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वर्षगांठ, विवाह के अवसर पर कोरोना का टीका जरूर लगाएं, अभियान की शुरुआत


बैतूल – एससी वेलफेयर एम्पलाई सोसायटी एवं सजाक्स संगठन बैतूल के द्वारा चंद्रशेखर वार्ड निवासी श्री एन डी ब्राह्मणे प्राचार्य आदिवासी विकास बैतूल एवं उर्मिला ब्राह्मणे की 26 वी वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर लक्ष्मीतरु का पौधा भेंट करते हुए 21 जून से पूरे देश में कोविड-19 वैक्सीनेशन राष्ट्रीय अभियान के पोस्टर्स उनको भेंट करके शपथ दिलवाई गई खुद टीका लगाओ और दूसरों को भी कोरोना का टीका लगवाने का संदेश देने संबंधी शपथ दिलवाई गई।

साथ ही समीप के ग्राम खेड़ी सावलीगढ़ में राठौर परिवार के यहां आयोजित शादी समारोह में वर एवं वधू को सम्मान स्वरूप लक्ष्मीतरु का पौधा भेंट कर उनको भी राष्ट्रीय वैक्सीनेशन जनअभियान के तहत खुद टीका लगाओ और दूसरों को कोविड-19 का टीका लगवाने के लिए प्रेरित करो का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं स्वरूप कहां गया।

इसी श्रंखला में आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंज बैतूल में राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत दृष्टि एजुकेशन एकेडमी सदर बेतूल के संचालक श्री कमलेश निरापुरे के नेतृत्व में एकेडमी के छात्र एवं छात्राओं ने इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करते हुए पहले स्वयं कोरोना टीका लगाया एवं बाद में अन्य लोगों को भी इस अनुकरणीय पहल को अपने जीवन में उतारते हुए टीका लगवाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर संगठन के तमाम पदाधिकारियों की ओर से संगठन के प्रांतीय महासचिव श्री आर के विजयकर श्री एस ब्राह्मणे जिला अध्यक्ष सजाक्स दृष्टि एजुकेशन एकेडमी सदर के संचालक श्री कमलेश निरापुरे महिला युवा नेत्री श्रीमती माला खातरकर ,देशभक्ति का अदम्य उदाहरण , निरंतर कोरोना कॉल में मानव सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले सहज सरल अदम्य साहस वीरता के परिचायक श्री विजय नरवरे ,श्री हेमराज पाटिल श्रीमती उषा सातनकर, श्रीमती निर्मला भटनाकर ,श्री विनोद खातरकर, श्री गजानन पंडाग्रे श्री खुशराज कापसे आदि पदाधिकारियों की विशेष उपस्थिति मे यह कार्यक्रम संयोजित किए गए।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

खुल गया बैतूल, नए आदेश हुए जारी, विवाह में अधिकतम 50, अंतिम संस्कार में सिर्फ 10.


  1. जिले में समस्त सामाजिक राजनैतिक / खेल / मनोरंजन / सांस्कृतिक / धार्मिक आयोजन / मेले आदि जिनमें जनसमूह एकत्र होता है प्रतिबंधित रहेंगें ।
  2. 2- जिले में स्कूल , कॉलेज , शैक्षणिक / प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थान बंद रहेंगें । ऑनलाईन क्लासेस चल सकेंगी ।

3- जिले में सभी धार्मिक / पूजा स्थल खुल सकेंगे किंतु एक समय में 06 से अधिक व्यक्ति उपस्थित नहीं रह सकेंगे तथा उपस्थित जनो को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना बंधनकारी होगा ।

4- जिले के समस्त शासकीय , अर्ध शासकीय , निगम , मण्डल के कार्यालय 100 % अधिकारियों 100 % कर्मचारियों की उपस्थिति में खुलेंगे ।

5- जिले के समस्त प्रकार की दुकाने , व्यवसायिक प्रतिष्ठान तथा निजी कार्यालय प्रात : 09:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक खुल सकेंगे । शॉपिंग मॉल , जिम भी उक्त समय में खुल सकेंगे तथापि सभी सिनेमाघर , थियेटर , स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे । दुकान एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान के संचालक एवं कार्यरत सभी कर्मचारियों को 10 दिवस के भीतर कोविड -19 से सुरक्षा हेतु टीकाकरण कराया जाना अनिवार्य होगा ।

6- जिले के समस्त वृहद , मध्यम , लघु एवं सूक्ष्म उद्योग अपनी पूर्ण क्षमता पर कार्य कर सकेंगे तथा निर्माण गतिविधियाँ सतत चल सकेंगी |

7- जिले के समस्त जिम एवं फिटनेस सेंटर रात्रि 08:00 बजे तक 50 % केपेसिटी पर कोविड प्रोटोकॉल की शर्त का पालन करते हुए खुल सकेंगे ।

8- जिले में समस्त खेलकूद के स्टेडियम खुल सकेंगे किन्तु खेल आयोजनों में दर्शक शामिल नहीं हो सकेंगे ।

9- जिले के समस्त रेस्टोरेंट एवं क्लब 50 % केपेसिटी से रात्रि 10:00 बजे तक खुल सकेंगे । समस्त होटल एवं लॉज पूर्ण क्षमता अनुसार खुल सकेंगे ।

10- विवाह आयोजनों में दोनो पक्षो के मिलाकर अधिकतम 50 लोगों की उपस्थिति की ही अनुमति होगी । इस प्रयोजन के लिए आयोजक द्वारा विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों की सूची आयोजन से पूर्व संबंधित अनुविभागीय मजिस्ट्रेट कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इन्सीडेन्ट कमाण्डर को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।

