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मुलताई सामुदायिक अस्पताल में मास्क की कमी, सैनिटाइजर भी उपलब्ध नहीं, रिस्क लेकर इलाज कर रहे डाॅक्टर – पांसे


Multai Newas कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सरकारी अस्पताल में की गई व्यवस्था का जायजा लेने बुधवार को विधायक सुखदेव पांसे

मुलताई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहूंचे विधायक पांसे ने बीएमओ. से चर्चा कर देखी समस्या

मुलतापी समाचार

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सरकारी अस्पताल में की गई व्यवस्था का जायजा लेने बुधवार को विधायक सुखदेव पांसे पहुंचे। विधायक पांसे ने बीएमओ डॉ. उदय तोमर और डॉ. पल्लव अमृतफले से चर्चा की। चर्चा के दौरान विधायक पांसे ने बीएमओ डॉ. तोमर से किट के संबंध में पूछा। इस पर बीएमओ ने बताया आज ही पांच किट प्राप्त हुई हैं। इसके पहले किट नहीं थी। विधायक ने अस्पताल में आने वालों और स्टाफ के लिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।

बीएमओ ने बताया जिले से 200 मास्क प्राप्त हुए हैं। सैनिटाइजर की कमी है। विधायक पांसे ने कहा उन्होंने दो हजार मास्क अस्पताल भेजे थे। इस पर बीएमओ ने बताया सभी मास्क का वितरण किया जा चुका है। विधायक पांसे ने कहा वह पूरे क्षेत्र में मास्क और सेनेटाइजर का वितरण स्वयं के व्यय पर कर रहे हैं।

बाहर से गांवों में आने वालों पर रखी जा रही नजर

बीएमओ डॉ. तोमर ने बताया क्षेत्र के गांवों में बाहर से लगातार लोग आ रहे हैं। ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सभी को घरों में रहने की समझाइश दी है। बीएमओ ने बताया कुछ गांवों से शिकायत मिली थी, बाहर से आने वाले घरों में नहीं रह रहे हैं। इस स्थिति में अब गांव में ही आशा, एएनएम, सचिव और कोटवार की टीम बनाई है। यह टीम बाहर से आने वालों पर नजर रखेगी। बाहर घूमने वालों की सूचना तत्काल देगी।

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अवगत कराएं: विधायक

अस्पताल को सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराएंगे

पांसे ने कहा लोगों की जान बचाने वाले डॉक्टर को ही किट सहित अन्य सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में डॉक्टर कैसे इलाज करेंगे। सरकार किसी प्रकार की सुविधा और सामग्री उपलब्ध नहीं करा रही। ऐसे में पूरा मप्र भगवान भरोसे ही चल रहा है। विधायक ने क्षेत्र में बाहर से आए लोगों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा क्षेत्र के लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। दवाइयां सहित अन्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखें। किसी भी प्रकार की दिक्कत और समस्या आने पर उन्हें अवगत कराएं। बीएमओ ने बताया क्षेत्र में दूसरे नगरों से तीन हजार से अधिक लोग आए हैं। जिनकी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 550 लोगों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।

गांव और अस्पताल में हो लोगों की स्क्रीनिंग

बीएमओ डॉ. तोमर ने बताया बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिस गांव में बड़ी संख्या में बाहर से लोग आए हैं वहां टीम भेजकर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा सरकारी अस्पताल के हॉल में भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। बुधवार को 68 लोगों की स्क्रीनिंग जारी थी। स्क्रीनिंग करने के बाद फॉलोअप भी लिया जा रहा है। अभी तक बाहर से आए हुए अधिकांश लोग सामान्य पाए गए हैं।

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राजस्थान के भीलवाड़ा में केरल के कुछ क्षेत्रों में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है।


Korona virus steps ditals

अच्छी बात यह है कि मध्यप्रदेश में यह स्टेज 1से 2 तक है।

ये स्टेज क्या होती हैं?

पहली स्टेज

विदेश से नवांकुर आया। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा। और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर सम्पर्क करेगा।
घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया।
वह घर में कैद रहा।
यहां तक कि उसने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।

नवांकुर की मम्मी ने कहा कि अरे तुझे कुछ नहीं हुआ। अलग थलग मत रह। इतने दिन बाद घर का खाना मिलेगा तुझे, आजा किचिन में… मैं गरम गरम् परोस दूं।

नवांकुर ने मना कर दिया।

अगली सुबह मम्मी ने फिर वही बात कही। इस बार नवांकुर को गुस्सा आ गया। उसने मम्मी को चिल्ला दिया। मम्मी की आंख में आंसू झलक आये। मम्मी बुरा मान गयीं।

नवांकुर ने सबसे अलग थलग रहना चालू रखा।

6-7वें दिन नवांकुर को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। नवांकुर ने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।
उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी नेगेटिव निकले।
पड़ोस की 1 किमी की परिधि में सबसे पूछताछ की गई। ऐसे सब लोगों का टेस्ट भी किया गया। सबने कहा कि नवांकुर को किसी ने घर से बाहर निकलते नही देखा।
चूंकि उसने अपने आप को अच्छे से आइसोलेट किया था इसीलिए उसने किसी और को कोरोना नहीं फैलाया।
नवांकुर जवान था। कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। बस बुखार सर्दी खांसी बदन दर्द आदि हुआ। 7 दिन के ट्रीटमेंट के बाद वह बिल्कुल ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आ गया।

