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मध्य प्रदेश में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य, न पहनने पर होगी कार्यवाही


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं! अब राज्य सरकार ने घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है!

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सचिव राजीव चंद्र दुबे ने गुरुवार को जारी आदेश में कहा है कि कोरोनावायरस की रोकथाम एवं बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना या चेहरा ढक कर रखना जरूरी है! इस आदेश के जरिए प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थल पर निकलते समय मास्क या फेस कवर पहनना अनिवार्य कर दिया है!

स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने जारी आदेश में कहा है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर mask का उपयोग किया जा सकता है, या होममेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है! इस होममेड मास्क या फेस कवर को साबुन से अच्छे से धो कर फिर उपयोग में लाया जा सकता है!

मुलतापी समाचार

कोरोना से बढ़ा मध्यप्रदेश में वित्तीय संकट


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: कोरोना का असर लोगों की सेहत के साथ सरकार की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है! 14 अप्रैल तक lockdown खत्म होने पर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की आशंका है! इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार देर रात 4 सदस्य समिति का गठन किया है! यह समिति सरकार को आर्थिक संकट से उबारने के सुझाव देगी! एसीएस फाइनेंस अनुराग जैन को इसका कोऑर्डिनेटर बनाया गया है!

मध्यप्रदेश में वित्तीय संकट आने से पहले सरकार को लेकर जारी उठापटक फिर सत्ता परिवर्तन और अब लॉकडाउन! काम धंधा दफ्तर सब बंद है! यह नुकसान कितना ज्यादा है इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च के महीने में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या 40 फ़ीसदी से भी कम रही! केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि भी अटकी हुई है! सिनेमा हॉल माल सब बंद है इसलिए सरकार को टैक्स में भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है! लोगों की आवाजाही बंद होने से पेट्रोल डीजल की खपत भी ना के बराबर है!

इस साल वाणिज्य कर विभाग के पास 54 हजार 888 करोड़ रुपए की कर वसूली का टारगेट था! अब इसमें 18 सौ करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है! कोरोना का असर जमीन -मकान और दुकान की रजिस्ट्री पर भी दिखाई दे रहा है! रजिस्ट्री से राज्य सरकार को 65 सौ करोड़ रुपए के राजस्व वसूली की उम्मीद थी लेकिन कोरोना की मार ने उसकी सारी प्लानिंग फैल कर दी है!

Corona का असर शराब से होने वाली आमदनी पर भी पड़ा है! मुख्यमंत्री के शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश के बाद अब शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद है! इस वजह से आबकारी विभाग को होने वाली आय भी घटने के पूरे आसार हैं! इस बार विभाग को 11500 करोड़ रुपए आय का अनुमान था, लेकिन अब इसमें 200 से 300 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है!

निर्माण कार्य बंद होने से माइनिंग पर भी सीधा असर पड़ा है! इससे सरकार को होने वाली आय बुरी तरह से प्रभावित हुई है! जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार से जो क्षतिपूर्ति राशि मिलना है वह पैसा भी राज्य को नहीं मिला है! यदि lockdown की अवधि बढ़ाई जाती है तो इसका असर भी सरकार के खजाने पर पड़ेगा! कुल मिलाकर कोरोना का असर सरकार के लिए बड़ा नुकसानदेह साबित हो रहा है!

रबी फसल की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होती है जो लाकडाउन के कारण सरकार ने इस बार 15 अप्रैल से शुरू करने का फैसला किया है! इसके लिए भी सरकार को करोड़ों रुपए की जरूरत होगी! ऐसे में सरकार के सामने अपने मौजूदा वित्तीय संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की बड़ी चुनौती है! lockdown के दो हफ्तों में ही अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी से उतर गई है! अगर यह और लंबा खिंचा तो इसका असर प्रदेश में अटके बड़े प्रोजेक्ट पर भी दिखाई देगा, जिसकी मार बरसों तक महसूस होगी!

प्रदेश सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण के कारण पैदा आर्थिक संकट से निपटने के लिए 4 सदस्य समिति का गठन किया है! यह समिति सरकार को आर्थिक संकट से उबारने के सुझाव देगी! एसीएस फाइनेंस अनुराग जैन को इसका कोऑर्डिनेटर बनाया गया है!

मुलतापी समाचार

भोपाल में 12 और संक्रमित मिले


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को भी कोरोना वायरस संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया है! मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि भोपाल में कोरोना संक्रमित 12 नए मरीज मिले हैं! इनमें से पांच व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं, और 7 मरीज पुलिस और उनके परिवार के लोग हैं! भोपाल में अभी तक 75 लोग इस संक्रमण के पाए गए हैं! जिनमें से दो संक्रमित मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं! एक व्यक्ति नरेश खटीक की मृत्यु हुई है!