11 – अंतिम संस्कार में अधिकतम 10 व्यक्तियों को सम्मिलित होने की अनुमति रहेगी ।

स्मृति स्वरूप पनीर का पौधा सांसद को किया भेंट


बैतूल – सजाक्स जिला इकाई बैतूल एवं एससी वेलफेयर एम्पलाई सोसायटी बैतूल के पदाधिकारियों ने बैतूल हरदा हरसूद लोकसभा संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री डी डी उइके जी के निज निवास पर पहुंचकर उनकी माताजी के देवलोक गमन होने से वंदनीय माताजी के चरणों में श्रद्धा के पुष्प समर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। वंदनीय माताजी को श्रद्धांजलि स्वरूप उनकी याद में सांसद महोदय को पनीर का पौधा भेंट किया गया गया, इस अवसर पर आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे जी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। पर्यावरण के लिए सुरक्षा एवं संरक्षा अभियान के तहत संगठन के जिला अध्यक्ष एस ब्राह्मणे ने बताया हमारा संगठन पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच को रखते हुए इसके संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है, संगठन इसके लिए नित नए प्रयोग आगे भी करता रहेगा एवं लोगों को संदेश पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर देता रहेगा
संगठन के प्रांतीय महासचिव श्री आर के विजयकर , संगठन की सशक्त महिला नेत्री श्रीमती माला खातरकर, संगठन की कर्मचारी हितैषी नेतृत्व की पहचान श्रीमती उषा सातनकर, श्री हेमराज पाटिल श्री गजानंद पंडाग्रे श्री खुशराज कापसे श्री कमलेश निरापुरे संचालक दृष्टि एजुकेशन पॉईंट सदर बैतूल पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

माटी का तिलक लगाऊं मैं- नरवरे बंधुआलेख प्रस्तुति- एस ब्राह्मणे


माटी का तिलक लगाऊं मैं- नरवरे बंधु
आलेख प्रस्तुति- एस ब्राह्मणे

“भारत माता का वीर सपूत हूं मैं
रणभूमि का तिलक लगाऊंगा मैं
मातृभूमि पर आंच नहीं आने दूंगा
चाहे तिरंगे में लपेटकर आऊंगा मैं
राष्ट्रभक्ति मेरा धर्म है निभाऊंगा में
वतन के लिए भले मिट जाऊं मैं
भारत माता का वीर सपूत हूं -मैं.”

आइए
मैं आपको वर्तमान समय में पूरा विश्व जब आज जीवन और मृत्यु के बीच में संघर्ष करते हुए नजर आ रहा है ऐसे समय में कुछ योद्धा अपने कर्तव्य के मार्ग पर डटे हुए हैं ऐसे योद्धाओं की व्याख्या मेरे शब्दों के द्वारा, मेरे विचारों के द्वारा , मेरी लेखनी के द्वारा किया जा रहा है
क्योंकि किसी ने कहा है
“कुछ योद्धाओं की चमक नहीं जाती
कुछ यादों की कसक नहीं जाती कुछ लोगों से होता है गहरा रिश्ता दूर रहकर भी उनकी महक नहीं जाती”……
एक ऐसे राष्ट्र प्रेमी ,देशभक्त अदम्य साहस और वीरता के पर्याय जिन्होंने सेना में अपनी सेवाएं देते हुए देश प्रेम की भावना का का पालन किया , जांबाज योद्धा स्वरूप सेवाएं दी और सेना में नौकरी करने के बाद जब उनकी योद्धा के बतौर घर सकुशल वापसी हुई , रिटायरमेंट के बाद अपने लोगों के बीच में हुई तो वे कहां चुप बैठने वाले थे, उनके पास अदम्य साहस और वीरता वाला पराक्रम ,हिम्मत ,हौसला देश प्रेम की भावना ,लोगों की मदद करना ,लोगों के सुख दुख में काम आना ,बिना किसी स्वार्थ के बिना किसी लोभ प्रलोभन के ,वे देशभक्ति की खातिर ,राष्ट्रप्रेम के खातिर ,निरंतर सेवा भाव से जनता की सेवा में लगे हुए हैं , वे आज भी कोरोना काल में पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे हुए हैं साथ ही स्वास्थ्य विभाग में जहां दल बल की आवश्यकता होती है वे अपना योगदान दे रहे हैं वे निरंतर वैक्सिंग के लिए लोगों को तैयार कर रहे हैं और सेंटरों पर व्यवस्था बनाए हुए हैं लोगों को रक्त दान देने के लिए भी हमेशा आगे खड़े रहते हैं
आइए मैं उनसे आपका परिचय करवाते हुए मैं आपको बताना चाहूंगा की किस तरह से दो फौजी भाइयों की कर्मठता , देश प्रेम वीरता साहस पराक्रम जन सेवा, राष्ट्र सेवा ,मानव सेवा जिनके दिलों में हो, ऐसे जांबाज योद्धा के बारे में दो शब्द लिखकर मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं ,धन्यवाद का पात्र समझता हूं आज दो भाइयों की वीरगाथा को अपने शब्दों में बयां करने का जो सौभाग्य मिला है ऐसा लगता है मानो मेरी लिखनी ने आज अमरत्व को प्राप्त कर लिया है .
आइए इन दोनों भाइयों की वीर गाथा को बयां करने से पहले उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि से मैं तुम्हें अवगत कराना चाहूंगा

