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रचित विजयकर का सुयश


बैतूल – सीबीएसई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित कक्षा बारहवीं के नतीजों के तहत लिटिल फ्लावर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सदर बैतूल मध्य प्रदेश के रचित विजयकर पिता श्री आर. के.विजयकर, माता श्रीमती ज्योति विजयकर ने कक्षा 12वीं में विज्ञान संकाय 92% अंक लाकर कक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर एस. एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी मध्य प्रदेश बैतूल के पदाधिकारियों ने उनके निज निवास पर पहुंचकर छात्र की सफलता पर पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए उनका अभिनंदन एवं स्मृतिचिन्ह स्वरूप “विजिटिंग डायरी विद स्मार्ट पेन” भेंट किया। छात्र से अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और गुरुजनों एवं कड़ी मेहनत और परिश्रम को दिया। छात्र रचित विजयकर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आर.के.विजयकर (आदिवासी विकास बैतूल) के कनिष्ठ पुत्र हैं इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में सजाक्स संगठन के जिलाध्यक्ष एस. ब्राह्मणे ने छात्र रचित के उज्जवल सुखद और स्वर्णिम भविष्य के लिए अनंत अपार शुभकामनाएं दी।
बधाई देने वालों में श्री हेमराज पाटिल श्री गजानंद पंडाग्रे, श्रीमती माला खातरकर, श्रीमती उषा सातनकर, श्रीमती निर्मला भटनाकर, श्री सुरेश गायकवाड, श्री सतीश जोंधलेकर, श्री देवेंद्र बरथे आदि पदाधिकारियों ने छात्र की सफलता पर छात्र एवं उनके माता पिता को बधाई और शुभकामनाएं दी है साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की है।

अजब है एमपी गजब है एमपी


अजब है एमपी गजब है एमपी दिल टूटने पर चाय की दुकान खोल ली और चाय दुकान का नाम रखा “बेबफा चाय वाला” , दुकान की फोटो जमकर हो रही है वायरल


बैतूल- आपने दिल टूटने के काफी किस्से सुने होंगे दिल टूटने पर टूटे दिल का आशिक क्या नही कर बैठता टूटे दिल का आशिक ठीक जख्मी खूंखार शेर के माफिक हो जाता है, पर आज हम आपको एक ऐसे आशिक की कहानी बताने जा रहे हैं जिसका दिल टूट गया पर उसने अपना- संयम नहीं छोड़ा ओर एक चाय की दुकान खोली और उसका नाम रखा “बेवफा चाय वाला” ।

दिल टूटने पर चाय की दुकान खोल ले और नाम रख दे बेवफा चायवाला आपको भले ही आश्चर्य हो रहा होगा लेकिन यहां हकीकत है। शाहपुर क्षेत्र के नेशनल हाईवे 69 पर स्थित डोडरामोहर गांव में एक चाय की दुकान है जिसका नाम है बेवफा चायवाला इस दुकान की फोटो सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर वायरल हो रही है। यहां तक कि लोग चाय पीने जाते हैं तो सेल्फी खींचना भी नहीं भूलते हैं क्योंकि इस नाम का बड़ा ही आकर्षक लोगों में बना हुआ है । बताया जाता है कि डोडरामोहर गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास एक लड़का जिसका नाम मंगल है उसने चाय की गुमटी खोल रखी है दुकान का नाम बेवफा चायवाला स्पेशल चाय कार्नर है।  जब चाय पीने वाले लड़के से पूछते हैं कि अपने दुकान का नाम बेवफा चाय क्यों रखा तब उसने बताया कि वह गांव की लड़की से प्रेम करता था उसने उसे धोखा दे दिया और शादी कर ली इसके बाद से ही उसने कोई गलत कदम नहीं उठाते हुए उनकी याद में बेवफा के नाम पर अपनी चाय की गुमटी खोल ली और गुमटी का नाम बेवफा चायवाला रख लिया। मंगल करीब 6 महीने से चाय की दुकान चला रहा है और अपना एवं अपने परिवार का जीवन यापन कर रहा है।

