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सरकार अधिवक्ताओं पर भी ध्यान दे, अब अभिभाषक संघ देगा सम्मान सामग्री


लॉकडाउन की अवधि 03 मई बढ़ने से कई अधिवक्ताओं पर जीवनयापन का संकट गहराया

अधिवक्ताओं को दी जा रही सम्मान सामग्री।

मुलतापी समाचार

मुलताई। सरकार द्वारा लॉकडाउन की अवधि लगातार बढ़ाई जा रही है, जिसमें गरीबों का तो ध्यान रखा जा रहा है लेकिन मध्यम वर्ग की बिलकुल भी परवाह नहीं की जा रही है। जिससे मध्यम वर्ग पर जीवनयापन का संकट गहरा गया है। इधर लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों सहित कई अधिवक्तागण ऐसे भी हैं, जिनके सामने आजीविका की परेशानी खड़ी हो गई है। एक प्रतिष्ठित पेशा करने से वे किसी के सामने अपनी समस्या भी नहीं रख पा रहे हैं, ऐसी स्थिति में परेशान अधिवक्ताओं के लिए अभिभाषक संघ द्वारा सहयोग के हाथ बढ़ाए गए हैं। अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गिरधर यादव द्वारा इस विषम परिस्थिति में जरूरतमंद अधिवक्ताओं को सम्मान सामग्री देने की व्यवस्था की गई है, जिसमें दैनिक जरूरतों की सामग्री रखी गई है।

गिरधर यादव ने बताया कि जरूरतमंद अधिवक्ता अभिभाषक संघ के किसी भी पदाधिकारी से संपर्क करके सामग्री प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि उन्हें अधिवक्ताओं के सम्मान का पूरा ख्याल है, इसलिए जो जरूरत की सामग्री दी जा रही है, उसे सम्मान सामग्री ही कहा जा रहा है। अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जिन्हें सामग्री दी जाएगी उनका ना ही नाम बताया जाएगा और ना ही कोई फोटो खींचा जाएगा, इसके लिए उन्हें मात्र एक साधारण आवेदन संघ को देना होगा। जिससे उन्हें तत्काल सामग्री मिल जाएगी।

इस सहयोग में यह भी पूरा ख्याल रखा जाएगा कि किसी भी अधिवक्ता के सम्मान को ठेस ना पहुंचे। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार जो अधिवक्ता सक्षम हैं या जिनके पास चौपहिया वाहन हैं उन्हें इस सुविधा से अलग रखा गया है। उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने से न्यायालय में कार्य नहीं करने से अधिवक्ता अपने घरों में बैठे हैं। अभिभाषक संघ का उद्देश्य है कि जो अधिवक्ता सिर्फ इसी पेशे पर निर्भर है उन्हें कुछ सहयोग मिल सके।

लॉकडाउन में दवेदूत बन पुलिस और प्रशासन केे द्वारा दूर गांव तक राशन पहुंचाया, 18 00 फीट ऊंचेे पहाड़ी पर 250 किलो लेकर पंहुचे


कोराेेेना सैैनिक पुलिस द्वारा पहाड चड़ कर राशन पहुचाते हुए, चौपना पुलिस टीम द्वारा सराहनिय कार्य

भंडारपानी में लॉकडाउन के दौरान लोग अन्न के दाने को तरस गए थेअब जिला प्रशासन ने मदद पहुंचाने का काम शुरू किया है

बैतूल. यहां 1800 फीट ऊंची दुर्गम पहाड़ी पर बसा गांव भंडारपानी। लॉकडान में लोग राशन तक के लिए तरस रहे थे, जिनके लिए गुरुवार को स्थानीय पुलिसकर्मियों ने कंधों पर राहत लेकर पहुंचे। वह उनके लिए देवदूत की तरह थे। पथरीली पहाड़ी पर तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए जब ये पुलिस वाले यौद्धा गांव पहुंचे तो लोगों की आंखें खुशी से डबडबा गईं। प्रशासन के सहयोग से यह मदद पहुंचाई गई है।