इन दोनों भाइयों के नाम विजय नरवरे एवं संजय नरवरे है इनके पिता जी का नाम_ लखनलाल नरवरे, माता का नाम_ श्रीमती काशीबाई नरवरे है एक मध्यम एवं साधारण परिवार में जन्म लेने के पश्चात परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण माता पिता ने दोनों बच्चों को शिक्षा प्राप्त करवाई माता-पिता से प्रेरणा लेकर दोनों ही बेटों में एक जुनून एक जज्बा हिम्मत हौसला देश के प्रति अपनी जवाबदेही निश्चित की सबसे पहले सेना में भर्ती हुए
एक ही दिन दोनों भाइयों की जॉइनिंग हुई 2003 में हुई लेकिन जज्बा जुनून और जन सेवा बिल्कुल किसी बहादुर योद्धा से कम नहीं था और सफलता भी हाथ लगी देश प्रेम की भावना इनकी दिलों मे विराजमान थी दोनों ही बेटे विजय ( बेटा) भारतीय सेना में शामिल होकर अपने परिवार के लिए इतिहास बना दिया ,
बड़े भाई विजय नरवरे के बारे में बात करते हैं तो हमें जानकारी प्राप्त होती है कि इन्होंने अपने स्कूली जीवन में ही एनसीसी लेकर बीएलसी मे लीडरशिप प्राप्त की और 12वीं क्लास में मात्र 17 वर्ष 6 महिने की आयु में सेना ज्वाइन कर ली, सरल सहज मिलनसार व्यवहार कुशल के साथ-साथ अनुशासन के पक्ष में अपने जीवन को व्यतीत करने वाले बेदाग छवि और कर्तव्य पालन के साथ-साथ अनुशासन का पालन करते रहे हमेशा दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में कभी पीछे नहीं रहे, इन्होंने दुश्मनों की कई बार छक्के छुड़ाए है इसी प्रयास में एक बार आतंकवादी हमले की शिकार हुए थे लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था स्वस्थ होकर अपने कर्तव्य मार्ग पर डटे रहे
अब मैं उनके छोटे बेटे संजय नरवरे के व्यक्तित्व के बारे में बताना चाहूंगा हष्ट पुष्ट आकर्षण युक्त व्यक्तित्व सादगी और सरलता के पुजारी अनुशासन का अपने जीवन में कड़ाई से पालन कर अपने जीवन को बड़े ही सहज रूप से जीने वाले संजय बचपन से ही मेधावी छात्रों के रूप में अपना विशिष्ट स्थान रखते थे परिवार की आर्थिक ना होने के कारण , देश के प्रति उनकी लगन और समर्पण भाव को देखते हुए सेना में भर्ती हो गए आप भी बड़े सहज सरल आकर्षक सुडोल व्यक्तित्व वाणी की मिठास विशिष्ट कार्य शैली से लोगों के दिलों पर राज करने वाले जांबाज योद्धा के रूप में सेना में नौकरी की और आप बचपन से ही स्काउट के शौकीन रहे है और कई जगह कैंप लगाए और लोगों की मदद की स्कूली जीवन में ही मात्र ग्यारहवीं क्लास पढ़ते पढ़ते 16 वर्ष 6 महीने की आयु में आपने सेना ज्वाइन कर ली
यह अजीब संयोग है, इसे ईश्वर का संयोग ही कहा जा सकता है, देश प्रेम की भावना दोनों ही भाइयों में कूट-कूट कर भरी हुई थी साथ ही जनसेवा एवं परमार्थ के कार्य को करने में इन्हें जो आनंद मिलता है उसे शब्दों में बयां कर पाना बड़ा मुश्किल है ,लेकिन हां
2003 में दोनों ही भाइयों ने एक ही दिन एक ही साथ सेना में भर्ती होकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे
2010 में दोनों ही सैनिक योद्धाओं की शादी भी एक ही दिन हुई,
इनके दोनों पुत्रों का जन्म भी एक ही दिनांक को हुआ
इसके अलावा सेना से सेवानिवृत्ति भी एक ही दिन हुई,

