ रुपये दे सकता है तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?’


सोनिया ने कहा, ‘कांग्रेस ने कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है. दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने. इसलिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी.’

उन्होंने कहा कि मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा.

दरअसल, राज्यों पर टिकट जारी करने और किराया वसूल कर जमा करने जिम्मेदारी के कारण, विपक्ष द्वारा शासित ज्यादातर राज्यों को सियासी नुकसान होने की आशंका है. गैर-बीजेपी शासित राज्य मांग कर रहे हैं कि केंद्र इन प्रवासी श्रमिकों की यात्रा का खर्च वहन करे.