5 अप्रैल को दैनिक भास्कर ने भंडारपानी में लॉकडाउन की वजह से उपजे हालातों और ग्रामीणों के पास राशन के संकट का मुद्दा उठाया था। जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्रामीणों के लिए भंडारपानी तक राहत सामग्री पहुंचाई। चोपन थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत ने बताया भंडारपानी गांव पहाड़ी पर बसा है, यहां के लोगों के पास अनाज नहीं होने की जानकारी मिली थी। पहाड़ी बैतूल और छिंदवाड़ा बॉर्डर पर है। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ग्रामीणों के लिए 100 किलो आटा, 50 किलो चावल, 50 किलो दाल, 20 किलो तेल व अन्य सामग्री पुलिसकर्मियों के सहयोग से दुर्गम पहाड़ी पर चलकर पहुंचाई। 

अब स्वास्थ्य की जांच का इंतजार

लोगों से स्वास्थ्य जांच की मांग की है। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त भी किया है कि वे उनके साथ हैं और समय समय पर उनको सहयोग किया जाएगा। ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। श्रमिक आदिवासी संगठन से जुड़े राजेंद्र गढ़वाल ने भी प्रशासन और पुलिस से मिले सहयोग पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण ग्रामीणों के हालात गंभीर हो गए थे। मजदूरी भी नहीं मिल पा रही थी। उनके लोग भी बाहर क्षेत्रों में फंसे होने के कारण नहीं आ पाए थे। न ही मदद पहुंर पा रही थी। इससे खाने पीने की समस्या पैदा हो रही थी । इस अनाज से राहत मिलेगी।

मुलतापी समाचार परिवार की ओर से आप सभी कोरोना सैनिकों पुलिस कर्मीयों को सेल्‍युट करता हुॅँँ, और पुरे टिम की ओर धन्‍यवाद करता हुंं जो इस विप‍रित परिस्थिति में निरंतर कार्य कर रहे हैं, जनता की सेेेेवा एक जुट सेवा प्रदान कर रहें, स्‍वास्‍थ विभाग, पुलिस विभाग,सफाई कर्मी, जल वितरण कर्मी, एवं पत्रकार साथी गण आप सभी काेे पुन: सहृदय से धन्‍यवाद करता हूँ।

लॉडाउन के समय मदद के लिए बढ़े हाथ, जरूरत मन्दों के घर बाटे रहे भोजन


पेंथर ग्रुप के सदस्य प्रतीक यादव द्वारा मुलताई सामुदायिक स्वस्थ केन्द्र में भोजन वितरण करते हुए

Multapi Sachar

मुलताई। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के चलते देश में दिहाड़ी मजदूर एवं जो भी भोजन की व्यवस्था कर पाने में असमर्थ है , यह आयोजन जन आंदोलन मंच से रवि यादव एवम मुल्ताई पैंथर्स ग्रुप से संजय यादव कि ओर से मुलताई के सदस्यों द्वारा जरूरत मंद लोगों के लिए भोजन के बने पैकेट घरों तक पंहुचाकर व्यवस्था करी जा रही है ।

पेंथर ग्रुप के सदस्य प्रतीक यादव द्वारा अपनी बाइक से जरूरत मन्दों के घर घर और मुलताई सामुदायिक स्वस्थ केन्द्र में भोजन वितरण भी किया गया।

सूचना सहायता हेतु : अगर आप या आपके क्षेत्र में कोई ऐसा हो जिसे मदद की ज़रूरत हो तो कृपया हमें बताएं हम उन्हें घर पोहोच निशुल्क भोजन प्रदान करेंगे ।
फोन नं : 7869116111,8959013406
सौजन्य:- संजय यादव एवं मुल्ताई पैंथर्स ग्रुप, जन आन्दोलन मंच मुलताई
यह सेवा केवल मुलताई क्षेत्र के लिए।

मुलतापी समाचार

पूर्व जिलापंचायत उपाध्यक्ष राजा पवार ने कोरोना से लड़ने 31 हजार रुपये का सहायता राशी प्रदान की


मुलतापी समाचार

राजा पवार जिला पंचायत द्वारा अनुविभागीय अधिकारी चनाप जी को चेक प्रदान करते हुए

मुलताई । देेेेश में कोरोना वायरस के संंक्रमण के प्रभाव से बचने के प्रयास रत हैैै, प्रदेश में २१ दिन का लॉकडाउन की इस मुसकिल की घडी में नगर के समाज सेवक अपने-अपने तरह से जरूरत मंदों को सेवा प्रदान कर रहें है इसी तारतम्‍य में पूूर्व जिला पंचायत उपाध्‍यक्ष राजा पवार द्वारा कोरोना वायरस से प्रदेश एवं देश में आयी इस संकट की घड़ी में 31000 ₹की सहायता राशि का चेक अनुविभागीय अधिकारी जी को सौपा ।

इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी से मुलताई क्षेत्र में चल रहे सहायता कार्यो अनाज- भोजन आदि वितरण संबंधी चर्चा हुई .

वहींं नगर के युवाओं और समाज सेवकों गरीब परि‍वार की अनाज वितरण कर सहायता की और नगर सेवकों में सेनेटाइजर वितरण कर सभी जनता से अपने घरों में रहनेे का निवेदन किया।

बैतूल – कोरोना से संघर्ष में जिले के निजी अस्‍पताल एवं डॉक्टर्स प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर करेंगे सहयोग


निजी अस्पतालों के वेंटीलेटर जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएंगे

कलेक्टर ने मकान मालिकों को निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों से इस माह किराया नहीं मांगने एवं मकान खाली नहीं कराने के दिए निर्देश

बैतल। बैठक को संबोधित करते कलेक्टर।

मुलतापी समाचार

बैतूल। कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ने में जिला प्रशासन के साथ जिले के निजी अस्पताल/नर्सिंग होम संचालक एवं निजी चिकित्सक भी पूरी शिद्दत के साथ आगे आए हैं। मंगलवार को कलेक्टर राकेश सिंह के साथ निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालकों एवं निजी चिकित्सकों की बैठक में सभी ने इस लड़ाई में जिला प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का आश्वासन दिया। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिला चिकित्सालय जो कि कोविड-19 अस्पताल के रूप में घोषित है, उसे पूरी तरह आवश्यक उपकरणों से तैयार रखा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के निजी अस्पतालों के लगभग 15 वेंटीलेटर उपलब्ध कराए जाकर जिला अस्पताल में एक पृथक ईकाई के रूप में लगाए जाएंगे। बैठक में विधायक डॉ. योगेश पण्डाग्रे, पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमएल त्यागी, अपर कलेक्टर जेपी सचान, स्वास्थ्य अधिकारी एवं निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालक व डॉक्टर्स मौजूद थे।

बैठक में तय किया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में आवश्यकता पडे पर जिले के समस्त निजी चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। जो चिकित्सक यह सेवाएं देंगे, वे नगर में होटल अधिग्रहित कर ठहराए जाएंगे। बैठक में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में वेंटीलेटर सहित अन्य सभी उपकरण-सहायक उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता एवं इनके उपार्जन के संबंध में भी चर्चा हुई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि उपरोक्त समस्त जरूरतें आवश्यकता पडे पर उपलब्ध रहेगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा पहने जाने वाली सुरक्षा ड्रेस (पीपीई) अभी जिले में 110 नग से अधिक उपलब्ध है, आवश्यक मटेरियल बुलवाकर आगामी एक सप्ताह में इनको स्थानीय स्तर पर तैयार करवाया जाएगा। यह ड्रेस सभी निजी अस्पतालों को भी प्रदान की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर के ध्यान में यह मुद्दा लाया गया कि निजी चिकित्सालयों में कार्य करने वाले नर्सिंग व सहायक स्टाफ जो नगर में विभिन्ना स्थानों पर किराए के मकान में रहते हैं, ऐसे लोगों को कुछ मकान मालिकों द्वारा आवास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत इस तरह का कृत्य पूर्णतः प्रतिषेध है। ऐसे मकान मालिकों पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

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