डागा फाउंडेशन से सम्मान पाकर अभिभूत हुए सेवानिवृत्त शिक्षक


फाउंडेशन ने विधानसभा क्षेत्र के लगभग 1 हजार शिक्षकों का किया सम्मान

गुरु का दर्जा भगवान के बराबर: निलय डागा

बैतूल। निरंतर कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में डागा फाउंडेशन जो कार्य कर रहा है मैं समझता हूं कि फाउंडेशन का यह अभूतपूर्व प्रयास रहा है। खासकर गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह वरदान सिद्ध हुआ। डागा फाउंडेशन के जो प्रतिफल बच्चों को मिले हैं उसमें कई बच्चे ऐसे थे जो अभूतपूर्व प्रतिभा के धनी थे, लेकिन उनको मौका नहीं मिला था। लेकिन डागा फाउंडेशन ने यह जो कार्य किया है यह निचले तबके के विद्यार्थियों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। 

यह बात गुरु पूर्णिमा के अवसर पर डागा फाउंडेशन से सम्मान पाकर अभिभूत हुए बैतूल ब्लाक के ग्राम बाबई निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक वामनराव कुंभारे ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में व्यक्त किए। शिक्षक श्री कुंभारे ने कहा कि मेरी अवस्था इस समय 82 वर्ष की है परंतु डागा फाउंडेशन का जो यह कार्य है यह मेरे जीवन में एक नया प्रकाश लेकर आया है, और उन बच्चों को प्रकाशित कर रहा है जो निचले तबके के है, उनको भी उभरने का सुअवसर डागा फाउंडेशन ने दिया है। उल्लेखनीय है कि गुरु पूर्णिमा पर्व पर डागा फाउंडेशन ने विधानसभा क्षेत्र के लगभग 1 हजार शिक्षकों को सम्मानित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फाउंडेशन के सदस्यों ने घर-घर जाकर बैतूल एवं आठनेर ब्लॉक में निवासरत शिक्षकों को साल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

डागा फाउंडेशन जैसी सोच सबकी हो जाए तो यह देश चहुमुखी विकास करेगा

शिक्षक वामन राव कुंभारे ने आगे कहा कि डागा फाउंडेशन जैसी शिक्षा के क्षेत्र में यदि सभी कार्य करने लग जाए तो मैं ऐसा सोचता हूं कि यह देश जल्द ही चहुमुखी विकास कर पाएगा। डागा फाउंडेशन ने जो गुरु पूर्णिमा पर हम लोगों को सम्मानित किया है, यह वास्तव में हम लोगों को अभिभूत करने वाला है। हमारे प्रति जो उन्होंने प्रेम जाहिर किया है वह अतुलनीय है.. हम खुशी से लबरेज है, यह हम जानते हैं। ईश्वर ऐसी ही सद्बुद्धि और सद मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। हम इसकी कामना करते हैं बहुत सारा आशीर्वाद शुभकामनाएं देते हैं।

https://youtu.be/MhOR44POfdM

विधायक निलय डागा ने कहा कि डागा फाउंडेशन ने गुरुजनों के महत्व को समझते हुए कोरोना से सुरक्षा की गाइडलाइन का पालन करते हुए घर-घर जाकर शिक्षकों का सम्मान कर अपनी परंपरा का निर्वहन किया है। श्री डागा ने बताया कि फाउंडेशन ने कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत कार्यक्रम का स्वरूप बदला है लेकिन गुरु के महत्व को नहीं भूले हैं। प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी शाल श्रीफल से सेवानिवृत्त शिक्षकों का घर घर जाकर सम्मान किया गया। उन्होंने कहा जीवन में गुरु का विशेष महत्व है। गुरु अंधेरे से शिष्य को प्रकाश में लाता है। गुरु न हो तो जीवन में कुछ भी हासिल करना कठिन है। इसलिए गुरु का दर्जा भगवान के बराबर माना गया है। उन्होंने कहा गुरु हमारे जीवन को सही राह पर ले जाते हैं। गुरु के बिना यह जीवन बहुत अधूरा है। गुरु पुर्णिमा गुरु के प्रति नतमस्तक होकर कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।

एक नहीं अनेक शिक्षकों को सम्मान देने की परंपरा डागा फाउंडेशन ने शुरू की है, डागा फाउंडेशन परोपकार की भावना लेकर काम कर रहा है। डागा फाउंडेशन ने हमारा सम्मान किया है इससे हम अभिभूत है। फाउंडेशन का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं। किसनलाल कासदे, सेवानिवृत्त शिक्षक

गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मुझे सम्मानित करने के लिए डागा फाउंडेशन का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार। खेमराज मगरदे, सेवानिवृत्त प्राचार्य जेएच कॉलेज

ये प्रसन्नता का विषय है गुरुओं के दिये आदर्शों को डागा फाउडेशन ने निरन्तर संजोए रखा है। एस.टी डोंगरे,सेवानिवृत्त शिक्षक

डागा फाउंडेशन ने कोरोना काल में भी गुरु सम्मान की परम्परा को संजोए रखा गुरुओं के प्रति यह सच्ची श्रद्धा है। सम्मान करने वाले पदाधिकारियों को आशीर्वाद। श्रीमती नर्मदा डोंगरे, सेवानिवृत  शिक्षिका

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ को धमकाना बर्दाश्त नही किया जायेंगा- पांसे


पूर्व कैबिनेट मंत्री और बैतूल जिले की मुलताई तहसील के विधायक श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ को धमकाना बर्दाश्त नही किया जाएगा।

मुलताई – वर्तमान भाजपा सरकार ने प्रजातांत्रिक मूल्यों की सारी मर्यादायें तोड़ दी हैं । सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती हैं। अन्य राजनैतिक दलों के जन प्रतिनिधियों को लोभ-लालच डरा धमकाकर अपने दल में मिलाना विरोधी नेताओं का अपहरण कर उन्हें चुनावी फार्म न जमा करने देना अनैतिक तरीके से सत्ता हासिल करना,विरोधी नेताओं की जासूसी करवाना, उनके यहां आयकर एवं सी.बी.आई. से छापे डलवाकर झूठे केसों में फसवाना जिससे कोई भाजपा सरकार के खिलाफ न बोले उनके भ्रष्टाचार उजागर न करें, उनकी तानाशाही नीति का विरोध न करें।

इसके बावजूद भी जब आम जनता, जुझारू जनप्रतिनिधिगण एवं पत्रकार जगत के लोग नहीं डरे तो उनके यहां छापा डलवाना शुरू कर दिया।इसी कड़ी में आज दैनिक भास्कर समाचार पत्र के संचालकों के यहां छापा मारकार उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रजातंत्र के इस चौथे स्तंभ को धमकाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जायेगा। उक्ताशय के विचार पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखदेव पांसे ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से व्यक्त किये।

पूर्व कैबिनेट मंत्री वर्तमान विधायक श्री सुखदेव पांसे जी ने बताया कि दैनिक भास्कर सहित अन्य समाचार पत्रों ने कोरोना से हुई मौतों का आकड़ा, शमशान में जलती चिताओं की तस्वीर, गंगा किनारे गाड़े गये शवों की तस्वीर,भाजपा सरकार का फेलुवर जासूसी कांड की रिपोर्ट सहित कई आलेख लिखे थे। जनता के समक्ष समाचार पत्रों द्वारा निष्पक्ष लेख लिखने से भाजपा सरकार तिलमिला गई। इसीलिए शायद वह समाचार पत्रों के संचालकों पर छापेमार कर उन्हें डराना चाह रही है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। हर प्रजातंत्र का रक्षक व्यक्ति प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ के साथ खड़ा है तथा वह सरकार की इस छापामार कार्यवाही का कड़ा विरोध करता हैं।

दिव्यांग जियालाल खपरिये ने लगवाया कोरोना का दूसरा टीका


बैतूल- जिले में लगातार अब सभी वर्ग के नागरिक कोविड टीकाकरण हेतु सहमत हो रहे हैं। सोमवार 19 जुलाई 2021 को रोंढा निवासी 56 वर्षीय जियालाल खपरिये के द्वारा ग्राम पंचायत रोंढा स्थित कोविड टीकाकरण सत्र स्थल पर कोरोना से बचाव हेतु द्वितीय टीका लगवाया गया।
श्री जियालाल खपरिये दोनों आँखों से दिव्यांग हैं उसके बावजूद कोविड टीकाकरण कराने स्वयं आगे आये और स्वास्थ विभाग की एएनएम श्रीमती आभा डिगरसे द्वारा वैक्सीन लगाने का कार्य किया गया।

जियालाल खपरिये का कहा कि कोरोना बीमारी से बचाव के लिये शासन द्वारा नि:शुल्क टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में सभी पात्र नागरिकों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिये। उन्होंने संदेश दिया कि टीका लगवाकर इस बीमारी से स्वयं भी बचें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

