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सिवनी जिले में आंधी के साथ जोरदार बारिश


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

सिवनी: बुधवार दोपहर 4:00 बजे अचानक मौसम में आए बदलाव के बाद सिवनी मुख्यालय सहित बरघाट व कन्हीवाडा क्षेत्र में तेज आंधी तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई, लगभग 1 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही!

इधर कन्हीवाडा क्षेत्र में आंधी तूफान और बारिश के कारण बिजली के पोल व कई पेड़ धराशाई हो गए! केवलारी क्षेत्र व आसपास के गांव में भी जोरदार बारिश हुई!

बारिश से किसानों के खेतों में लगी फसल व खलिहान में रखी फसल भीगने से नुकसानी की संभावनाएं बढ़ गई हैं! खरीदी केंद्रों में पहले दिन बहुत कम किसान पहुंचने के कारण गेहूं भीगने की खबर नहीं है!

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सिवनी में किसान के खेत में लगी आग


मुलतापी समाचार

सिवनी ब्रेंकिग /ग्राम ढोकली थाना बंडोल के अंतर्गत ग्राम दुकली में आग लग गई जिस पर डायल हंड्रेड को सूचना प्राप्त होने पर मौके पर जाकर थाना स्टाफ के साथ आग को गांव वालों की मदद से बुझाया लगभग 6 किसानों के खेत में आग लग गई जिससे 20 से 22 एकड़ जमीन जल गई खड़ी फसल जलकर खाक हो गई स्टाफ में एएसआई सत्येंद्र उपाध्याय एचसी 358 रामदयाल वीके एससी 07 रामदयाल सिंह डेहरिया एचसी 369 छगन सिंह सरिया डायल हंड्रेड चालक विकास शर्मा के द्वारा समाज ग्रामीणों की मदद से आग को बुझाया पीड़ित मुकेश पिता घोड़ो सिंह जंगेला और पांच अन्य सदस्य थे

तेज धमाके के साथ झटके से दहले लोग घरों से निकले बाहर


सिवनी। मुलतापी समाचार

मुख्यालय में सोमवार सुबह लगभग 6.39 बजे भूकंप जैसे झटके लोगों ने महसूस किए। सुबह के समय जब झटकों का एहसास हुआ तो लोग अपनेघरों से तत्काल बाहर निकल गए। हालाकि बहुत कम समय के झटके महसूस किए गए हैं। अधिकारियों ने भू गर्भीय कंपन को लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं की है।

दीवान महल से लेकर कटंगी नाका, छिंदवाड़ा चौक, बुधवारी क्षेत्र में भूकंप का झटका महसूस किया गया। जहां लोगों के घरों के खिड़कियों में लगे कांच हिलने लगे। वहीं घरों की दीवारें हिलते प्रतीत हुई।

कुछ सेकेंड के लिए यह भूकंप का झटका महसूस किया गया है। उसके बाद किसी भी तरह की पुर्नरावृत्ति नहीं हुई। हालाकि जोरदार आवाज व झटके से कोई नुकसानी की सूचना कहीं से नहीं आई है।

भय से कांपे शहरवासी – तेज धमाके के साथ जोरदार झटके महसूस होने पर शहरवासी कांप गए। राजपूत कॉलोनी निवासी कृष्णा बाई दुबे, नीकेश, जगदीश साहू आदि ने बताया कि सोमवार सुबह अचानक जोरदार आवाज के साथ एक पल के लिए जोरदार झटका महसूस हुआ। झटका इतना जोरदार था कि पलंग हिल गया। घबराहट में लोग घरों के बाहर आ गए। काफी देर तक शहरवासी भूकंप की आशंका से दहशत में रहे।

चार माह पहले भी महसूस किए गए थे झटके-इसी तरह की घटना पिछले साल 22 अगस्त को रात 3 बजे भूकंप आने की बात सामने आई थी। लेकिन इस घटना की पुष्टि प्रशासन द्वारा नहीं की गई थी। वहीं भूकंप आने की इस घटना को अफवाह बताया गया था। उस समय शहर में शुक्रवारी बाजार से लेकर नेहरु रोड के दक्षिणी हिस्से में ये झटके महससू किए गए थे।

1997 में भी आया था भूकंप- 22 मई 1997 को 8.2 तीव्रता से आए भूकंप में कई घर और इमारतें ढह गई थी। इससे सिवनी में भी नुकसानी हुई थी। उस समय सिवनी सहित समीपस्थ जिले जबलपुर, छिंदवाड़ा व मण्डला में भी भूकंप आया था।

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटवर्क

मप्र में कई स्थानों पर बेमौसम बारिश बैतूल, उमरिया, कटनी, सिवनी, दमोह, बालाघाट में जमकर बरसे ओले, फसलें चौपट


Rain in – Satpuda खेतों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही । सब्‍जी भाजी, पत्‍ता गोभी, टमाटर, चना, मटर जैसी फसले अधिक प्रभावित

