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मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव का ऐलान


मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में आदर्श आचार संहिता लागू

52 जिलो में जिला पंचायत सदस्य 859
जनपद पंचायत सदस्य 6035
सरपंच 23835
के 3 चरणों मे होंगे चुनाव।

दिनाँक – 6 जनवरी 2022
प्रथम चरण में – 9 जिले की 85 जनपद में चुनाव

दिनाँक- 28 जनवरी 2022
दूसरे चरण में – 7 जिले की 110 जनपद पंचायत।

दिनाँक- 16 फ़रबरी 2022
तीसरे चरण में -36 जिलो की 118 जनपद पंचायत में होंगे चुनाव

बची हुई 114 ग्राम पंचायत के चुनाव अगले साल मई में होंगे।

मतदान का समय- सुबह – 7 बजे से 3 बजे तक।

23 फ़रबरी को आयेंगे परिणाम

“अजब गांव की गजब दास्तां – रोंढा” पुस्तक का सांसद श्री डी डी उइके ने किया विमोचन


बैतूल। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा में रविवार को रामकिशोर दयाराम पंवार लिखित पुस्तक “अजब गांव की गजब दास्तां” का विमोचन बैतूल-हरदा-हरसूद सांसद श्री डीडी उइके और रामकिशोर पवार की माँ श्रीमती कसिया बाई पवार की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

रामकिशोर ने अपने गांव के बारे किताब लिख कर देश – दुनियां को रोंढ़ा के बारे में वह जानकारी देने का काम किया है। जिसे आने वाली पीढ़ी को गांव के बारे में पता चल सकेगा, कि यह गांव कितना समृद्ध एवं विकासशील था।

बैतूल-हरदा-हरसूद संसदीय क्षेत्र से सासंद श्री डीडी उइके ने ग्राम रोंढ़ा में पहली बार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर रोंढ़ा में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मां सरस्वती एवं पुण्य सलिला मां सूर्यपुत्री ताप्ती की पूजा अर्चना और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में आमंत्रित सभी अतिथियों का पुष्पमाला से स्वागत सत्कार होने के बाद पत्रकार / लेखक रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढ़ावाला की पुस्तक “अजब गांव की गजब दास्तां” का विमोचन करते हुए मध्यप्रदेश – महाराष्ट्र की सीमा पर बसे आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले से चुने गए भाजपा सासंद श्री दुर्गादास उइके ने अपने धारा प्रवाह भाषण में कहा कि जन्म देने वाली माँ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि मै उन सौभाग्यशाली लोगों में से एक हूँ, जिसने अपने और लेखक रामकिशोर दयाराम पंवार के माता – पिता के संग चार धामों की यात्रा की है।

लेखक और उसके परिवार के साथ-साथ अपने पुराने सबंधो का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि आज के कार्यक्रम में उपस्थित लेखक की माता श्रीमति कसिया बाई पंवार को सम्बोधित करते हुए कहा कि माँ की मौजूदगी किसी भी कार्यक्रम में चार चाँद लगा देती है। माता – पिता की सेवा का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता है। जननी और जन्मभूमि दोनो माता है। आज रामकिशोर पंवार ने अपनी जन्मभूमि की महिमा को किताब का रूप देकर उसका कर्ज अदा कर दिया है। सासंद श्री उइके ने कहा कि माँ की महीमा अपरमपार है।

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में ग्राम रोंढ़ा में जन्मे दो दर्जन से अधिक शासकीय सेवानिवृत एवं शासकीय सेवारत लोगो तथा सेना के सेवानिवृत सैनिको का शाल श्री फल से सम्मान किया। गांव से निकल कर गांव की पहचान बनाने वाले, जिनका सम्मान किया गया वे अपने सम्मान को पाकर भाव विभोर हो गए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महाकौशल की संस्कारधनी नगरी जबलपुर से पधारे अंतराष्ट्रीय कवि माथुरकर जबलपुरी, पवार समाज संगठन के जिलाध्यक्ष बाबूलाल कालभोर, रोंढ़ा के श्री गुलाबराव कालभोर, श्री दीलिप ओमकार, श्री अशोक बारंगे, श्री चन्द्रशेखर मुल्लू देवासे, श्री मिसरू देवासे, बैतूल के नामचीन अधिवक्ता श्री प्रशांत गर्ग, ग्राम रोंढ़ा में पढ़े पूूर्व जिला भाजपा महामंत्री एवं शासकीय अधिवक्ता बलराम कुंभारे, अधिवक्ता संजय शुक्ला, पत्रकार सुनील पलेरिया,

मुलताई से जगदीश चन्द्र पवार, श्री कमल पवार, भाजपा मीडिया प्रभारी अखलेश परिहार, युवा कवि अजय पवार, इंजीनियर अनिल डिगरसे, सहायक इंजीनियर लक्ष्मण पवार, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी श्री दिनेश डिगरसे, लाडो फाऊडेंशन के अनिल यादव पहलवान, रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष डाँ अरूण जयसिंहपुरे, श्री वायुसेना में कार्यरत रहे कैप्टन अशोक पंवार, मुन्नालाल डहारे, जनकलाल कड़वे, श्यामराव देशमुख जामठी,

ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तरूण कालभोर,जनपद सदस्य ललीत बांरगे, तरूण पाठा, सुभाष कालभोर, विजेन्द्र पाठा, रमेश डिगरसे, जगदीश खपरिये, पत्रकार नीतिन अग्रवाल, राज मालवीय, मनोज अतुलकर, गौदन कालभोर, चन्द्रेश ओमंकार, युगेश देशमुख, कल्लू कोड़ले, प्रवीण चौधरी, संतोष कालभोर, राजेश तावरे, दयाराम चौधरी, मोहन डोंगरदिये, तोषण खपरिये, अनुकुल डिगरसे, रोशन देशमुख, सचिन हजारे, दुर्गाप्रसाद कसरादे आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन श्री बी. आर. पंवार शिक्षक एवं श्री संजय पठाडे शेष और आभार प्रदर्शन श्री प्रदीप डिगरसे रोंढा द्वारा किया गया।

धूमधाम से निकलेगी माँ ताप्ती की चुनरी यात्रा, सैंकडों जगह होगा स्वागत


ताप्ती मैया के आशीर्वाद ने विधायक के संकल्प को निभाया, धूमधाम से निकलेगी चुनरी यात्रा, सैंकडों जगह स्वागत

बैतूल। सूर्यपुत्री मां ताप्ती के पूजन-अभिषेक का यदि किसी ने संकल्प लिया तो मां स्वयं आगे बढ़कर उसका संकल्प पूर्ण कराती है। कुछ ऐसा ही बैतूल विधायक निलय डागा के मामले में हुआ। एक ओर जब शासन-प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा के मेले आदि तक पर प्रतिबंध लगा दिया था तब विधायक ने पत्रकार वार्ता में सीना ठोंककर कहा था कि वो हर हाल में मां ताप्ती को चुनरी चढ़ाने जाएंगे चाहे इसके लिए उन्हें जेल क्यों न जाना पड़े। लेकिन मां ताप्ती की कृपा विधायक पर कुछ ऐसी बरसी कि स्वयंमेव शासन ने सभी मेले-ठेले और धार्मिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध हटा दिए।
बुधवार की शाम ऐसे आदेश आते ही बैतूल जिले के धार्मिक संस्थानों और संस्थाओं ने खुशी जताई और मां ताप्ती का इसे चमत्कार ही माना कि ऐतिहासिक चुनरी यात्रा के ठीक पहले उसने शासन को दुरस्त कर दिया। आखिर सबकी नाराजगी इसी बात को लेकर थी कि एक ओर तो प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए लाखों लोग जुटाए जा रहे हैं वहीं धार्मिक मेलों आदि पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। बैतूल विधायक श्री निलय डागा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा गुड्डू ने तो बाकायदा पत्रकार वार्ता लेकर शासन-प्रशासन की इस दोमुंही नीति का विरोध किया था। विरोध का यह दांव वायरल हुआ और मां ताप्ती के आगे शासन को घुटने टेकने पड़े।


इस संबंध में जब विधायक श्री निलय डागा से बात की गई तो उन्होने कहा कि वे प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर मां ताप्ती को चुनरी चढ़ाने जाते हैं। इस साल जब शासन-प्रशासन ने प्रतिबंध की बात की तो लोगों का आक्रोशित होना स्वाभाविक था। जहां तक मेरी बात है तो मां के सम्मान के लिए जेल जाना या कोई प्रताड़ना सहना बड़ी बात नहीं है। हम कभी नियम नहीं तोड़ते लेकिन बेवजह के अत्याचार को सहन करना भी अधर्म है।


आम लोगों के अलावा सभी धर्म व मंदिर संस्थान से जुड़े लोगों ने भी चुनरी यात्रा को अब और धूमधाम से मनाने का निश्चय किया है।

मां ताप्ती चुनरी यात्रा का जगह-जगह होगा स्वागत

विधायक श्री निलय डागा और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दीपाली डागा के नेतृत्व में करीब 24 किमी की यह माँ ताप्ती चुनरी पद यात्रा 19 नवंबर शुक्रवार को प्रातः 7 बजे लल्ली चौक स्थित मंदिर में पूजन के साथ आरंभ होगी। इसके बाद प्रातः 7 बजे लल्ली चौक, 7.15 बजे थाना चौक, 7.30 बजे अखाड़ा चौक टिकारी, 8.00 बजे कारगिल चौक सदर, 8.15 बजे गेंदा चौक, 8.30 बजे डान बास्को, 8.40 कर्बला घाट माचना, 8.45 फोरलेन चौराहा, 9.00 धनोरा,9.30 बजे परसोड़ा,9.45 बजे भडुस,10.30 महदगांव ,11.00 डहरगांव,11.30 खेड़ी,12.00 मौड़ी कनारा, 1.00 लोहा पुल,1.30 ताप्ती घाट पहुंचेगी। यहां चुनरी अर्पण के बाद केरपानी स्थित हनुमान मंदिर के दर्शन पूजन के लिए यात्री जाएंगे और इसके साथ ही यात्रा का समापन होगा।

कोई न छूटे अभियान के तहत जिले में कोविड टीकाकरण


17 नवम्बर को कोविड टीकाकरण महाअभियान

65 हजार से अधिक टीके लगाने का लक्ष्य

पहला डोज कोविड से सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं, दूसरा लगवाना भी जरूरी- कलेक्टर

बैतूल। जिले में 17 नवंबर को कोरोना टीकाकरण महाअभियान संचालित किया जाएगा। जिसके तहत 386 से अधिक टीकाकरण केन्द्रों के माध्यम से कोविड वैक्सीन लगाया जाएगा। कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, कोरोना वालंटियर्स, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवियों एवं विभिन्न संगठनों से कोरोना टीकाकरण महाअभियान में सहयोग देकर इसे पूर्ण रूप से सफल बनाने की अपील की है।

कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि इस अभियान के तहत जिन्होंने दूसरा डोज नहीं लगवाया है, वे अवश्य वैक्सीनेशन करवाएं एवं स्वयं को कोरोना से सुरक्षित करें। उन्होंने कहा है कि कोविड से सुरक्षा के लिए पहला डोज पर्याप्त नहीं है, जिनका दूसरा डोज ड्यू है, वे आवश्यक रूप से इस अभियान में वैक्सीनेशन करवाएं।

कलेक्टर ने मंगलवार को जिले के संबंधित अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर कहा कि 17 नवंबर के इस महाअभियान में पूरे जिले का मैदानी अमला सक्रिय रूप से सहयोग करे एवं टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को ताकीद किया है कि प्रत्येक केन्द्र पर प्रात: 8 बजे से आवश्यक रूप से टीकाकरण प्रारंभ हो जाए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के 386 वार्ड/गांवों में टीकाकरण केन्द्रों की स्थापना की जा रही है, इसके लिए 400 टीकाकरण दलों को भी तैनात किया जा रहा है। दस नवंबर के कोविड टीकाकरण महाअभियान में 65 हजार से अधिक टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है।

पूरे माह चलेगा राजस्व शुद्धिकरण महाअभियान

वर्चुअल बैठक में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अभिलेख शुद्धिकरण अभियान अब पूरे नवंबर माह के दौरान चलाया जाएगा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि इस अभियान में बेहतर परिणाम दिखें एवं आमजन को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि धारणाधिकार के मामलों में भी प्रकरणों का सकारात्मक निराकरण हो।

वर्चुअल बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिलाष मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री श्यामेन्द्र जायसवाल सहित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदारों, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों ने भाग लिया।

3 साल से एक ही जिले में जमे हुए पुलिस अफ़सरों का होगा ट्रांसफर


भोपाल। मध्यप्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक ही जिले में और गृह जिले में जमे हुए पुलिस वालों के लिए निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार 4 साल की अवधि में लगातार तीन साल तक एक ही जगह पर पदस्थ पुलिस अधिकारियों की जानकारी मांगी है।

मध्यप्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक ही जिले में और गृह जिले में जमे हुए पुलिस वालों के लिए निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार 4 साल की अवधि में लगातार तीन साल तक एक ही जगह पर पदस्थ पुलिस अधिकारियों की जानकारी मांगी है। ऐसे में महकमें में चिंता का माहौल बन गया है। कयास लगाई जा रही है कि जल्द ही ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

जल्द हो सकता है ट्रांसफर
पंचायत चुनाव के मद्देनजर इन अधिकारियों को जल्द ही दूसरे जिलों में ट्रांसफर किया जाएगा। तबादले के दायरे में आने वाले पुलिस अफसरों में एसपी, एएसपी, सीएसपी, डीएसपी, एसडीओपी, टीआई स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। आयोग के पत्र के बाद गृह विभाग ने सभी पुलिस अधीक्षकों से इसकी जानकारी तलब की है और इसका प्रमाण पत्र भी जारी करने के निर्देश दिए हैं।

MP पंचायत चुनाव की तैयारियां
मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। ये चुनाव तीन चरणों में होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने हाल ही में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा ली थी और कलेक्टरों को निर्देश देते हुए कहा था कि सभी जिला प्रशासन मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करे। उन्होंने कहा था कि संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की सूची चुरंत दी जाए।

तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे। जिसमें पहले चरण में 7527, दूसरे चरण में 7571 और तीसरे चरण में 8814 ग्राम पंचायतों के चुनाव होंगे। पंचायत और ग्राम विकास विभाग जिला पंचायत के 52 पदों के लिए नवंबर में आरक्षण प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसके बाद पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत सदस्यों का चुनाव ईवीएम और सरपंचों और पंचों का चुनाव बैलेट पेपर से होगा।

ग्रोप्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का हुआ शुभारंभ


बैतूल जिले के ग्राम अमदर में ग्रोप्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कार्यालय और दुकान का हुआ शुभारंभ।

बैतूल ग्रोप्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बैतूल में सरकारी योजना 10,000 किसान उत्पादक संगठन के अंतर्गत एसएफएसी के द्वारा कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड, निगरानी समिति के माध्यम से बने एफपीओ का शुभारंभ अमदर ग्राम में हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि श्री के पी भगत उपसंचालक कृषि विभाग बैतूल, आर एस राजपूत एसडीओ, श्रीमती अलका कोडा़पे एएसएडीओ, श्री विजेंद्र वाईकर आत्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर क्षेत्र के सभी कृषक बंधु सहित एफपीओ संस्था के चेयरमैन सुभाष कालभोर, एफपीओ के सीईओ कैलाश लोखंडे, कृषक बंधु केशोराव जी लिखितकर, नगेंद्र जी लिल्लोरे, दयाल हारोड़े, अशोक काले, अयोध्या प्रसाद दुबे, मुंशीलाल देशमुख, ईश्वर चंद पाटनकर, बलिराम पवार, बद्री प्रसाद, रिंकू डिगरसे, संतोष हिंगवे, बलवंत पवार, गौदन हजारे, कृष्ण कुमार डोंगरदिए, लक्ष्मण सातपुते प्रदीप डिगरसे, अशोक बारंगे, मदन महाजन, सुरेश पडाड़े सहित ग्रामीण क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।

इस योजना की जानकारी विभागीय अधिकारी द्वारा सभी किसान भाइयों को दी गई और कृषि को उन्नत बनाने की तरीके भी बताया गए। साथ ही वित्तीय संस्था के शुभारंभ पर एफपीओ संस्था के सभी कृषक भाइयों को बधाई और शुभकामनाएं दी अंत में एपीओ के चेयरमैन सुभाष कालभोर द्वारा सभी किसान भाइयों और संस्था सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

श्री देवनारायण उत्सव सीमिती द्वारा देवनारायण जी की भव्य महाआरती एंव भजन कीर्तन का आयोजन किया गया…


भोपाल – श्री देवनारायण उत्सव सीमिती द्वारा कल गुर्जर भवन भोपाल में देवनारायण जी की छठ के उपलक्ष्य में बैरसिया गायक विक्रम सिंह गुर्जर एव उन की सहमत टीम द्वारा श्री देवनारायण जी की भव्य महाआरती भजन कीर्तन भोजन प्रसादी आयेाजन किया गया जिसमें जिसमें धर्मेंद्र जी गुर्जर जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर जी जिला कार्यकारी अध्यक्ष अनुराग पटेल ज़िला उपाध्यक्ष अमित गौर जी राम गुर्जर जी राजू गुर्जर जी एडवोकेट बैजनाथ सिंह गुर्जर जी कन्हैया गुर्जर जी लाखन सिंह गुर्जर जी दीप गुर्जर जी ब्रजेश गुर्जर जी लक्ष्मी गुर्जर जी एव देवनारायण समिति के सभी साथी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य रूप से उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी भारत सरकार केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य आदरणीय हाकम सिंह गुर्जर जी मध्यप्रदेश कांग्रेस के महासचिव अभिषेक परमार जी अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के अध्यक्ष करन गुर्जर जी धर्मेंद्र सिंह गुर्जर जी समाज सेबी खुमान सिंह गुर्जर समाज के अन्य वरिष्ठ समाजसेवी एवं सभी युवा साथी उपस्थित रहे….

टीका लगाने वालों को लगेगा ‘आई एम वैक्सीनेटेड’ का स्टाम्प


मध्यप्रदेश। प्रदेश में 25 एवं 26 अगस्त को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा कवच देने के लिये टीकाकरण महा-अभियान चलाया जायेगा। महा-अभियान के दौरान वैक्सीन लगवाने आये प्रत्येक नागरिक के हाथ के पंजे के पीछे की तरफ एक टिक और दो टिक के निशान वाला वैक्सीनेट स्टाम्प वैक्सीन लगवाने के बाद लगाया जायेगा।

एक टिक वाले स्टाम्प का अर्थ होगा कि व्यक्ति को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। दो टिक वाले स्टाम्प के मायने यह होंगे कि व्यक्ति को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं और वह वैक्सीनेट हो चुका है। ऐसे व्यक्ति अपने हाथ पर लगे दो टिक वाले स्टाम्प को अपनी दो ऊँगलियों से वी (V) बनाते हुए सेल्फी के द्वारा यह संदेश देंगे कि ‘आई एम वैक्सीनेटेड’।

टीकाकरण महा-अभियान में किये जा रहे इस नवाचार में वैक्सीनेट हुए व्यक्तियों की वैक्सीनेट स्टाम्प के साथ फोटो ली जाकर सोशल मीडिया पर शेयर की जायेगी। इससे आमजन में वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। आम नागरिक वैक्सीन लगवाकर सीएम ईवेंट पोर्टल पर भी अपने फोटो अपलोड कर सकेंगे। इसके लिये मार्गदर्शिका जारी की गई है।

जिले में धूमधाम से मना गया भुजलिया पर्व


फोटो – ग्राम भडूस में मनाया भुजलिया पर्व।

बैतूल। बैतूल जिले में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी धूमधाम से भुजलिया पर्व मनाया गया और भुजलिया का विसर्जन पारंपरिक रूप से किया गया।

फोटो – ग्राम खेड़ीसाँवलीगढ़ में मनाया भुजलिया पर्व।

भुजलिया पर्व रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाया जाने वाला त्यौहार है जिसे शहर से लेकर गांव तक में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है और भुजलिया विसर्जन के लिये महिलाओ में खूब हर्षोल्लास रहता है।

महिलाओं के द्वारा भुजलिया विसर्जन से पूर्व भुजलिया की आरती की जाती है और अपनी कामनाओं के साथ भुजलिया का विसर्जन किया जाता है। जिसके लिए माताएं-बहनें भारी संख्या में जुड़ती है और अपनी पारंपरिक रूप से भुजलिया का विसर्जन किया जाता है। महिलाओं के द्वारा एक दूसरे के ऊपर पानी की बौछार की जाती है और एक दूसरे को भुजलिया देकर सुख समृद्धि की कामना की जाती है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी का 75 वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन


मेरे प्यारे देशवासियो,

नमस्कार!

  1. देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और उल्लास का दिन है। इस वर्ष के स्वाधीनता दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि इसी वर्ष से हम सब अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई!
  2. स्वाधीनता दिवस हमारे लिए पराधीनता से मुक्ति का त्योहार है। कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आज़ादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। उनके शौर्य और पराक्रम के बल पर ही आज हम और आप आज़ादी की सांस ले रहे हैं। मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।
  3. अनेक देशों की तरह हमारे राष्ट्र को भी, विदेशी हुकूमत के दौरान बहुत अन्याय और अत्याचार सहने पड़े। परंतु भारत की विशेषता यह थी कि गांधीजी के नेतृत्व में हमारा स्वाधीनता आंदोलन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित रहा। उन्होंने तथा अन्य सभी राष्ट्र-नायकों ने भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने का मार्ग तो दिखाया ही, साथ ही राष्ट्र के पुनर्निर्माण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने भारतीय जीवन-मूल्यों और मानवीय गरिमा को पुनः स्थापित करने के लिए भी भरपूर प्रयास किए।
  4. अपने गणतन्त्र की विगत 75 वर्षों की यात्रा पर जब हम नजर डालते हैं तो हमें यह गर्व होता है कि हमने प्रगति पथ पर काफी लंबी दूरी तय कर ली है। गांधीजी ने हमें यह सिखाया है कि गलत दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने से अच्छा है कि सही दिशा में धीरे ही सही लेकिन सधे हुए कदमों से आगे बढ़ा जाए। अनेक परम्पराओं से समृद्ध भारत के सबसे बड़े और जीवंत लोकतन्त्र की अद्भुत सफलता को विश्व समुदाय सम्मान के साथ देखता है।

प्यारे देशवासियो,

  1. हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। भारत ने ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी के 121 वर्षों में सबसे अधिक मेडल जीतने का इतिहास रचा है। हमारी बेटियों ने अनेक बाधाओं को पार करते हुए खेल के मैदानों में विश्व स्तर की उत्कृष्टता हासिल की है। खेल-कूद के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सफलता में युगांतरकारी परिवर्तन हो रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों से लेकर सशस्त्र बलों तक, प्रयोगशालाओं से लेकर खेल के मैदानों तक, हमारी बेटियां अपनी अलग पहचान बना रही हैं। बेटियों की इस सफलता में मुझे भविष्य के विकसित भारत की झलक दिखाई देती है। मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।
  2. पिछले साल की तरह, महामारी के कारण, इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े पैमाने पर नहीं मनाए जा सकेंगे लेकिन हम सबके हृदय में हरदम भरपूर उत्साह बना हुआ है। हालांकि महामारी की तीव्रता में कमी आई है लेकिन कोरोना-वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस वर्ष आई महामारी की दूसरी लहर के विनाशकारी प्रभाव से हम अभी तक उबर नहीं पाए हैं। पिछले वर्ष, सभी लोगों के असाधारण प्रयासों के बल पर, हम संक्रमण के प्रसार पर काबू पाने में सफल रहे थे। हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत ही कम समय में वैक्सीन तैयार करने का कठिन काम सम्पन्न कर लिया। इसलिए, इस वर्ष के आरंभ में हम सब विश्वास से भरे हुए थे क्योंकि हमने इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया था। फिर भी, कोरोना-वायरस के नए रूपों और अन्य अप्रत्याशित कारणों के परिणाम-स्वरूप हमें दूसरी लहर का भयावह प्रकोप झेलना पड़ा। मुझे इस बात का गहरा दुख है कि दूसरी लहर में बहुतेरे लोगों की प्राण रक्षा नहीं की जा सकी और बहुत से लोगों को भारी कष्ट सहने पड़े। यह अभूतपूर्व संकट का समय था। मैं, पूरे देश की ओर से, आप सभी पीड़ित परिवारों के दुख में, बराबर का भागीदार हूं।
  3. यह वायरस एक अदृश्य व शक्तिशाली शत्रु है जिसका विज्ञान द्वारा सराहनीय गति के साथ सामना किया जा रहा है। हमें इस बात का संतोष है कि इस महामारी में हमने जितने लोगों की जानें गंवाई हैं, उससे अधिक लोगों की प्राण रक्षा कर सके हैं। एक बार फिर, हम अपने सामूहिक संकल्प के बल पर ही दूसरी लहर में कमी देख पा रहे हैं। हर तरह के जोखिम उठाते हुए, हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है।
  4. कोविड की दूसरी लहर से हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे पर बहुत दबाव पड़ा है। सच तो यह है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं समेत, किसी भी देश का बुनियादी ढांचा, इस विकराल संकट का सामना करने में समर्थ सिद्ध नहीं हुआ। हमने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए युद्ध-स्तर पर प्रयास किए। देश के नेतृत्व ने इस चुनौती का डटकर सामना किया। केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ-साथ राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं, गैर सरकारी संगठनों तथा अन्य समूहों ने सक्रिय योगदान किया। इस असाधारण अभियान में, कई देशों ने, उदारता से, अनिवार्य वस्तुएं उसी तरह साझा कीं, जैसे भारत ने बहुत से देशों को दवाइयां, उपकरण और वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। इस सहायता के लिए मैं विश्व समुदाय का आभार प्रकट करता हूं।
  5. इन सभी प्रयासों के परिणाम-स्वरूप, काफी हद तक, सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और अब हमारे अधिकांश देशवासी राहत की सांस ले रहे हैं। अब तक के अनुभव से यही सीख मिली है कि अभी हम सबको लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय वैक्सीन हम सबके लिए विज्ञान द्वारा सुलभ कराया गया सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है। हमारे देश में चल रहे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 50 करोड़ से अधिक देशवासियों को वैक्सीन लग चुकी है। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

मेरे प्यारे देशवासियो,

  1. इस महामारी का प्रभाव अर्थव्यवस्था के लिए उतना ही विनाशकारी है, जितना लोगों के स्वास्थ्य के लिए। सरकार गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों की समस्याओं के विषय में भी चिंतित रही है। सरकार, उन मजदूरों और उद्यमियों की जरूरतों के प्रति भी संवेदनशील रही है जिन्हें लॉकडाउन और आवागमन पर प्रतिबंधों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए सरकार ने पिछले वर्ष उन्हें राहत प्रदान करने के लिए बहुत से कदम उठाए थे। इस वर्ष भी सरकार ने मई और जून में करीब 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराया। अब यह सहायता दीपावली तक के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, कोविड से प्रभावित कुछ उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने हाल ही में 6 लाख 28 हजार करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। यह तथ्य विशेष रूप से संतोषजनक है कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए एक वर्ष की अवधि में ही तेईस हजार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
  2. मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में – विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में – बढ़ोतरी जारी रही है। हाल ही में, कानपुर देहात जिले में स्थित अपने  पैतृक गांव परौंख की यात्रा के दौरान, मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की मनोवैज्ञानिक दूरी अब पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। मूलतः, भारत गांवों में ही बसता है, इसलिए उन्हें विकास के पैमानों पर पीछे नहीं रहने दिया जा सकता। इसीलिए, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि सहित, हमारे किसान भाई-बहनो के लिए विशेष अभियानों पर बल दिया जा रहा है।
  3. ये सभी प्रयास आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के अनुरूप हैं। हमारी अर्थव्यवस्था में निहित विकास की क्षमता पर दृढ़ विश्वास के साथ सरकार ने रक्षा, स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, विद्युत तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश को और अधिक सरल बनाया है। सरकार द्वारा पर्यावरण के अनुकूल, ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों, विशेष रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के नवीन प्रयासों की विश्वव्यापी प्रशंसा हो रही है। जब ‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में सुधार होता है, तब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ पर भी पड़ता है। इसके अलावा जन कल्याण की योजनाओं पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए 70,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना की बदौलत, अपना खुद का घर होने का सपना अब साकार हो रहा है। एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किए गए अनेक सुधारों से हमारे अन्नदाता किसान और भी सशक्त होंगे और उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त होगी। सरकार ने प्रत्येक देशवासी की क्षमता को विकसित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं जिनमें से कुछ का ही उल्लेख मैंने किया है।

प्यारे देशवासियो,

  1. अब जम्मू-कश्मीर में नव-जागरण दिखाई दे रहा है। सरकार ने लोकतंत्र और कानून के शासन में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैं जम्मू-कश्मीर के निवासियों, विशेषकर युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सक्रिय होने का आग्रह करता हूं।
  2. सर्वांगीण विकास के प्रभाव से, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का कद ऊंचा हो रहा है। यह बदलाव, प्रमुख बहुपक्षीय मंचों पर हमारी प्रभावी भागीदारी में तथा अनेक देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने में परिलक्षित हो रहा है।   

प्यारे देशवासियो,

  1. पचहत्तर साल पहले जब भारत ने आजादी हासिल की थी, तब अनेक लोगों को यह संशय था कि भारत में लोकतंत्र सफल नहीं होगा। ऐसे लोग शायद इस तथ्य से अनभिज्ञ थे कि प्राचीन काल में, लोकतंत्र की जड़ें इसी भारत भूमि में पुष्पित-पल्लवित हुई थीं। आधुनिक युग में भी भारत, बिना किसी भेद-भाव के सभी वयस्कों को मताधिकार देने में अनेक पश्चिमी देशों से आगे रहा। हमारे राष्ट्र-निर्माताओं ने जनता के विवेक में अपनी आस्था व्यक्त की और ‘हम भारत के लोग’ अपने देश को एक शक्तिशाली लोकतंत्र बनाने में सफल रहे हैं।
  2. हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है, अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। जहां जनता की सेवा के लिए, महत्वपूर्ण मुद्दों पर वाद-विवाद, संवाद और निर्णय करने का सर्वोच्च मंच हमें उपलब्ध है। यह सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नए भवन में स्थापित होने जा रहा है। यह भवन हमारी रीति और नीति को अभिव्यक्त करेगा। इसमें हमारी विरासत के प्रति सम्मान का भाव होगा और साथ ही समकालीन विश्व के साथ कदम मिलाकर चलने की कुशलता का प्रदर्शन भी होगा। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस नए भवन के उदघाटन को विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक प्रस्थान बिन्दु माना जाएगा।
  3. सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। ‘गगनयान मिशन’ उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है। इस मिशन के तहत भारतीय वायु सेना के कुछ पायलट विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जब वे अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगे, तो भारत मानव-युक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इस प्रकार, हमारी आकांक्षाओं की उड़ान किसी प्रकार की सीमा में बंधने वाली नहीं है।
  4. फिर भी, हमारे पैर यथार्थ की ठोस जमीन पर टिके हुए हैं। हमें यह एहसास है कि आज़ादी के लिए मर-मिटने वाले स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में हमें अभी काफी आगे जाना है। वे सपने, हमारे संविधान में, ‘न्याय’, ‘स्वतन्त्रता’, ‘समता’ और ‘बंधुता’ इन चार सारगर्भित शब्दों द्वारा स्पष्ट रूप से समाहित किए गए हैं। असमानता से भरी विश्व व्यवस्था में और अधिक समानता के लिए तथा अन्यायपूर्ण परिस्थितियों में और अधिक न्याय के लिए, दृढ़तापूर्वक प्रयास करने की आवश्यकता है। न्याय की अवधारणा बहुत व्यापक हो गयी है जिसमें आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ा न्याय भी शामिल है। आगे की राह बहुत आसान नहीं है।  हमें कई जटिल और कठिन पड़ाव पार करने होंगे, लेकिन हम सबको असाधारण मार्गदर्शन उपलब्ध है। यह मार्गदर्शन विभिन्न स्रोतों से हमें मिलता है। सदियों पहले के ऋषि-मुनियों से लेकर आधुनिक युग के संतों और राष्ट्र-नायकों तक हमारे मार्गदर्शकों की अत्यंत समृद्ध परंपरा की शक्ति हमारे पास है। अनेकता में एकता की भावना के बल पर, हम दृढ़ता से, एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। 
  5. विरासत में मिली हमारे पूर्वजों की जीवन-दृष्टि, इस सदी में, न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए सहायक सिद्ध होगी। आधुनिक औद्योगिक सभ्यता ने मानव जाति के सम्मुख गम्भीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। समुद्रों का जल-स्तर बढ़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन की समस्या हमारे जीवन को प्रभावित कर रही है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत ने, न केवल पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया है, बल्कि जलवायु की रक्षा के लिए तय की गई प्रतिबद्धता से भी अधिक योगदान कर रहा है। फिर भी मानवता को विश्व स्तर पर अपने तौर-तरीके बदलने की सख्त जरूरत है। इसीलिए भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर दुनिया का रुझान बढ़ता जा रहा है; ऐसी ज्ञान परंपरा जो वेदों और उपनिषदों के रचनाकारों द्वारा निर्मित की गई, रामायण और महाभारत में वर्णित की गई, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध तथा गुरु नानक द्वारा प्रसारित की गई, और महात्मा गांधी जैसे लोगों के जीवन में परिलक्षित हुई।
  6. गांधीजी ने कहा था कि प्रकृति के अनुरूप जीने की कला सीखने के लिए प्रयास करना पड़ता है, लेकिन एक बार जब आप नदियों और पहाड़ों, पशुओं और पक्षियों के साथ संबंध बना लेते हैं, तो प्रकृति अपने रहस्यों को आप के सामने प्रकट कर देती है। आइए, हम संकल्प लें कि गांधी जी के इस संदेश को आत्मसात करेंगे और जिस भारत भूमि पर हम रहते हैं, उसके पर्यावरण के संरक्षण के लिए त्याग भी करेंगे।
  7. हमारे स्वतन्त्रता सेनानियों में देश-प्रेम और त्याग की भावना सर्वोपरि थी। उन्होंने अपने हितों की चिंता न करते हुए हर प्रकार की चुनौतियों का सामना किया। मैंने देखा है कि कोरोना के संकट का सामना करने में भी लाखों लोगों ने अपनी परवाह न करते हुए मानवता के प्रति निस्वार्थ भाव से दूसरों के स्वास्थ्य और प्राणों की रक्षा के लिए भारी जोखिम उठाए हैं। ऐसे सभी कोविड योद्धाओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं। अनेक कोविड योद्धाओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। मैं उन सबकी स्मृति को नमन करता हूं।
  8. हाल ही में, ‘कारगिल विजय दिवस’ के उपलक्ष में, मैं लद्दाख स्थित ‘कारगिल युद्ध स्मारक – द्रास’ में अपने बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जाना चाहता था। लेकिन रास्ते में, मौसम खराब हो जाने की वजह से, मेरा उस स्मारक तक जाना संभव नहीं हो पाया। वीर सैनिकों के सम्मान में, उस दिन मैंने बारामूला में ‘डैगर वॉर मेमोरियल’ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह मेमोरियल उन सभी सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने अपने कर्तव्य-पथ पर सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन जांबाज़ योद्धाओं की वीरता और त्याग की सराहना करते हुए मैंने देखा कि उस युद्ध स्मारक में एक आदर्श-वाक्य अंकित है: “मेरा हर काम, देश के नाम।

यह आदर्श-वाक्य हम सभी देशवासियों को मंत्र के रूप में आत्मसात कर लेना चाहिए तथा राष्ट्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करना चाहिए। मैं चाहूंगा कि राष्ट्र और समाज के हित को सर्वोपरि रखने की इसी भावना के साथ हम सभी देशवासी, भारत को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए एकजुट हो जाएं।

मेरे प्यारे देशवासियो,

  1. मैं विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों की सराहना  करता हूं, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता की रक्षा की है, और आवश्यकता पड़ने पर सहर्ष बलिदान भी दिया है। मैं सभी प्रवासी भारतीयों की भी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने जिस देश में भी घर बसाया है, वहां अपनी मातृभूमि की छवि को उज्ज्वल बनाए रखा है।
  2. मैं एक बार फिर आप सभी को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बधाई देता हूं। यह वर्षगांठ मनाते हुए मेरा हृदय सहज ही आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत की परिकल्पना से भरा हुआ है।
  3. मैं यह मंगलकामना करता हूं कि हमारे सभी देशवासी कोविड महामारी के प्रकोप से मुक्त हों तथा सुख और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ें।   

एक बार पुनः आप सभी को मेरी शुभकामनाएं!

धन्यवाद,

जय हिन्द!