रोंढा में वैक्सीन लगाने वालों की उमड़ी भीड़, स्वास्थ्य विभाग को करनी पड़ी मसकत


बैतूल – जिला मुख्यालय के सेहरा ब्लॉक में आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोंढा में कोरोना टीकाकरण महाअभियान के तहत 200 नागरिकों को कोरोना का टीका लगाया गया।

समय से पहले लोगों के पहुँचने से स्वास्थ्य विभाग की बडती है मुसीबत– टीका लगाने के लिए सुबह 7:00 बजे से ही नागरिकों की भीड़ लगना शुरू हो गई और करीब 9:00 बजे तक 200 से ज्यादा लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जा पहुंचे। अधिक भीड़ और धक्कामुक्की की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत को व्यवस्था बनाने के लिए काफी मसकत करनी पडी़।

टोकन बाँटने के बावजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ करते रहे वादविवाद – वैक्सीन लगाने वालों को टोकन बाँट देने के बावजूद भी अपनी बारी का इंतजार करना मुनासिब नही समझा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ बीच बीच में वादविवाद करते नज़र आए। शाम 4 बजे तक स्वास्थ केन्द्र पर भारी संख्या में कोरोना वैक्सीन लगाने वालों की भीड़ लगी रही।

वैक्सीन लगाने वाले नागरिक अॉनलाईन के चक्कर में होते रहे परेशान – वैक्सीन लगाने वाले नागरिक अॉनलाईन के चक्कर में परेशान होते रहे ओटीपी और मोबाइल नम्बर के चक्कर में लोगों को वैक्सीन सेन्टर बिना वैक्सीन लगाए ही वापस लौटना पड़ा।

FPO के मार्गदर्शन में किया गया पौधारोपण का कार्य


बैतूल- कृषि विकास सहकारी समिति द्वारा किसान उत्पादक संगठन (FPO) ग्रो प्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बैतूल के मार्गदर्शन व संबंधित किसानों द्वारा ग्राम रोंढा, नएगांव, करजगाँव, सेलगांव, सुरगांव, महदगाँव में ग्राम वासियों और युवाओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

और अभी चल रहे 10,000 किसान उत्पादक संगठन संवर्धन योजना के बारे में जानकारी दी। जिसमें किसान उत्पादक संगठन के मैनेजर कैलाश लोखंडे ने बताया कि किसान भाई FPO के माध्यम से समूह बनाकर जुड़ सकते है और अपने उत्पादकों के माध्यम से उद्योगों को संचालित कर सकते है।

किसान बंधु सुभाष कालभोर ने भी किसान उत्पादक संगठन ग्रो प्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बारे में सहयोगी किसान बंधुओं को जानकारी दी।

इस अवसर पर ग्राम के किसान भाई बलवंत पवार, ललित बारंगे, मुंशी देशमुख, संतोष, सरजेराव मस्हकी, अशोक बारंगे, सिरपत डिगरसे, कृष्णकुमार डोगरदिए, चंद्रभान वराठे, बद्री प्रसाद, रिंकू डिगरसे, राजा पवार, लक्ष्मण सातपुते, प्रदीप डिगरसे, सुखराम ढोबारे, प्रवीण चौधरी, मोनू पवार, जितेन्द्र हजारे सहित सभी किसान बंधुओं ने उत्साह के साथ पौधारोपण का कार्य भी किया।

सृष्टि ब्राह्मणे का सुयश


बैतूल- माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा जारी हुए कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणामों के अंतर्गत कुमारी सृष्टि ब्राह्मणे S/o श्री एस ब्राह्मणे (सजाक्स जिला अध्यक्ष) लिटिल चैंप्स पब्लिक स्कूल मानस नगर सदर बैतूल की छात्रा ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार का नाम रोशन किया है उनकी इस उपलब्धि पर एससी वेलफेयर एम्पलाई सोसाइटी बैतूल के पदाधिकारियों ने उनके निवास पर पहुंचकर छात्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके सुखद और स्वर्णिम भविष्य को लेकर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें संगठन की ओर से शैक्षणिक सफलता के अवसर पर सैमसंग मोबाइल 5G उपहार स्वरूप भेंट किया।


छात्रा की सफलता पर उनके माता-पिता को भी बधाई दी गई कोविड-19 के इस भीषण वैश्विक महामारी के कठिन दौर में माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल ने जो छात्रों के लिए मूल्यांकन पद्धति का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन करते हुए रिजल्ट जारी किया उसमें किसी भी छात्र छात्रा को फेल नहीं किया गया है। अगर कोई छात्र या छात्रा इस परिणाम से असंतुष्ट है तो एमपी ऑनलाइन पर अपने मूल्यांकन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं साथ ही अगर कोई छात्र या छात्रा ऐसा मानते है कि उनको कम अंक प्राप्त हुए हैं ऐसी स्थिति में उन्हें फिर से परीक्षा मे सम्मिलित होकर के अच्छे नंबर प्राप्त कर सकते हैं संगठन ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया है सभी छात्रों को अपग्रेड कर दिया गया है उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश करने की पात्रता दी गई है इस अवसर पर एससी एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी बैतूल के जिला अध्यक्ष एवं मुख्य सलाहकार श्री आर के विजयकर जी ,श्री गजानन पंडाग्रे, श्री हेमराज पाटिल ,श्रीमती दुर्गा वरवड़े( रेलवे विभाग) बैतूल आदि पदाधिकारी गण उपस्थित हुए।

जिला पंचायत सीईओ का किया अभिनंदन


बैतूल – बैतूल जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री एम. एल. त्यागी जी का स्थानांतरण उनके मूल विभाग में हो जाने के कारण (पदस्थापना भोपाल) सजाक्स एवं एससी एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी बैतूल के श्री एस.ब्राह्मणे एवं श्री आर के विजयकर के साथ अन्य पदाधिकारियों ने उनके सरकारी निवास पहुंचकर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। श्री एम.एल. त्यागी जी के कार्यकाल में बैतूल जिला पंचायत को मनरेगा के अंतर्गत राष्ट्रीय पंचायत का पुरस्कार बैतूल जिला पंचायत को प्राप्त हुआ था, उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों को बैतूल सदैव याद रखेंगा।

श्री एम एल त्यागी जी सहज, सरल, मृदुभाषी, व्यवहारकुशल, ओजस्वी व्यक्तित्व, प्रखर- वक्ता, विशिष्ट कार्य शैली, कुशल प्रशासनिक क्षमता, के अलावा शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक हितग्राही को प्राप्त हो इस पर विशेष ध्यान उनके द्वारा दिया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष एस ब्राह्मणे ने श्री एम एल त्यागी जिला पंचायत सी.ई.ओ. बैतूल को एक अच्छे इंसान के साथ-साथ, प्रशासनिक क्षेत्र के कुशल प्रशासक बताया, पर्यावरण प्रेमी योग-साधक के साथ-साथ प्रखर व्यक्तित्व, चिंतक, दूरदर्शी एवं कुशल प्रशासक के रूप में उन्हें जिला बैतूल हमेशा याद रखेगा। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री आर.के. विजयकर ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला पंचायत सीईओ साहब एक अच्छे विचारक, चिंतक, दूरदर्शी और प्रशासक रहे हैं। उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य को देखते हुए ही बैतूल जिला पंचायत को मनरेगा के अंतर्गत राष्ट्रीय जिला पंचायत पुरस्कार से नवाजा गया था। संगठन की श्रीमती उषा सातनकर ने कहा कि एक अच्छे अधिकारी हमारे बीच मे से जा रहे हैं, उनकी कार्यशैली को हमेशा याद रखा जाएगा। वे जहां भी रहे स्वस्थ रहें ,तंदुरुस्त रहें, और जो उन्हें जिम्मेदारी मिली है उसके निर्वहन के लिए अग्रिम एवं अनंत शुभकामनाएं साथ ही आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगल कामना हम सभी करते हैं। दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट सदर बेतूल के संचालक श्री कमलेश निरापुरे ने एम एल त्यागी साहब को एक अच्छा इंसान बताया।श्री गजानन पंडाग्रे भी इस अवसर पर उपस्थित थे।अंत में स्मृति चिन्ह स्वरूप संगठन की ओर से पुण्य सलिला मां ताप्ती का फोटो फ्रेम सुनहरी यादों के रूप में उन्हें भेंट किया गया।
श्री एम एल त्यागी साहब ने संगठन के प्रति आभार मानते हुए सबका धन्यवाद किया।

21 सरहदों पर जाएगी बैतूल की बहनों की हाथ से बनी राखियां


21 सरहदों पर जाएगी बैतूल की बहनों की हाथ से बनी राखियां, करगिल युद्ध के बाद से जारी है राष्ट्र रक्षा मिशन का संकल्प

बैतूल। जिले की बहनें रक्षा बंधन के एक महीने पहले से फौजी भाईयों के लिए राखी बनाने में जुट गई है। यह राखियां देश की सरहदों पर तैनात सैनिकों के लिए बनाई जा रही है। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के राष्ट्र रक्षा मिशन को यह राखियां अलग-अलग संगठनों एवं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी छात्राओं द्वारा भेंट की जाएगी।

जिले के अग्रणी कोचिंग संस्थान दृष्टि एजुकेशन की छात्राओं ने भी सैकड़ों राखियां देश की सीमाओं पर तैनात फौजियों के लिए बनाई गई है। यह राखियां पूर्व सैनिक विजय नरवरे, संजय नरवरे एवं कोचिंग संचालक श्री कमलेश निरापुरे के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। अंतिम सांस तक चलेगा राष्ट्र रक्षा मिशन करगिल युद्ध के बाद से देश की 20 सरहदों पर बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के सदस्य प्रत्यक्ष रुप से पहुंचकर रक्षा बंधन का पर्व मनाते आए है। वर्ष 2020 में कोरोना की वजह से बैतूल की बेटियां सरहदों पर भले ही नहीं पहुंची लेकिन सैनिकों की कलाई उन्होंने सूनी नहीं रहने दी। गत वर्ष 20 सरहदों पर राखियां पोस्ट की गई थी और इस वर्ष भी संस्था द्वारा आमला सहित 21 सरहदों पर सैनिकों के लिए राखियां भिजवाई जाएगी। संस्था प्रमुख गौरी भारत पदम ने बताया कि राष्ट्र रक्षा मिशन अंतिम सांस तक चलता रहेगा। संस्था के इस मिशन से पूरा बैतूल जुड़ा है। हर बैतूलवासी को बैतूल की इन बेटियों पर नाज है जिन्होंने मुश्किल से मुश्किल हालात में सेना की हौसला अफजाई के लिये लिया संकल्प निभाया है।

दृष्टि एजुकेशन की छात्राओं ने बनाई सैकड़ों राखियांसदर क्षेत्र में संचालित दृष्टि एजुकेशन कोचिंग संस्थान के छात्र-छात्राओं में सेना के प्रति अटूट जज्बा है। इस संस्थान का संचालन में भी पूर्व सैनिकों द्वारा ही श्री निरापुरे को मार्गदर्शन किया जा रहा है। जब कोचिंग संचालक एवं पूर्व सैनिकों ने हाथ से बनाई राखियां सैनिकों के लिए भेंट करने की मंशा जाहिर की तो राष्ट्र रक्षा मिशन की बहनों ने सहर्ष राखियां सरहद तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हमेशा की तरह ली। इस वर्ष भी देश की सरहदों पर तैनात हजारों सैनिकों की कलाई पर बैतूल की राखी सजेगी। कोचिंग की छात्रा भारती राऊत, विशाखा यादव, टीना दीवान, हर्षलता खाकरे, साक्षी माकोड़े, शिवानी धुर्वे, सरस्वती काकोड़िया, प्रियंका गीद, स्वाती निरापुरे ने मिलकर सैकड़ों राखियां फौजियों के लिए बनाई है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में करेंगे पोस्टराष्ट्र रक्षा मिशन का दल प्रयासरत है कि कोरोना गाईडलाईन का पालन करते हुए उन्हें सरहद पर जाने की अनुमति मिल जाए। गत वर्ष अनुमति न मिलने और रेल यातायात बंद होने की वजह से आमला में एयर फोर्स के जवानों को राखियां सौंपी गई थी। इस वर्ष हमेशा की तरह प्रत्यक्ष रुप से जाने के प्रयास किए जा रहे है।

समिति की कोषाध्यक्ष जमुना पंडाग्रे ने बताया कि जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में सभी राखियां सरहदों के लिए पोस्ट कर दी जाएगी। गत वर्ष कुछ सरहदों पर राखियां देर से पहुंची थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। उन्होंने अनुरोध किया है कि जो भी बहने राखियां भेंट करना चाहती है वह संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से सम्पर्क कर सकती है। 

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839