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FPO के मार्गदर्शन में किया गया पौधारोपण का कार्य


बैतूल- कृषि विकास सहकारी समिति द्वारा किसान उत्पादक संगठन (FPO) ग्रो प्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बैतूल के मार्गदर्शन व संबंधित किसानों द्वारा ग्राम रोंढा, नएगांव, करजगाँव, सेलगांव, सुरगांव, महदगाँव में ग्राम वासियों और युवाओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

और अभी चल रहे 10,000 किसान उत्पादक संगठन संवर्धन योजना के बारे में जानकारी दी। जिसमें किसान उत्पादक संगठन के मैनेजर कैलाश लोखंडे ने बताया कि किसान भाई FPO के माध्यम से समूह बनाकर जुड़ सकते है और अपने उत्पादकों के माध्यम से उद्योगों को संचालित कर सकते है।

किसान बंधु सुभाष कालभोर ने भी किसान उत्पादक संगठन ग्रो प्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बारे में सहयोगी किसान बंधुओं को जानकारी दी।

इस अवसर पर ग्राम के किसान भाई बलवंत पवार, ललित बारंगे, मुंशी देशमुख, संतोष, सरजेराव मस्हकी, अशोक बारंगे, सिरपत डिगरसे, कृष्णकुमार डोगरदिए, चंद्रभान वराठे, बद्री प्रसाद, रिंकू डिगरसे, राजा पवार, लक्ष्मण सातपुते, प्रदीप डिगरसे, सुखराम ढोबारे, प्रवीण चौधरी, मोनू पवार, जितेन्द्र हजारे सहित सभी किसान बंधुओं ने उत्साह के साथ पौधारोपण का कार्य भी किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ऐलान – 31 मई तक कर्फ्यू का सख्ती से हो पालन, जून में धीरे-धीरे अनलॉक होगा।


भोपाल: कोरोना कर्फ्यू को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने राज्य भर में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश भर में 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन किया जाएगा। अभी कोरोना गया नहीं है इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे जून में कोरोना कर्फ्यू में छूट दी जाएगी। उन्होंने यह घोषणा उज्जैन संभाग में जिला, विकासखंड तथा ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप को संबोधित करते हुए की। इस मौके पर उन्होने सभी अधिकारी कर्मचारियों के प्रयासों की तारीफ की और कहा कि प्रशासन बधाई का पात्र है जिसने दिन रात मेहनत कर कोरोना को हराया है।

इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि राज्य में कोरोना के रिकीवरी रेट में सुधार हो रहा है। लगातार पॉजिटिविटी रेट घट रही है। लेकिन हमें ओवर कॉन्फिडेंस में नहीं रहना है। कोरोना वायरस अभी भी है और लेकिन स्थिति इसलिए काबू में है क्योंकि हमने कोरोना कर्फ्यू लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट है कि 31 मई तक हम जीरो कोरोना केस तक पहुंच पाएं। उन्होने कहा कि हम 31 मई से आगे कर्फ्यू नहीं लगा सकते क्योंकि जून में हमें सब खोलना ही पड़ेगा। हालांकि हम अनलॉक भी वैज्ञानिक तरीके से करेंगे। हमें अनुशासन में रहना पड़ेगा। इसके बाद धीरे धीरे राहत दी जाएगी। शादी समारोह की अनुमति भी जून में ही मिलेगी।

वहीं कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे निपटने के लिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी।इसके लिए स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की भर्ती कर रहे हैं। सीटी स्कैन सहित अन्य सभी आवश्यक मेडिकल उपकरण लाने की कोशिश की जा रही है। इसी के साथ ब्लैक फंगस पर सीएम ने कहा कि पोस्ट कोविड मरीज एंव ब्लैक फंगस के मरीज इलाज के लिए आगे आए। इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार ने दवाईयां उपलब्ध कराने की कोशिश में है। उनका न्यायपूर्ण वितरण हो यह भी सुनिश्चित कराएंगे। सीएम ने कहा कि हर जिले में पोस्ट कोविड सेंटर बनाना है जहां ब्लैक फंगस, हार्ट आदि से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जाएगा। जो कोरोना को मात देकर घर लौटने वालों को यदि कोई परेशानी होती है तो उन्हें तुरंत पोस्ट कोविड सेंटर में आएं और समय रहते इलाज कराएं।वहीं रेमडेसिवीर की कालाबाजारी को लेकर कहा कि ऐसे लोगों को किसी कीमत पर छोड़ना नहीं है। ऐसे लोगों पर सीधे एनएसए की कार्रवाई की जाए। 

स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही तब सामने आ रही, जीवित मरीज को मरा बताया, किसी की बॉडी किसी परिवार को दी, मरीजो की संख्या बढ़ी


स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही तब सामने आई, जब एक मरीज को 2 बार मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही किसी अन्य मरीज का शव परिजनों को बताने की कोशिश की गई। परिजनों ने जब शव को देखा तो वह हैरान रह गए, क्योंकि यह शव किसी और व्यक्ति का था । मामला सुल्तानिया के रहने वाले कोरोना पॉजिटिव गौरेलाल कौरी का है ।

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेजकोरोना पॉजिटिव को दो बार मृत बताया।

दरअसल, गौरेलाल की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान एक दिन पहले जहां रात के समय रोगी की स्थिति गंभीर बताई। फिर इसके बाद 13 अप्रैल की देर रात गौरेलाल को मरा हुआ बताया गया। गौरेलाल की मौत की खबर लगते ही हड़बड़ाहट में जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो बताया गया कि उनके मरीज की सांसे चल रही हैं। परिजनों ने डाक्टरों से मरीज के अच्छे इलाज की मांग की, लेकिन 14 अप्रैल बुधवार की सुबह साढ़े 8 बजे डाक्टर का एक बार फिर फोन आया। इस बार भी डाक्टर ने मरीज की मौत की खबर परिजनों को सुनाई।

शव देखा तो नहीं और कोई निकला

मरीज के बेटे ने जब शव देखने की जिद की तो पता चला कि यह किसी और का शव था। जांच पड़ताल की गई तो उनके मरीज की हालत गंभीर थी और वह आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे, जबकि मंगलवार की रात में ही स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों के अच्छे इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को

चेस्ट किया था। इस मसले पर अब कई सारे सवाल खड़े हो

गौरेलाल के बेटे कैलाश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने हमें काफी देर तक गफलत में डाल दिया, जब डेड बॉडी को देखा तब जाकर सच सामने आया। अभी उनके पिता की हालत गंभीर है, और वह संक्षेपण वार्ड में भर्ती हैं। कैलाश ने बताया कि इस मामले की शिकायत भी की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो सका। कैलाश ने बताया कि उनके पिता गौरेलाल भोपाल में रेलवे डाक विभाग में पोस्टमैन हैं।

मेडिकल कॉलेज के डॉ। । गंभीर आरोप लगे

मरीज के बेटे ने बताया कि दो दिन पहले उनका तबीयत बहुत बुरा बता रहा था। इसके बाद हमें बताया गया कि हमारे पिता की मृत्यु हो गई है, और नर्स ने 10 मिनट बाद कहा कि रोगी की सांस चल रही है। मैंने कहा कि डॉ से आप अच्छे से इलाज करते हैं, लेकिन डॉक्टरों की यही लापरवाही चल रही है और फिर शाम को बताया जा रहा है। कि मरीज के गले का ऑपरेशन किया जाएगा। फिर बाद में शाम 6 बजे ऑपरेशन के दौरान अपडेट आता है कि उनका ऑपरेशन करते-करते मौत हो गई है। जब हमने आकर देखा की मृत्यु प्रमाण पत्र घोषित कर दिया गया है। हमारे परिजन मरीज को देखने गए तो मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती था। हमें डेड बॉडी भी दी जाने लगी । जब हमने कहा कि डेड बॉडी का चेहरा देख लें। चेहरा देखने के लिए गए, तो हमारे मरीज का नहीं था, जबकि हमारा मरीज जीवित है।

लड़खड़ाते बोले डीन

सुनील नंदेश्वर मेडिकल कॉलेज के डीन का कहना है कि कोरोना के चलते आपाधापी बढ़ गई है। कहीं रोगी वेंटिलेटर पर हैं, तो दूसरे की सांस फूल रही है, तीसरे का यह हो रहा है, तो थोड़ा सा हो जाता है। डीन ने कहा कि मरीज वेंटिलेटर पर ही थे। उनके हृदय की गति रुक गई थी, तो इस बार किसी नर्स ने बताया कि उनकी मृत्यु हो गई है, लेकिन हृदय की गति रूकती है तो उसके बाद में डॉ। हृदय को दोनों हाथों से दबाकर हृदय को पुनः चालू करने की कोशिश करता है। जिसमें एक से दो घंटे लगभग लग जाते हैं।

डीन ने कहा,

हमारे यहां के डॉक्टरों ने उन्हें रिवाइज किया और फिर रिवाइज करने के बाद ब्लने वापस आई। और उन्हें फिर हमने वेंटिलेटर पर रखा था। इस कारण से यह थोड़ा सा कन्फ्यूजन हो गया। हमने उनके परिजनों को बता दिया है कि मरीज वेंटिलेटर पर है ।

युवा गुर्जर महासभा के जिला अध्यक्ष बने धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर…


भोपाल अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप गुर्जर ने राजवीर पटेल के अनुशंसा पर भोपाल जिले के धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर को अखिल भारतीय गुर्जर महासभा युवा इकाई के जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया इनकी नियुक्ति पर समाज के वरिष्ठजन एवं इष्ट मित्रों द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई…

आरोन गुना में RSS पूर्व प्रचारक एवं समाजसेवी आदरणीय श्री चेतन जी भार्गव समेत 100 साथियों पर षड्यंत्र पूर्वक एफ आई आर दर्ज।


मुलताई ।आज हिंदू संगठनों के द्वारा मुलताई में आरोन गुना में पूर्व प्रचारक एवं समाजसेवी आदरणीय श्री चेतन जी भार्गव पर मास्क वितरण एवम कोरोना बचाव हेतु समझाइश देने के दौरान आरोन थाना प्रभारी द्वारा षडयंत्र पूर्वक श्री चेतन जी एवं 100 साथियो पर 30/07/2020 FIR दर्ज की गई।
जबकि आरोन में राजनीतिक दलों के द्वारा गांव गांव एवं शहरों में चुनाव प्रचार कर हजारो की भीड़ एकत्र कर लॉकडाउन के नियमो का उल्लंघन किया गया,जिसके विरुद्ध सबंधित लोगो पर कोई कार्यवाही नही की गई,इससे स्पस्ट होता है कि श्री चेतन जी भार्गव एवं 100 साथियो पर षडयंत्र पूर्वक FIR हुई है।जिसके विरोध में मुलताई नगर के हिन्दू संगठन ने अनुविभागीय अधिकारी मुलताई को सौपा एवम FIR वापस लेने की मांग की जिसमें हेमन्तसिंह जी राजपूत,रितेश जी विश्वकर्मा,दीपेंद्र पटाडे,रोहित चिकाने,विपिन सोनी,विशाल शितोले,पिंटू पाटील, देवेश चंडालिया आदि।

शिवा पवार, न्यूज एडिटर, मुलताई, मुलतापी समाचार

मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू, 7 सितंबर से ऑनलाइन क्लास चालू होगी


भोपाल: मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति 2020 लागू कर दी गई है। इसके आदेश शुक्रवार देर रात माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव ने जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार 7 सितंबर से ऑनलाइन क्लास चालू हो जाएगी। इसमें ऑनलाइन एसेसमेंट भी शामिल रहेगा।

माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष राधेश्याम जुलानिया ने बताया कि 7 सितंबर से ऑनलाइन शिक्षा सत्र शुरू किया जा रहा है। सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक 3 घंटे दूरदर्शन पर पाठ्य सामग्री का प्रसारण कक्षा बार किया जाएगा। सभी छात्रों को होम असाइनमेंट पूरा करना अनिवार्य होगा। इसी से उनका मूल्यांकन किया जाएगा। बिना होम असाइनमेंट पूरा किए कोई भी आगे नहीं जा सकेगा। इसके लिए प्रत्येक विषय को 10 यूनिट में बांटकर प्रत्येक यूनिट के बाद होम असाइनमेंट दिया जाएगा। होम असाइनमेंट छात्रों को माध्यमिक शिक्षा मंडल ऐप और पोर्टल के माध्यम से सीधा मिलेगा।

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एमपी: नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए इस बार परीक्षा नहीं आंतरिक मूल्यांकन होगा


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: कोरोना के कारण मध्यप्रदेश में इस बार सीबीएसई की तर्ज पर नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन होगा ।इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ऑनलाइन आंतरिक मूल्यांकन करेगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल 1 सितंबर से ऑनलाइन शिक्षण सत्र की शुरुआत करने जा रहा है।

पूरा कोर्स 12 यूनिट में बांटकर एक यूनिट को 15 दिन में खत्म करना है ,पूरे 12 यूनिट को 6 माह में खत्म करना होगा। इसके बाद प्रत्येक यूनिट का मूल्यांकन कराया जाएगा। पूरा पेपर 100 अंकों का होगा। जिसमें 30 अंकों के वस्तुनिष्ठ, 3 अंकों के 10 प्रश्न, और 4 अंक के 10 प्रश्न होंगे। इसमें 70 अंक स्कूल द्वारा आंतरिक मूल्यांकन कर भेजे जाएंगे, और 30 अंकों के लिए बोर्ड परीक्षा लेगा। इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा।

विद्यार्थियों के लिए यह मूल्यांकन ओपन बुक होगा। जिसे वे कहीं से कभी भी कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थी के मोबाइल पर मंडल प्रश्न पत्र भेजेगा। जिसे हल कर विद्यार्थी को उत्तर पुस्तिका अपने स्कूल में जमा करनी होगी। स्कूल के शिक्षक उत्तर पुस्तिका को जांचने के बाद अंक बोर्ड की वेबसाइट में मोबाइल ऐप के माध्यम से भेजेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही बता चुका है कि इस सत्र में तिमाही छमाही परीक्षा कराना संभव नहीं है। इस कारण भी विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन कराना जरूरी हो गया है।

नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में जल्द ही दिशा निर्देश जारी होंगे।

मुलतापी समाचार

मध्य प्रदेश में 29 जिलों में खुल सकता है बाजार


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 मई तक lockdown बढ़ाए जाने के बाद शिवराज सरकार मध्य प्रदेश में इसकी क्लासिफिकेशन की तैयारी कर रही है! पूरे प्रदेश को 3 जोन में बांटने की तैयारी हो चुकी है! रेड जोन में केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा! परंतु ऑरेंज और ग्रीन जोन में शिवराज सरकार अपने तरीके से कुछ राहत देगी! ताकि उन क्षेत्रों में आम जनजीवन सामान्य रहे, जहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है! पूरे प्रदेश में सीमा सील रहेंगी! सार्वजनिक परिवहन बंद रहेंगे! निजी वाहनों का उपयोग करके भी लोग एक शहर से दूसरे शहर में नहीं जा सकते! 9 जिलों में केंद्र की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा

प्रदेश के कोरोना हॉटस्पॉट के अंतर्गत 9 जिले रेड एरिया में आते है! इन जिलों में उन इंदौर ,भोपाल, उज्जैन, जबलपुर ,खरगोन ,मुरैना, बड़वानी, विदिशा और होशंगाबाद शामिल है! इन जिलों में केंद्र की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा! राज सरकार की तरफ से कोई रियायत नहीं दी जाएगी! इन इलाकों में लोगों को एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले मैं जाने की अनुमति नहीं होगी! 14 जिलों में थोड़ी ढील दी जाएगी

यह जिले हैं ग्वालियर देवास खंडवा, छिंदवाड़ा शिवपुरी बैतूल, धार रायसेन शिवपुर, सागर शाजापुर मंदसौर, सतना और रतलाम है! इन जिलों में थोड़ी ढील दी जाएगी!

29 जिलों में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर बाजार खुलेगा

ग्रीन एरिया में 29 जिले शामिल हैं! इन जिलों में उमरिया अनूपपुर, शहडोल ,रीवा ,सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, मंडला सिवनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, कटनी टीकमगढ़, छतरपुर पन्ना दमोह, अशोकनगर दतिया गुना, भिंड नीमच , आगर मालवा, बुरहानपुर झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, राजगढ़ सीहोर और निमाड़ी हैं! इन सभी जिलों में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर बाजार खोला जा सकता है!

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मध्य प्रदेश में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य, न पहनने पर होगी कार्यवाही


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं! अब राज्य सरकार ने घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है!

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सचिव राजीव चंद्र दुबे ने गुरुवार को जारी आदेश में कहा है कि कोरोनावायरस की रोकथाम एवं बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना या चेहरा ढक कर रखना जरूरी है! इस आदेश के जरिए प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थल पर निकलते समय मास्क या फेस कवर पहनना अनिवार्य कर दिया है!

स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने जारी आदेश में कहा है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर mask का उपयोग किया जा सकता है, या होममेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है! इस होममेड मास्क या फेस कवर को साबुन से अच्छे से धो कर फिर उपयोग में लाया जा सकता है!

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