दोनों ही भाइयों की कार्य करने की इच्छा शक्ति, विशिष्ट शैली से और लोगों की मदद करना, लोगों के काम आना, बिना किसी स्वार्थ के बिना , बिना किसी प्रलोभन के लोगों के लिए एक आदर्श स्थापित करते हुए इन दोनों भाइयों का जो व्यक्तित्व लोगों के बीच में उभर कर सामने आया है निसंदेह हुआ तारीफ के काबिल है , हम सब के लिए गौरव का विषय है, गर्व महसूस होता है, आज भी इन दोनों जांबाज योद्धाओं के दिलों में देश के लिए, समाज के लिए ,राष्ट्र के लिए, मानव समाज एवं जन कल्याण, मातृभूमि की रक्षा के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना, इनके दिलों में है
के दर्शन हमें तब होते हैं जब उनके द्वारा किए जाने वाले सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों की गतिविधियों पर हम प्रकाश डालते हैं
अवगत है कि बैतूल पुलिस ग्राउंड में बीते साल से 5:30 बजे से सुबह सुबह 7:30 तक महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण (नारी शक्ति) अभियान चलाते हैं एवं उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं साथ ही गांव एवम शहर के युवा नौजवान हो, जो सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता है , उनके व्यक्तित्व के निर्माण के लिए, रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य को लेकर रोज शारीरिक शिक्षा जो कि सेना में भर्ती होने के लिए मुख्य परीक्षा कहलाती है को प्रशिक्षित करते हैं, इसके अलावा भी अनेक जनकल्याणकारी, सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों को करते है महिलाओं को उनके अधिकार एवं उनके कर्तव्य नारी का मान सम्मान और अभिमान को लेकर उनके ऊपर हो रहे अत्याचार , अन्याय एवं शोषण घरेलू हिंसा, दुराचार ,बालिका शिक्षा को बढ़ावा के साथ-साथ समय-समय पर जागरूकता रैली, उनके लिए योग शिक्षा को बढ़ावा ,आत्मरक्षा के गुर सिखाना आदि उपायों की जानकारी शिविर के माध्यम से उनको देना ,उन्हें जागरूक करते आ रहे हैं ,आज के इस वैश्विक महामारी के दौर में जब लोग अपने अपने घरों में आराम से रह कर के अपने जीवन चर्या को सीमित कर रहे हैं लेकिन आज भी “नरवरे- बंधु” दोनों भाई कोरोना योद्धा की तरह कोरोना कॉल में भी शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनसेवा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निडरता, साहस, हौसला ,हिम्मत के साथ कर्तव्य मार्ग पर डटे है, लोगों की मदद के लिए, सेवा के लिए ,लोगों के सुख दुख में काम आने के लिए, लोगों को जागरुक करने के लिए ,दृढ़ संकल्प के साथ-साथ जनसेवा , मानव सेवा की भावना का सम्मान करते हुए बिना किसी लोभ या प्रलोभन के पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने राष्ट्र धर्म का पालन कर रहे हैं देशभक्ति की भावना जो इनके दिलों में है वह काबिले तारीफ है उन्हें अपने परिवार की चिंता नहीं है उन्हें चिंता है देश की दुनिया की, हम लोगों की, इसीलिए रात दिन 24 घंटे अनवरत रूप से जन सेवा कर रहे हैं, मानव की सेवा कर रहे हैं, मानव धर्म के साथ राष्ट्र धर्म का पालन कर रहे हैं, इसके अलावा” रक्तदान” है महादान अभियान के तहत भी समय-समय पर इनके द्वारा लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से रक्त कैंप का आयोजन भी किया जाता रहा है कई बार इन्होंने जिन्हें रक्त की आवश्यकता होती है उस समय इन्होंने लोगों को रक्तदान करके उनकी जिंदगी यूं को संवारा है बचाया है, धन्य है ऐसे वीर योद्धा जिनके जन्म से हमारा जिला हमारा शहर हमारा बैतूल अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है बैतूल की धरती मां उनका अभिनंदन करती है ऐसे सेना के जांबाज योद्धाओं को इनकी सकारात्मक सोच ,देश प्रेम की भावना ,त्याग, तपस्या, संकल्प के साथ ,राष्ट्र धर्म का पालन करते हैं पूरी निडरता से बेबाक तरीके से बिना किसी की चिंता किए बिना, परिवार की चिंता किए बिना आज कोरोना योद्धा के रूप में वॉलिंटियर्स के रूप में निरंतर कल्याणकारी एवं जन उपयोगी कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं वंदन करते हैं अभिनंदन करते हैं ऐसे वीर पुत्रों को मेरे शब्दों के द्वारा उनका सम्मान किया जाना उनकी कार्यशैली का सम्मान किया जाना उनकी देशभक्ति का सम्मान उनके साहस पराक्रम का सम्मान उनकी लगन कर्तव्य परायणता का सम्मान किया जाना बहुत नितांत आवश्यक है क्योंकि किसी कवि ने कहा है ..
“वह खून कहो किस मतलब का जिसमें उबाल का नाम नहीं ,
वह इंसान भी किसी मतलब का नहीं
जिसमें स्वदेश के प्रति प्यार नहीं”

अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि इन दोनों सैनिक बंधुओं से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए, हमें इनसे सीखना चाहिए, देशभक्ति का पाठ , मानव सेवा ,जन कल्याण के कार्य ,सतत सेवा भाव आदि को अपने जीवन में उतार कर हम अपने जीवन को सार्थक और कामयाब बना सकते हैं, मातृभूमि की रक्षा के लिए हम काम आ सकते हैं ,देश की शहादत में, देश की एकता और अखंडता में हम देश के सच्चे सपूत होने का हमें गौरव प्राप्त हो सकता है, बस शर्त यह है कि हम पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे ,वंदन करता हूं ,अभिनंदन करता हूं ,समाज ,राष्ट्र एवं जन कल्याण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए प्रयासों को मैं प्रणाम करता हूं
पंडित श्रीकृष्ण सरल कवि के द्वारा रचित इन भावों के साथ अपनी लेखनी को यहां पर विराम देते हुए कहता हूं, इन दोनों सैनिक बंधुओं से…
मत ठहरो ,सैनिक बंधुओं तुमको आगे चलना है
वतन की राह पर चलने से तुम्हें नहीं डरना है
तुम चलो आगे और जमाना अपने साथ चलाओ
जो पिछड़ गए हैं प्रेरित कर उन्हें आगे बढ़ाओ
तुमको प्रतीक बनना है विश्व शांति और प्रगति का
तुमको जनहित के सांचे में ढलना है
मत ठहरो सैनिक बंधुओं तुम्हें आगे बढ़ना है”
आगे बढ़ने से तुमको नहीं डरना है
मत ठहरो तुमको चलना ही चलना हैह

आलेख एवं संकलन-
एस.ब्राह्मणे “सरल”
लेखक साहित्यकार कवि एवं चिंतक, मानस नगर बैतूल
मोबाइल नंबर 78282 86 568
Syamdevbrahmane0404@gmai

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

नही रहे समाजसेवी सेवाराम परिहार


बैतूल- जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के संरक्षक, मार्गदर्शक, पूर्व सचिव, समाजसेवी मध्यप्रदेश विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त भग्गुढाना बैतूल निवासी श्री सेवाराम जी परिहार का निधन आज दिनांक 23/04/2021 दिन शुक्रवार को लम्बी बीमारी के कारण हो गया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में श्रेष्ठ स्थान प्रदान करे एवं शोकाकुल परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की ईश्वर शक्ति प्रदान करें। श्री सेवाराम जी परिहार का निधन समस्त पवार समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

समाज के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष बाबूलाल कालभोर सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों और सामाजिक बंधुओं ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही मुलतापी समाचार बैतूल भी श्री सेवाराम जी परिहार को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

नही रहे समाजसेवी अवनीश पाटनकर


बैतूल- लोनारी कुनबी समाज सेवा संगठन के पूर्व अध्यक्ष और कर्मठ समाजसेवीयों में गिने जाने वाले ग्राम करजगाँव की माटी के लाल श्री अवनीश पाटनकर का बीती रात 12:30 बजे के करीब भोपाल के चिरायु अस्पताल में निधन हो गया। जैसे ही श्री अवनीश पाटनकर के निधन का समाचार प्राप्त हुआ कुनबी समाज सहित जिलें में भी शोक की लहर व्याप्त हो गई। कोरोना काल के चलते श्री अवनीश पाटनकर जी के चाहने वालों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही पूर्व मंत्री और वर्तमान मुलताई विधायक श्री सुखदेव पांसे ने भी नहीं सोशल मीडिया के माध्यम से शोक प्रकट किया है।

वे समाज के सच्चे व कर्मठ सेवक थे, उन्होंने समाज को एक नई दिशा दी, उनके निधन पर मुलतापी समाचार भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हैं और ईश्वर से प्रार्थना करता हैं कि दिवंगत आत्मा को सदगति मिले।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

पुरुष प्रधान संस्कृति को पीछे छोड़ते हुए छह बेटियों और एक बेटे ने दिया पिता की अर्थी को कंधा


बैतूल – पुरुष प्रधान संस्कृति को पीछे छोड़ते हुए छह बेटियों एवं एक बेटे ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया। कहते हैं कि बेटी कभी पिता पर बोझ नहीं होती इसी का जीता जागता उदाहरण आज हमें ग्राम सांडिया में देखने को मिला जहां ग्राम सांडिया के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री निंबाजी नागले जी का 76 वर्ष की उम्र में अस्थमा के अटैक से 18 अप्रैल को देहांत हो गया था, कोरोना काल की आपदा को ध्यान में रखते हुए हैं परिवारवालों ने ना ही परिजनों को बुलाया और ना ही गांव वासियों को बुलाया। ऐसी परिस्थिति में 19 अप्रैल को अन्त्येष्टि छ: बेटियों निरुपमा, करुणा, ममता, हेमलता, बबली, बाली और बेटे बुद्धिशंकर नागले ने अपने पिता को कंधा देकर गांव के मोक्ष धाम में अंतिम क्रिया कर्म के सभी संस्कार पूरे किए। सभी छह बहनों एवं एक भाई ने एक साथ मृत पिता को मुखाग्नि भी दी।

इतनी सारी उलझन है और पप्पा तुम भी पास नहीं
ये बिटिया तो टूट चुकी है, अब तो कोई आस नहीं, पर पप्पा ! तुम घबराना मत, मैं फिर भी जीत के आउंगी
मेरे पास जो आपकी सीख है, मैं उससे ही तर जाऊंगी

रोंढा में 92 वर्षीय पुरुष और भोगीतेढ़ा में 90 महिला ने लगाई कोरोना वैक्सीन


रोंढा निवासी 92 वर्षीय किशन पंवार ने लगवाया कोरोना का टीका

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा निवासी 92 वर्षीय श्री किशन पंवार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोंढ़ा में कोरोना बीमारी से बचाव हेतु कोविड-19 का पहला टीका लगवाया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह तोमर के निर्देशन में एएनएम श्रीमती आभा डिगरसे ने उन्हें टीका लगाया। श्री किशन ने कहा कि जैसे बच्चों को अन्य बीमारियों का टीका लगवाने में कोई नुकसान नहीं है, उसी तरह बड़ों को, बुजुर्गों को, पात्र नागरिकों को आगे आना चाहिए और कोविड टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। कोरोना बीमारी के खतरे का सामना करने में कोविड का टीका सुरक्षा का एक बेहतर विकल्प है।

90 वर्षीय सुगंतीबाई परिहार ने कराया कोविड टीकाकरण

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम भोगीतेड़ा निवासी 90 वर्षीय श्रीमती सुगंती बाई परिहार ने हेल्थ एन्ड वैलनेस सेंटर भोगीतेड़ा में कोरोना बीमारी से बचाव हेतु कोविड-19 का पहला टीका लगवाया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि उन्होंने यह टीका सहर्ष लगवाया और कहा कि टीका लगवाने में कोई नुकसान नहीं है, ग्राम के सभी पात्र नागरिक आगे आएं और कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं। कोरोना बीमारी से हर उम्र के लोगों को बचना है और कोविड का टीका बचाव का एक बेहतर तरीका है।

आज 170 पार कोरोना पॉजिटिव News बुलेटिन- बैतूल


मुलतापी समाचार

प्रशासन नही दिख रहा गम्भीर

राज्य शासन क्या कर रहा है , जनता हो रही परेशान

लोकडॉन के बावजूद भी दिन पे दिन बढ़ते जा रही संक्रमित मरीजों की संख्या

आज की लिस्ट में बैतूल , मुलताई के लोगो ने 1 सेन्चुरी, ओर 1 हाफ सेंचुरी पार की है

Betul मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आई.डी.एस.पी.से प्राप्त जानकारी के अनुसार 170 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जानकारी इस प्रकार है- चूडि़या निवासी 29 वर्षीय युवती, चिचोलीढ़़ाना भैंसदेही 38 वर्षीय पुरूष, बासनेर कलॉ भैंसदेही निवासी 32 वर्षीय पुरूष, हिडली आठनेर निवासी 9 वर्षीय बालिका, सातनेर आठनेर निवासी 7 वर्षीय बालिका, हिडली आठनेर निवासी 9 वर्षीय बालक, वार्ड नं. 8 आठनेर निवासी 38 वर्षीय पुरूष, काजली प्रभात पट्टन निवासी 24 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 8 आठनेर निवासी 26 वर्षीय युवती एवं 32 वर्षीय पुरूष, निरगुड डेम आठनेर निवासी 36 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 8 आठनेर निवासी 5 वर्षीय बालिका, लेहदाथावड़ी भीमपुर निवासी 30 वर्षीय पुरूष, भीमपुर निवासी 52 वर्षीय पुरूष, गुल्लरढ़ाना चूनालोमा भीमपुर निवासी 55 वर्षीय पुरूष, रेलवे कालोनी आमला निवासी 48 वर्षीय महिला, वार्ड नं. 9 आमला निवासी 55 वर्षीय महिला, रेलवे कालोनी आमला निवासी 53 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 6 आमला निवासी 40 वर्षीय पुरूष, बोरदेही आमला निवासी 21 वर्षीय पुरूष, हसलपुर आमला निवासी 38 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 6 आमला निवासी 36 वर्षीय पुरूष, बडगांव आमला निवासी 30 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 10 आमला निवासी 26 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 13 आमला निवासी 11 वर्षीय बालिका, सालईढाना आमला निवासी 44 वर्षीय पुरूष, रेलवे कालोनी आमला निवासी 35 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 17 आमला निवासी 35 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 7 आमला निवासी 32 वर्षीय पुरूष, गोवाढाना सेहरा निवासी 33 वर्षीय महिला, 36 वर्षीय महिला, 32 वर्षीय पुरूष, 65 वर्षीय पुरूष एवं 15 वर्षीय बालक, सोनाघाटी सेहरा निवासी 30 वर्षीय युवक एवं 8 वर्षीय बालिका, जामठी सेहरा निवासी 50 वर्षीय महिला एवं 30 वर्षीय पुरूष, लिंक रोड सदर बैतूल निवासी 45 वर्षीय पुरूष, कृष्णपुरा वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 45 वर्षीय पुरूष, प्रभात पट्टन निवासी 35 वर्षीय महिला, प्रताप वार्ड भाग-2 टिकारी बैतूल निवासी 22 वर्षीय युवक, घाटबिरोली प्रभात पट्टन निवासी 55 वर्षीय महिला, शांति वार्ड सदर बैतूल निवासी 31 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 17 पाथाखेड़ा निवासी 53 वर्षीय पुरूष, बजरंग कॉलोनी घोड़ाडोंगरी निवासी 32 वर्षीय पुरूष, भौंरा निवासी 23 वर्षीय युवती, दौंडी शाहपुर निवासी 25 वर्षीय युवती, बरबटपुर शाहपुर निवासी 25 वर्षीय युवती, बस स्टेण्ड शाहपुर निवासी 23 वर्षीय युवती एवं 22 वर्षीय युवती, परसाई मोहल्ला शाहपुर निवासी 63 वर्षीय महिला, भगतसिंह वार्ड मुलताई निवासी 36 वर्षीय महिला, घोड़ाडोंगरी निवासी 65 वर्षीय महिला, जाडीढाना स्कूल के पास चिचोली निवासी 48 वर्षीय महिला, कुम्हार मोहल्ला चिचोली निवासी 90 वर्षीय महिला, उदय मोहल्ला वैल्लौर चिचोली निवासी 40 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 13 नीमिया निवासी 32 वर्षीय पुरूष, शाहपुर निवासी 18 वर्षीय बालिका एवं 49 वर्षीय पुरूष, भौंरा शाहपुर निवासी 53 वर्षीय पुरूष, बाडेगांव मुलताई निवासी 48 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 13 आमला निवासी 55 वर्षीय महिला, सोनतलाई आमला निवासी 70 वर्षीय पुरूष, ससाबड आमला निवासी 35 वर्षीय पुरूष, मुलताई निवासी 56 वर्षीय पुरूष, मांझी नगर हमलापुर निवासी 55 वर्षीय पुरूष, मिशन कम्पाउण्ड कोठी बाजार बैतूल निवासी 63 वर्षीय महिला, कोतीवाली बैतूल का 32 वर्षीय पुरूष, विकास नगर बैतूल निवासी 45 वर्षीय पुरूष, मिशन कम्पाउण्ड कोठी बाजार बैतूल निवासी 53 वर्षीय महिला, पटेल वार्ड मानस नगर सदर बैतूल निवासी 35 वर्षीय महिला, कृष्णपुरा टिकारी बैतूल निवासी 60 वर्षीय महिला, डहरगांव बैतूल निवासी 32 वर्षीय पुरूष, शंकर वार्ड भग्गूढ़ाना बैतूल निवासी 50 वर्षीय पुरूष एवं 60 वर्षीय पुरूष, सुभाष नगर फारेस्ट बेरियर इटारसी निवासी 43 वर्षीय पुरूष, थाना कोतवाली बैतूल का 52 वर्षीय पुरूष, खंजनपुर बैतूल निवासी 46 वर्षीय पुरूष, सिविल लाईन गंज बैतूल निवासी 57 वर्षीय पुरूष, चंदौरा मुलताई निवासी 49 वर्षीय पुरूष, चक्कर रोड बैतूल निवासी 48 वर्षीय महिला, कृष्णपुरा वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 25 वर्षीय युवती, गेंदा चौक बैतूल निवासी 29 वर्षीय पुरूष, अम्बेडकर वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 45 वर्षीय पुरूष, चन्दशेखर वार्ड सदर बैतूल निवासी 58 वर्षीय पुरूष, मोरखा आमला निवासी 57 वर्षीय पुरूष एवं 26 वर्षीय युवक, चन्द्रशेखर वार्ड बैतूल निवासी 35 वर्षीय पुरूष, शिवाजी वार्ड बैतूल निवासी 52 वर्षीय पुरूष, बैतूल बाजार निवासी 22 वर्षीय महिला, विवेकानंद वार्ड चिचोली निवासी 40 वर्षीय महिला, बीजेपी कार्यालय के पास बैतूल निवासी 12 वर्षीय बालक, अर्जुन वार्ड कालापाठा बैतूल निवासी 45 वर्षीय पुरूष एवं 15 वर्षीय बालिका, गजपुर बैतूल निवासी 35 वर्षीय पुरूष, पुराना बच्चा जेल महावीर वार्ड बैतूल निवासी 18 वर्षीय युवक, विनोवा वार्ड बैतूल निवासी 40 वर्षीय महिला, गंगौत्री कालोनी बैतूल निवासी 16 वर्षीय बालक, 45 वर्षीय पुरूष एवं 42 वर्षीय महिला, सतपाल आश्रम के पास प्रताप वार्ड बैतूल निवासी 54 वर्षीय पुरूष,

प्रभात पट्टन निवासी 65 वर्षीय महिला, अम्बेडकर वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 39 वर्षीय पुरूष, सड़क मोहल्ला चिचोली निवासी 49 वर्षीय महिला, काजली शाहपुर निवासी 30 वर्षीय युवक, बघोडा निवासी 22 वर्षीय युवक, मालेगांव निवासी 64 वर्षीय पुरूष एवं 36 वर्षीय पुरूष, हिवरखेड निवासी 62 वर्षीय पुरूष, 45 वर्षीय पुरूष एवं 12 वर्षीय बालिका, ताईखेड़ा प्रभात पट्टन निवासी 30 वर्षीय युवती, डहुआ मुलताई निवासी 31 वर्षीय पुरूष, देवरी मुलताई निवासी 50 वर्षीय पुरूष एवं 20 वर्षीय युवक, बीरपुर चिचोली निवासी 27 वर्षीय युवक,

सर्रा मुलताई निवासी 50 वर्षीय महिला, सोनोरा मुलताई निवासी 38 वर्षीय पुरूष एवं 64 वर्षीय पुरूष, भगतसिंह वार्ड मुलताई निवासी 29 वर्षीय युवती, नेहरू वार्ड मुलताई निवासी 30 वर्षीय पुरूष, अम्बेडकर वार्ड मुलताई निवासी 43 वर्षीय पुरूष, सिलादेही मुलताई निवासी 55 वर्षीय महिला, 35 वर्षीय पुरूष एवं 60 वर्षीय पुरूष, अम्बेडकर वार्ड मुलताई निवासी 62 वर्षीय पुरूष, भगतसिंह वार्ड मुलताई निवासी 61 वर्षीय पुरूष, नागपुर रोड कामथ मुलताई निवासी 48 वर्षीय पुरूष, आमाडोह मुलताई निवासी 40 वर्षीय पुरूष, वार्ड 2 सारणी निवासी 33 वर्षीय पुरूष, ताप्ती वार्ड मुलताई निवासी 67 वर्षीय पुरूष, खैरवानी मुलताई निवासी 45 वर्षीय पुरूष, देहगुड मुलताई निवासी 35 वर्षीय महिला, प्रभात पट्टन निवासी 51 वर्षीय पुरूष, हिवरखेड प्रभात पट्टन निवासी 38 वर्षीय पुरूष, झिलपा प्रभात पट्टन निवासी 45 वर्षीय पुरूष, नांदकुडी प्रभात पट्टन निवासी 21 वर्षीय युवती, छिंदवाड आठनेर निवासी 42 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. 9 आठनेर निवासी 19 वर्षीय युवती एवं 27 वर्षीय युवक, मांडवी प्रभात पट्टन निवासी 60 वर्षीय पुरूष, सिराडी प्रभात पट्टन निवासी 32 वर्षीय पुरूष, 34 वर्षीय महिला एवं 7 वर्षीय बालिका, गंगोत्री कॉलोनी सारणी रोड बैतूल निवासी 12 वर्षीय बालिका, बच्चा जेल के पास टिकारी बैतूल निवासी 44 वर्षीय पुरूष, बैतूल रोड मुलताई निवासी 40 वर्षीय पुरूष, वार्ड नं. सारणी निवासी 52 वर्षीय पुरूष, चंदौरा मुलताई निवासी 72 वर्षीय पुरूष, महावीर वार्ड सदर बैतूल निवासी 43 वर्षीय महिला, पटेल वार्ड मुलताई निवासी 42 वर्षीय पुरूष, हनुमान चौक प्रभात पट्टन निवासी 48 वर्षीय महिला, जाम मुलताई निवासी 37 वर्षीय पुरूष,

बारस्कर कॉलोनी मोती वार्ड बैतूल निवासी 63 वर्षीय पुरूष, बारस्कर कॉलोनी तरंग मैरिज लॉन के पास बैतूल निवासी 26 वर्षीय महिला, अम्बेडकर वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 47 वर्षीय महिला, 60 वर्षीय पुरूष, विवेकानंद वार्ड ग्रीन सिटी बैतूल निवासी 35 वर्षीय पुरूष, मानस नगर बैतूल निवासी 45 वर्षीय महिला, जूनावानी सापना बैतूल निवासी 26 वर्षीय युवक, मालवीय वार्ड खंजनपुर बैतूल निवासी 40 वर्षीय पुरूष, प्रताप वार्ड टिकारी बैतूल निवासी 17 वर्षीय युवक, कढाई बैतूल निवासी 31 वर्षीय पुरूष, अर्जुन वार्ड कालापाठा बैतूल निवासी 11 वर्षीय बालिका, वार्ड नं. 19 पाथाखेड़ा सारणी निवासी 23 वर्षीय महिला, पुलिस लाईन बैतूल निवासी 29 वर्षीय युवती, पटेल स्कूल के पास खंजनपुर बैतूल निवासी 56 वर्षीय पुरूष, विनोवा नगर गंज बैतूल निवासी 49 वर्षीय महिला एवं चन्द्रशेखर वार्ड सदर बैतूल निवासी 66 वर्षीय पुरूष

घर पर रहें और सुरक्षित रहें।
घर से बाहर निकलने की लापरवाही नही करे ओर नही करने दे ।
45 साल आयु तक के टीका आवश्य लगवाये ओर अधिक से अधिक से लोगों प्रेरित करें-
मनमोहन पवार😷
मुलतापी समाचार
शारदा राम मनमोहन शेक्षणिक एवं समाज सेवा समिति का कुटुंब एप्प आ गया है ।

सभी पदाधिकारी और सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके एप्प इंस्टॉल करें और अपना पहचान पत्र डाउनलोड करें 👇👇
https://kutumb.app/sharada-ram-manamohan-shaikshanik-evam-samaj-seva-samiti?ref=XAMTE

स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही तब सामने आ रही, जीवित मरीज को मरा बताया, किसी की बॉडी किसी परिवार को दी, मरीजो की संख्या बढ़ी


स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही तब सामने आई, जब एक मरीज को 2 बार मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही किसी अन्य मरीज का शव परिजनों को बताने की कोशिश की गई। परिजनों ने जब शव को देखा तो वह हैरान रह गए, क्योंकि यह शव किसी और व्यक्ति का था । मामला सुल्तानिया के रहने वाले कोरोना पॉजिटिव गौरेलाल कौरी का है ।

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेजकोरोना पॉजिटिव को दो बार मृत बताया।

दरअसल, गौरेलाल की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान एक दिन पहले जहां रात के समय रोगी की स्थिति गंभीर बताई। फिर इसके बाद 13 अप्रैल की देर रात गौरेलाल को मरा हुआ बताया गया। गौरेलाल की मौत की खबर लगते ही हड़बड़ाहट में जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो बताया गया कि उनके मरीज की सांसे चल रही हैं। परिजनों ने डाक्टरों से मरीज के अच्छे इलाज की मांग की, लेकिन 14 अप्रैल बुधवार की सुबह साढ़े 8 बजे डाक्टर का एक बार फिर फोन आया। इस बार भी डाक्टर ने मरीज की मौत की खबर परिजनों को सुनाई।

शव देखा तो नहीं और कोई निकला

मरीज के बेटे ने जब शव देखने की जिद की तो पता चला कि यह किसी और का शव था। जांच पड़ताल की गई तो उनके मरीज की हालत गंभीर थी और वह आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे, जबकि मंगलवार की रात में ही स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों के अच्छे इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को

चेस्ट किया था। इस मसले पर अब कई सारे सवाल खड़े हो

गौरेलाल के बेटे कैलाश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने हमें काफी देर तक गफलत में डाल दिया, जब डेड बॉडी को देखा तब जाकर सच सामने आया। अभी उनके पिता की हालत गंभीर है, और वह संक्षेपण वार्ड में भर्ती हैं। कैलाश ने बताया कि इस मामले की शिकायत भी की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो सका। कैलाश ने बताया कि उनके पिता गौरेलाल भोपाल में रेलवे डाक विभाग में पोस्टमैन हैं।

मेडिकल कॉलेज के डॉ। । गंभीर आरोप लगे

मरीज के बेटे ने बताया कि दो दिन पहले उनका तबीयत बहुत बुरा बता रहा था। इसके बाद हमें बताया गया कि हमारे पिता की मृत्यु हो गई है, और नर्स ने 10 मिनट बाद कहा कि रोगी की सांस चल रही है। मैंने कहा कि डॉ से आप अच्छे से इलाज करते हैं, लेकिन डॉक्टरों की यही लापरवाही चल रही है और फिर शाम को बताया जा रहा है। कि मरीज के गले का ऑपरेशन किया जाएगा। फिर बाद में शाम 6 बजे ऑपरेशन के दौरान अपडेट आता है कि उनका ऑपरेशन करते-करते मौत हो गई है। जब हमने आकर देखा की मृत्यु प्रमाण पत्र घोषित कर दिया गया है। हमारे परिजन मरीज को देखने गए तो मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती था। हमें डेड बॉडी भी दी जाने लगी । जब हमने कहा कि डेड बॉडी का चेहरा देख लें। चेहरा देखने के लिए गए, तो हमारे मरीज का नहीं था, जबकि हमारा मरीज जीवित है।

लड़खड़ाते बोले डीन

सुनील नंदेश्वर मेडिकल कॉलेज के डीन का कहना है कि कोरोना के चलते आपाधापी बढ़ गई है। कहीं रोगी वेंटिलेटर पर हैं, तो दूसरे की सांस फूल रही है, तीसरे का यह हो रहा है, तो थोड़ा सा हो जाता है। डीन ने कहा कि मरीज वेंटिलेटर पर ही थे। उनके हृदय की गति रुक गई थी, तो इस बार किसी नर्स ने बताया कि उनकी मृत्यु हो गई है, लेकिन हृदय की गति रूकती है तो उसके बाद में डॉ। हृदय को दोनों हाथों से दबाकर हृदय को पुनः चालू करने की कोशिश करता है। जिसमें एक से दो घंटे लगभग लग जाते हैं।

डीन ने कहा,

हमारे यहां के डॉक्टरों ने उन्हें रिवाइज किया और फिर रिवाइज करने के बाद ब्लने वापस आई। और उन्हें फिर हमने वेंटिलेटर पर रखा था। इस कारण से यह थोड़ा सा कन्फ्यूजन हो गया। हमने उनके परिजनों को बता दिया है कि मरीज वेंटिलेटर पर है ।