मुलतापी समाचार

भोपाल में दिग्विजय सिंह के जाते ही खाने के पैकेट बांटना बंद, लोग भूखे लौटे


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगातार दावा कर रही है कि वह प्रतिदिन कम से कम 25000 लोगों को भोजन के पैकेट बांट रही है, परंतु आज उस समय कांग्रेस की पोल खुल गई जब दिग्विजय  सिंह अपनी पत्नी अमृता राव सिंह के साथ गरीबों को भोजन के पैकेट बांटने आए! मीडिया की मौजूदगी में उन्होंने करीब 15 मिनट तक लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए! उनके जाते ही भोजन का वितरण भी बंद कर दिया गया!

                     मात्र चार पुरी और एक चम्मच सब्जी के लिए लोग घंटों तेज धूप में लाइन में लगे रहे, और दिग्विजय सिंह निर्धारित समय के 45 मिनट बाद आए! करीब 2 घंटे तक लोग लाइन में लगे रहे

प्रदेश कांग्रेस के द्वारा बैरागढ़ के कम्युनिटी हाल में गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए शनिवार से रसोई शुरू की गई है! सुबह से ही बस्तियों में सूचना दे दी गई थी कि दोपहर में भोजन पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह बाटेंगे! दिग्विजय सिंह के आने के पहले से ही आयोजन स्थल पर लंबी-लंबी कतारें लग गई! दिग्विजय सिंह तय समय से करीब 45 मिनट देरी से यहां पहुंचे! दिग्विजय ने 15 मिनट तक गरीबों को भोजन के पैकेट दिए! इसके बाद वह चले गए! थोड़ी देर बाद आयोजकों ने भोजन वितरण बंद कर दिया और कह दिया कि अब शाम को आना, लोगों को भूखे पेट वापस लौटना पड़ा!

मुलतापी समाचार

भोपाल में बनी पहली फुल बॉडी सेनेटाइजेशन मशीन


भोपाल : भोपाल मध्यप्रदेश का पहला जिला है, जिसने कोरोना से जंग के लिए बनाए गए वार रूम को संक्रमण से मुक्त करने के लिए फुल बॉडी सेनेटाइज मशीन बनाई है। नगर निगम के इंजीनियर ने तो और भी गज़ब दिया। उन्होंने दो लाख की इस मशीन को मात्र एक दिन में सिर्फ 30 हजार रूपये की लागत में तैयार कर दिया।

प्रशासक नगर निगम भोपाल श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव की अभिनव पहल पर आयुक्त श्री विजय दत्ता ने इस मशीन को स्मार्ट सिटी कार्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित कराया है।

स्मार्ट सिटी कार्यालय में कार्यरत हर अधिकारी-कर्मचारी को इस मशीन के भीतर से गुजर कर ही कार्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अब यहाँ अधिकारी-कर्मचारी भयमुक्त होकर कामकर रहे हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं उसके उपाय के लिए शासन, प्रशासन एवं नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों सहित संपूर्ण अमला कंट्रोल रूम के वार रूम से नागरिकों को हर संभव मदद के लिए 24×7 घण्टे सेवा भाव से काम कर रहे हैं।

भोपाल शहर एवं प्रदेश भर की हर पल-हर क्षण की जानकारी/सूचना संकलित करने तथा नागरिकों को हर संभव सहायता देने एवं जागरूक करने के लिए भोपाल शहर एवं प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम स्मार्ट सिटी में संचालित किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी कार्यालय कंट्रोल रूम में बड़ी संख्या में शीर्ष अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं।

इस फुल बॉड़ी सेनेटाइजेशन मशीन को उपायुक्त श्री विनोद कुमार शुक्ल और सहायक यंत्री श्री हबीब उर रहमान की टीम द्वारा निजी कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसे भोपाल में ही तैयार किया गया है।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

एटीएम कम्पनियों के कर्मचारीयों को मिले सम्मान


मुलतापी समाचार

भोपाल: एटीएम कम्पनी से जुड़े लोगो को जो मुख्यतः 5 से 6 कम्पनियों के लाखो कर्मचारी हैं। इनकी मेहनत,लगन और असीमित घंटो तक के काम को भी सम्मान देने कि जरुरत हैं।
जब भी कोई त्यौहार हो महत्वपूर्ण कार्य हो नोटबंदी के समय या #COVID19 कोरोना जैसी महामारी के चलते भी कम्पनी के लाखो कर्मचारी अपने घर परिवार की चिंता छोड़कर अपनी सेवाएं निरंतर दे रहे हैं।पुलिस,सेना,अस्पताल और बैंक जैसा ही, एटीएम मे काम करने वाले सभी
कैश आफीसर,एटीएम इन्जीनियर,एमएसपी के कर्मचारी,काल सेन्टर,गनमैन,ड्राइवर समेत मेनेजमेन्ट निरन्तर 24 घंटे सेवा मे लगे हुये हैं
भारत सरकार से निवेदन है कि एटीएम कम्पनियों के कर्मचारियों को भी सम्मान दे और आर्थिक पैकेज की घोषणा करें।