मुलताई डहुआ। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई।

बुधवार की देर रात मौसम का मिजाज बदला और तेज हवा के साथ ओलों की बारिश शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक आसमान से ओले बरसते रहे और उसके बाद तेज हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह दुनावा मंडल के अंतर्गत आने वाले दो दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में किसानों को बर्बादी बिखरी नजर आई। पेड़ पौधों की टहनियां जहां टूट गईं वहीं खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से जमीन पर बिछ गईं। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई एवं दुनावा क्षेत्र के ग्राम पारबिरोली में ओलों के कारण सबसे अधिक बर्बादी सामने आई है। गुरूवार की सुबह खेतों में लगी सब्जी और अन्य फसलें पूरी तरह से तबाह हो गईं थी। ग्राम पारबिरोली के किसान लक्ष्मण देशमुख ने बताया कि उनके 3 एकड़ खेत में गेहूं की फसल कल तक लहलहा रही थी लेकिन बुधवार की रात हुई ओलों की बारिश ने फसल को पूरी तरह से जमीन पर गिरा दिया है। जब वे अपनी पत्नी के साथ सुबह खेत पहुंचे तो फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछी हुई थी। इसके साथ ही अन्य किसानों के खेतों में भी फसलें इसी तरह बर्बाद मिलीं। दुनावा क्षेत्र के किसान वैसे ही मौसम की मार से तरह तरह की बीमारियों की चपेट में हैं। किसान अपने मक्के की फसल की भरपाई भी नहीं कर पाया था कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से किसानों में बड़ी मायूसी छाई हुई है। दुनावा मंडल के ग्राम डहुआ, सिपावा, सोनेगांव, रिधोरा, डहुआ, मोरखा, सांवरी, खैरवानी, छिंदी, खड़कवार समेत अन्य गांवों में ओलावृष्टि से अधिक क्षति पहुंची है। ग्राम डहुआ के किसान सुरेन्‍द्र पवार, ढिमर बुआडे, हेमन्‍त बारंगे, दिनसु बारंगे, मनोज बारंगे एवं पारबिरोली के हेमू देशमुख, कालूराम, गोरेलाल, शिवराज, उदल, रघुनाथ, मुन्नाा, कलसिंग, प्यारे, सुखराम, मंगरया, मेंहग्या समेत अन्य किसानों के खेतों में फसल पूरी बर्बाद हो गई है। किसानों ने जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

जबलपुर।  Rain in-Vindhya महाकोशल-विंध्य के जिलों में सर्दी के सितम के साथ बारिश-ओलों ने भी लोगों को हलाकान कर दिया। उमरिया, सिवनी, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, बालाघाट में बुधवार रात बारिश के साथ ही ओलावृष्टि ने फसलों को करीब-करीब चौपट ही कर दिया।

उमरिया के चंदिया में बुधवार रात 8 और फिर 12 बजे जमकर ओले गिरे। हालात यह रहे कि बड़े आकार के यह ओले लगभग 12 घंटे बाद घुल सके। सिवनी के करीब 100 से अधिक गांवों में भी खूब ओले गिरे, जिससे फसलों खासतौर से दलहनी फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। शीतलहर ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है।

खरीदी केंद्रों में पानी-पानी

अलग-अलग जिलों के खरीदी केंद्रों में बारिश से चारों तरफ पानी भर गया। जहां केंद्रों में किसानों की धान भीग कर गीली हो गई, वहीं अब बारिश के कारण कई जगहों पर खरीदी कार्य भी बंद कर दिया गया है।

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिमी बारिश

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश थमने तक जिले में कुल धान की खरीदी 1लाख 89 हजार 897 क्विंटल हो चुकी है। डिंडौरी में गुरुवार को भी दिनभर सुबह से रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर में कुछ देर के लिए धूम निकली, जिससे राहत मिली।

बालाघाट: ओलावृष्टि-बारिश के बीच भी खरीदी

पिछले 48 घंटे से जिले में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच ओले भी जमकर गिरे। बावजूद इसके कुछ केंद्रों पर धान खरीदी के आंकड़े चौंका रहे हैं। बुधवार को बारिश के बीच बैहर, बिरसा, लांजी, कटंगी, परसवाड़ा समेत कुछ 40 से 50 केन्द्रों में 40 हजार क्विंटल करीब 1 लाख बोरो की खरीदी की जा चुकी है। गुरुवार को धनकोषा, बोथवा केन्द्र में 202 क्विंटल की खरीदी की जा चुकी है।

जिलों में न्यूनतम तापमान

डिंडौरी- 2.0

शहडोल- 3.5

रीवा- 3.8

अमरकंटक- 4.0

अनूपपुर- 6.0

सतना- 8.4

मनमोहन पंवार (संपादक)

9753903839