जो मम्मी कल बुरा मान गईं थीं, वो आज शुक्र मना रहीं हैं कि घर भर को कोरोना नहीं हुआ।

यह पहली स्टेज जहां सिर्फ विदेश से आये आदमी में कोरोना है। उसने किसी दूसरे को यह नहीं दिया।


स्टेज 2- राजू में कोरोना पॉजिटिव निकला।
उससे उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी पूछी गई। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों गहने खरीदने के लिए एक ज्वेलर्स पर गया था। वहां के सेठजी हाल ही में विदेश घूमकर लौटे थे।

सेठजी विदेश से घूमकर आये थे।उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
विदेश से आये इस गंवार सेठ ने एयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।
घर में वह सबसे मिला।
शाम को अपनी पसंदीदा सब्जी खाई।
और अगले दिन अपनी ज्वेलेरी दुकान पर जा बैठा। (पागल हो क्या! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, ज्वेलर साब अपनी दुकान बंद थोड़े न करेंगे)

6वें दिन ज्वेलर को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। घर वालों में बूढ़ी मां भी थी।
सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।

यानि विदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव।
फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।

इसके अलावा वह दुकान में 450 लोगों के सम्पर्क में आया। जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।
उनमें से एक ग्राहक राजू था।

सब 450 लोगों का चेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है।

डर यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहाँ कहाँ गया होगा।

कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पोजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।


स्टेज 3

रामसिंग को सर्दी खांसी बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।
पर रामसिंग न तो कभी विदेश गया था।
न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।

यानि हमें अब वह स्रोत नहीं पता कि रामसिंग को कोरोना आखिर लगा कहाँ से??

स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।

स्टेज 2 में पता था कि स्रोत सेठजी हैं। हमने सेठजी और उनके सम्पर्क में आये हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।

स्टेज 3 में आपको स्रोत ही नहीं पता।

स्रोत नहीं पता तो हम स्रोत को पकड़ नहीं सकते। उसको अलग थलग नहीं कर सकते।
वह स्रोत न जाने कहाँ होगा और अनजाने में ही कितने सारे लोगों को इन्फेक्ट कर देगा।

स्टेज 3 बनेगी कैसे?

सेठजी जिन 450 लोगों के सम्पर्क में आये। जैसे ही सेठजी के पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर नौकरानी, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला….सब अस्पताल को दौड़े।
सब लोग कुल मिलाकर 440 थे।
10 लोग अभी भी नहीं मिले।
पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है।
उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा।
यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

स्टेज 3 का उपाय
14 दिन का lockdown
कर्फ्यू लगा दो।
शहर को 14 दिन एकदम तालाबंदी कर दो।
किसी को बाहर न निकलने दो।

इस तालाबंदी से क्या होगा??

हर आदमी घर में बंद है।
जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।
जो अज्ञात स्रोत है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। और हमें पता चल जाएगा कि अज्ञात स्रोत यही है।

हो सकता है कि इस अज्ञात श्रोत ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया।

अगर LOCKDOWN न होता। तो वह स्रोत पकड़ में नहीं आता। और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता। फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते। इसीलिए lockdown से पूरा शहर बच गया और अज्ञात स्रोत पकड़ में आ गया।

क्या करें कि स्टेज 2, स्टेज 3 में न बदले।
Early lockdown यानी स्टेज 3 आने से पहले ही तालाबन्दी कर दो।
यह lockdown 14 दिन से कम का होगा।

उदाहरण के लिए
सेठजी एयरपोर्ट से निकले
उनने धज्जियां उड़ाईं।
घर भर को कोरोना दे दिया।
सुबह उठकर दुकान खोलने गए।
(गजब आदमी हो यार! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, अपनी दुकान बंद कैसें कर लें)

पर चूंकि तालाबंदी है।
तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।
डंडा देख सेठजी शटर लटकाकर भागे।

अब चूंकि मार्किट बन्द है।
तो 450 ग्राहक भी नहीं आये।
सभी बच गए।
राजू भी बच गया।
बस सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ।
6वें 7वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ जाते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाये तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जायेगा। और नहीं आये तो इसका मतलब वो कोरोना नेगेटिव हैं।

उपरोक्त मेसेज को ध्यान पूर्वक हम भी पढे व समझे व अमल करे व उचित लगे तो साझा करे ।

बैतूल कोर्ट में कोरोना वायरस के कारण कोर्ट प्रशासन द्वारा लोगों के हाथ सेनेटाइज कर प्रवेश कराया


मुलतापी समाचार

बैतूल । आज बैतूल जिला कोर्ट परिसर में जाने से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में ऐतिहात बरती है जिसमें कोरिना वायरस का बढ़ता प्रकोप हर जगह दिखाई दे रहा है। वहीं परिसर में स्वास्थ विभाग अमला भी तैनात था।

जिसके तहत आज बैतूल जिला कोर्ट परिसर के सभी गेट बंद कर एक मेन गेट को ओपन किया गया जहा एक होम गार्ड सुरक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा कोर्ट परिसर में आ रहे सभी अधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारियों, कैदियों आदि वह सभी लोगों के हाथ को सेनेटाई ज कर प्रवेश दिया गया। और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई।