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अमेरिकी एनजीओ के वैज्ञानिक का दफ्तर बना नर्मदापुरम कमिश्नर ऑफिस में


होशंगाबाद मुलतापी समाचार ।

नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर के केबिन के ठीक बगल के एक कमरे में सिर्फ मौखिक आदेश पर चार साल से नर्मदा पर काम करने वाले अशोक बिस्वाल का कार्यालय चल रहा था, जबकि वे किसी सरकारी पद पर नहीं हैं। अशोक बिस्वाल अक्टूबर 2017 से अमेरिकी एनजीओ ‘द नेचर कंजर्वेंसी’ में एसोसिएट साइंटिस्ट हैं, लेकिन प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं थी। सोमवार को जब नईदुनिया ने यह मामला उठाया तो कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था। इसके तत्काल बाद उन्होंने यह दफ्तर बंद करा दिया और गेट पर लगी अशोक बिस्वाल के नाम की पर्ची हटवा दी।

एनजीओ के अधिकारी द्वारा सरकारी कमरे का उपयोग करने के मामले को प्रशासनिक अधिकारी गंभीर मान रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किस हैसियत से उन्हें कमिश्नर कार्यालय जैसे अतिसुरक्षित, संवेदनशील माने जाने वाले परिसर में काम करने दिया जा रहा था?

कमिश्नर कार्यालय के बाजू में अशोक बिस्वाल के नाम की पर्ची देखकर नईदुनिया ने पड़ताल की। पूछताछ करने पर अशोक बिस्वाल ने कहा कि मुझे नर्मदा रिपेरियन जोन में तकनीकी सलाह देने के लिए पूर्व कमिश्नर उमाकांत उमराव ने अपने केबिन के बगल में बैठने को कहा था, हालांकि उन्होंने इसका कोई लिखित आदेश नहीं दिया था। नर्मदा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जो भी लोग सलाह लेने आते थे, वहां बैठकर मैं उन्हें तकनीकी जानकारी देता था।

अमेरिका में दिया प्रजेंटेशन

द नेचर कंजर्वेंसी द्वारा वर्ष 2018 में अमेरिका की ओमाहा सिटी में आयोजित कार्यक्रम में अशोक बिस्वाल ने नर्मदा नदी के कि नारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रेजेंटेशन भी दिया था। हालांकि इस प्रजेंटेशन को लेकर होशंगाबाद में कोई जानकारी नहीं दी गई।

मैंने नहीं दिया कमरा

नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर रहने के दौरान मैंने कि सी को अपने केबिन के बगल में कमरा नहीं दिया। मुझे तो यह पता ही नहीं चला। – रविंद्र मिश्रा, पूर्व कमिश्नर नर्मदापुरम संभाग

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटवर्क

पौराणिक काल की ये घास, छूने पर लगी है रोक- पचमढ़ी


पचमढ़ी की वादीयां

पचमढ़ी के पहाड़ों में लगी दुर्लभ ‘साइलोटम” घास को अब भारत सरकार के राजपत्र में शामिल करने की तैयारी है। इस पर शोध कर रहे वनस्पति शास्त्रियों की अनुशंसा के बाद शासकीय पीजी कॉलेज पिपरिया के वनस्पति शास्त्री डॉ, रवि उपाध्याय ने मप्र जैव विविधता बोर्ड को पत्र लिखा है।

डॉ. उपाध्याय के मुताबिक ‘साइलोटम’ की उत्पत्ति पौराणिक काल की मानी गई है। जो पूरे विश्व में सिर्फ पचमढ़ी में खास स्थान पर अल्प मात्रा में पाई जाती है। देशभर के वैज्ञानिकों के लिए यह कौतुहल का विषय है। इसे अति दुर्लभतम प्रजाति का माना जा रहा है। इसी कारण इसके शोध पर रोक है। मप्र जैवविविधता बोर्ड के जिला समन्वयक व सेवानिवृत्त सहायक वन क्षेत्रपाल व वनस्पति शास्त्र विशेषज्ञ आरआर सोनी के मुताबिक राज्य वन अनुसंधान केंद्र ने इसे छूने पर रोक लगा रखी है, ताकि इसे नुकसान न हो।

वर्ष 1979 के पहले कु छ वनस्पति शास्त्रियों ने शोध करने की कोशिश की थी, लेकि न सिर्फ इतना ही पता चल सका था कि यह शरीर के पाचन तंत्र को ठीक करने में बेहद कारगार है। इसके बाद इस पर शोध करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। सोनी ने बताया कि वे जब शासकीय नौकरी में थे तब भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को प्रशिक्षण में इसके बारे में बताते थे। अब इसे सिर्फ दूरबीन के जरिए दिखाया जाता है, वहां तक किसी को नहीं जाने दिया जाता। यह स्थान विभाग के कुछ खास जानकारों को ही पता है।

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटर्वक

पचमढ़ी उत्सव प्रारंभ: मंत्री पटेल बोले- सैलानी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पेइंग गेस्ट की तरह घरों में रुक सकेंगे


पचमढ़ी| पचमढ़ी उत्सव का शुभारंभ बुधवार काे जनसंपर्क अाैर जिले के प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा, पंचायत व ग्रामीण विकास…

पचमढ़ी| पचमढ़ी उत्सव का शुभारंभ बुधवार काे जनसंपर्क अाैर जिले के प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा, पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने किया। प्रभारी मंत्री शर्मा ने कहा- पचमढ़ी उत्सव को अब सरकार स्तर पर (पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के जरिए) से आयोजित कराने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। मंत्री पटेल ने कहा- सरकार पचमढ़ी में ग्रामीण पर्यटन काे बढ़ावा देगी। पचमढ़ी अाने वाले सैलानियो काे संस्कृति, कला और पर्यटन से जोड़ने के लिए आजीविका मिशन और स्वसहायता समूह काे सरकार जीराे प्रतिशत पर लाेन देगी। सैलानी पेइंग गेस्ट की तर्ज पर पर्यटनस्थल के स्थानीय लाेगाें के घर पर रुक सकेंगे। खान-पान की व्यवस्था की जाएगी। शाम को राजन-साजन मिश्रा ने शास्त्रीय संगीत अाैर लता सिंह मुंशी ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। उत्सव 30 दिसंबर तक चलेगा।

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रामसत्ता प्रतियोगिता ग्राम भयावाड़ी में होशंगाबाद के बजरंग मनोहर मंडल ने जीता प्रथम पुरस्कार


ग्राम भयावाड़ी में चल रही प्रतियोगिता का समापन, 15 मंडलों ने लिया था भाग

शाहपुर। सांसद डीडी उइके के द्वारा रामसत्ता प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार बांटे। शाहपुर। नवदुनिया न्यूज ग्राम भयावाड़ी में श्री सिद्धेश्वर जय बजरंग मेला 27 दिसंबर से प्रारंभ हुआ है। मेले में रामसत्ता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्

ग्राम भयावाड़ी में चल रही प्रतियोगिता का समापन, 15 मंडलों ने लिया था भाग

शाहपुर। सांसद डीडी उइके के द्वारा रामसत्ता प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार बांटे।

शाहपुर। मुलतापी समाचार

ग्राम भयावाड़ी में श्री सिद्धेश्वर जय बजरंग मेला 27 दिसंबर से प्रारंभ हुआ है। मेले में रामसत्ता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार बजरंग मनोहर मंडल पथरौटा जिला होशंगाबाद, द्वितीय पुरस्कार नवज्योति मंडल धपाड़ा जिला बैतूल, तृतीय पुरस्कार सरस्वती मंडल डोडावानी आमला सहित कुल 15 भजन मंडलियों ने भाग लिया। सभी मंडलों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। समिति द्वारा रामचरित मानस, महाभारत, राष्ट्रीय सदभावना गीत गायन का विषय दिया गया। समिति द्वारा सभी 15 मंडलों को पुरस्कृत किया गया। मेले के दूसरे दिन विशाल भंडारा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में सांसद डीडी उइके, विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य मुकेश इवने, जनपद सदस्य गणेश पटेल सरपंच गीता उइके , रामजी लाल उइके , सूर्यकांत सोनी, संतोष सराठकर, जोहरी पटेल मेला भूमि स्वामी, जमना दास पटवारी, योगेश, दीपक एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में पुरस्कारों का वितरण किया गया। रामसत्ता प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 11,001 द्वितीय पुरस्कार 9001, तृतीय पुरस्कार 7001 रुपए नकद दिया गया। मेले में बैलगाड़ी दौड़ प्रारंभ हैं जो कि 31 दिसंबर तक चलेगी ।

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मप्र / तवा में अवैध खनन; ठेकेदार पर ‌280 करोड़ का जुर्माना


तवा नदी क्षेत्र से रेत के अवैध खनन करने वाले ठेकेदार पर होशंगाबाद एडीएम केडी त्रिपाठी ने 280 करोड़ रु. का बड़ा जुर्माना ठोका

रेत माफिया पर जुर्माने से प्रहार, इसमें 140 करोड़ रु. जुर्माना है, अन्य 140 करोड़ क्षतिपूर्ति के

होशंगाबाद  . तवा नदी क्षेत्र से रेत के अवैध खनन करने वाले ठेकेदार पर होशंगाबाद एडीएम केडी त्रिपाठी ने 280 करोड़ रु. का बड़ा जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना निमसाड़िया रेत खदान के ठेकेदार हाेशंगाबाद निवासी संतोषराज पर लगा है। 30 दिन में राशि नहीं भरने पर चल-अचल संपत्तियों की कुर्की के अादेश दिए हैं। पिछले साल कई खदानों के आसपास अवैध खनन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की थी।

इस दाैरान निमसाड़िया में द्विवेदी द्वारा नपती क्षेत्र में 2 लाख 33 हजार घन मीटर पर अवैध खनन करना पाया गया। एडीएम के अनुसार, अवैध रूप से खनन की गई रेत की राॅयल्टी दो करोड़ 33 लाख रु. होती है। इस आधार पर राॅयल्टी का न्यूनतम 60 गुना यानी 140 करोड़ रुपए जुर्माना किया है, इतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में चुकाने के आदेश दिए गए हैं। 

एडीएम काेर्ट का फैसला

पूरे जिले की खदान ही 217 करोड़ रु. में गई है
प्रशासन ने खनन माफिया पर जो 280 करोड़ रु. जुर्माना किया है, वह कितना भारी है, इसका अंदाजा इससे लगाइए कि इस बार पूरे जिले की रेत खदान का ठेका ही 217 करोड़ रु. में गया है। 

हमारे खिलाफ गलत तरीके से केस बनाया
इतना बड़ा खनन अवैध तरीके से हम कर लेते तो पहले ही प्रशासन कार्रवाई कर देता। आज क्या फैसला अाया, यह जानकारी नहीं है, हमारे खिलाफ साजिश करके गलत तरीके से प्रकरण बनाया गया था। 
-मनीष राज, निमसाड़िया खदान मैनेजर

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