मुलतापी समाचार बैतूल एटीएम कम्पनी से जुड़े सभी कर्मचारियो का दिल से आभार और धन्यवाद् जो आपातकाल में अपनी सेवाएं निरंतर दे रहे हैं।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

Shiva pawar

COVID19 के संदिग्ध प्रकरणों के लिये होम क्वारेंटाईन की मार्गदर्शिका एवं दिशा निर्देश जारी


राज्य शासन ने होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति के लिये मार्ग दर्शिका एवं दिशा निर्देश जारी किये हैं। कहा गया है कि इन व्यक्तियों को :-

  1. साफ हवादार कमरे में रखें जिसमें अटेच्ड शौचालय उपलब्ध हो। व्यक्ति को किसी भी अन्य कमरे में ना जाने दिया जाये।
  2. अगर परिस्थतिवश किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति के साथ उसी कमरे में रहना पड़े, तो कम से कम 1 मीटर की दूरी रखें।
  3. पृथक कमरा नहीं होने एवं अधिक सदस्य होने की स्थिति में चिन्हांकित अस्पतालों में बनाये गये क्वारेंटाईन वार्ड में रखा जाये।
  4. वृद्धजन, गर्भवती महिलाएँ, छोटे बच्चों एवं ऐसे बीमार व्यक्ति, जिन्हें उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, अस्थमा एवं कैंसर आदि बीमारियाँ हो, से दूर रखा जाये।
  5. घर से बाहर ना निकलने दिया जाये। किसी भी स्थिति में सामाजिक अथवा धार्मिक आयोजन जैसे शादी अथवा प्रार्थना सभा में सम्मलित ना होने दिया जाये।

होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति द्वारा निम्नलिखित सावधानियाँ बरती जायें:-

  1. बार-बार साबुन एवं पानी से हाथ धोये जायें अथवा एल्कोहल युक्त सेनेटाईजर से हाथ साफ किये जायें।
  2. घरेलू समान जैसे खाने के बर्तन, उपयोग किये कपड़े एवं चादरें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा ना किया जाये तथा स्वयं धोये जायें।
  3. हमेशा सर्जिकल मास्क लगाया जाये तथा हर 6 से 8 घण्टे बाद मास्क बदल कर बन्द ढक्कन वाले कूडेदान में निष्पादन किया जाये। डिस्पोजेबल मास्क का पुन: उपयोग ना करें।
  4. कपडे़ के मास्क को उपयोग करने के बाद स्वयं अच्छी तरह से साबुन से धोकर धूप में सुखाकर एवं प्रेस करने के बाद ही पुन: उपयोग में लायें।
  5. स्वयं के शरीर का तापमान नियमित अन्तराल पर जांचा जाये।
  6. अगर खांसी, बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरन्त अपने जिले में कोविद-19 कंट्रोल रूम के टेलीफोन नम्बर 104, 181 पर सम्पर्क करें।
  7. होम क्वारेंटाईन के दौरान खुद को रचनात्मक गतिविधियों जैसे व्यायाम तथा योग आदि में व्यस्त रखें। नियमित रूप से पौष्टिक आहार एवं पानी का सेवन किया जाये।

होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति के परिवारजनों द्वारा निम्नलिखित सावधानियाँ बरती जायें:-

  1. होम क्वारेटाईन में रह रहे व्यक्ति की देखभाल परिवार के किसी एक निश्चित व्यक्ति द्वारा ही की जाये।
  2. होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति द्वारा उपयोग किये कपडे़ ना झटके जायें तथा शारीरिक सम्पर्क में ना आया जाये।
  3. संक्रमित सतह तथा कपड़ों को छूते समय डिस्पोजेबल दस्तानों का उपयोग किया जाये।
  4. मेहमानों अथवा बाहरी व्यक्तियों को आने-जाने ना दिया जाये।
  5. होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति में कोविद-19 के लक्षण पाये जाने पर उसके सम्पर्क में आये सभी व्यक्तियों को 14 दिन के लिये होम क्वारेंटाईन किया जाये तथा पुन: अतिरिक्त 14 दिन के लिये होम क्वारेंटाईन किया जाये अथवा जब तक कि ऐसे व्यक्तियों की लैब रिपोर्ट नेगेटिव ना जा जाये।
  6. वातावरण की स्वाच्छता सुनिश्चित करने हेतु होम क्वारेटाईन में रह रहे व्यक्ति द्वारा छूई गई सतहों को 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट या साबुन के घोल से बार-बार साफ किया जाये।

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शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

कलेक्टरों को कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट होगी- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों,से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की प्रभावित होने वालों के लिये सहायता पैकेज की घोषणा

सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दो माह का एडवांस भुगतान

मजदूरों को प्रति मजदूर 1000 रुपए की सहायता

जनजातियों परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि

मध्यान्ह भोजन के लिये 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में 156 करोड़ की राशि

वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से आयुक्तों, आई.जी. कलेक्टरों, एस.पी. अन्य अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल: मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों, आई.जी., जिला कलेक्टरों, एस.पी., सीएमएचओ, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका, सीएमओ से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित वर्गों के लिये सहायता पैकेज की देने की बात की । उन्होने कहा कि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रु. प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत रुपए 275 करोड़ प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जायेगा।

संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी। इसी प्रकार 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि दो हजार रुपए भेजी जाएगी।

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर शासकीय हॉस्पिटल/मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क इलाज किया ही जायेगा साथ-साथ चिन्हित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज/प्राइवेट हॉस्पिटल में भी‍ नि:शुल्क इलाज सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत में निर्धारित दरों के हिसाब से भुगतान किया जावेगा।

ग्राम पंचायतों में पंच-परमेश्वर योजना की प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध है। इसे कोरोना के नियंत्रण तथा लॉकडाउन के कारण जहाँ भी लोगों को भोजन/आश्रय की व्यवस्था करना हो खर्च की अनुमति प्रदान की जा रही है।

स्कूल बंद होने से मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। अप्रैल 2020 तक का खाद्यान्न रिलीज किया जा चुका है। इसे अब पी.डी.एस. अन्तर्गत राशन दुकानों को उपलब्ध कराया जायेगा।

इसके फलस्वरूप कुल 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन की 156 करोड़ 15 लाख रूपए की राशि का वितरण किया जायेगा – प्राथमिक शालाओं के 60.81 लाख विद्यार्थियों को 155 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 94.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शाला के 26.68 लाख विद्यार्थियों को 232 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 61.90 करोड़ दिये जायेगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहें। भीड़-भाड़ न हो। सभी धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्थानों को भी आम जनता के लिये बंद रखा जायेगा। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये ककि वे स्थानीय धर्म गुरूओं से चर्चा करें।

मुख्यमंत्री के निर्देश

• मेले आदि का आयोजन भी अगले 21 दिनों तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का सभी जगह गम्भीरता से पालन कराने के निर्देश दिये हैं।

• सामुदायिक निगरानी को बढ़ाया जाये जिससे बुखार सर्दी खांसी के मरीजों के बारे में जिला प्रशासन को तत्काल सूचना मिल सके।

• जिन मरीजों को सामान्य सर्दी खांसी और बुखार हो उन्हें जांच के बाद समाधान होने पर घर में ही दवा पहुंचाने के प्रयास करें। कलेक्टर इस कार्य के लिये मोहल्ले या वार्ड की स्वयंसेवी और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगे मदद के लिये प्रेरित करें।

• कॉल सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखा जाये। कॉल सेंटर से सूचना प्राप्त होने पर घर पर दवाई पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

• शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हो सकते है, जिन्हें लॉकडाउन के कारण भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई आ रही हो ऐसी स्थिति में स्वयं सेवी संस्थाओं आदि को प्रेरित कर भोजन के पैकेट बनवाये जाये एवं वितरण की व्यवस्था की जाये ताकि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
• सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

दवाई की दुकान, किराने की दुकान एवं फल सब्जियों की दुकानों के सामने नगर निगम एवं नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से पेंट तथा चूने से निशान लगाये जाए, जिससे खरीदी करने वाले व्यक्ति आपस में सोशल डिस्टेंसिंग रख सके।

• ऐसी दुकान एवं संस्थाओं के खुले रहने का समय अधिक से अधिक हो ताकि किसी एक समय पर भीड़ लगने की संभावना कम हो।

• सुनिश्चित करें कि प्रदेश में माल परिवहन बिना बाधित हुए चलता रहें ताकि वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आवे। पैकेजिंग मटेरियल के परिवहन में भी बाधा नहीं आए। माल परिवहन से संबंधित वाहनों को चेक पांईट पर भी नहीं रोका जाये।

• सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि अत्यावश्यक वस्तु एवं दैनिक उपयोगी एवं मार्केट में दवाई की सामान्य कीमत पर मिल सके। अधिक कीमतें वसूल करने की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जावे।

• डॉक्टर, नर्स तथा आवश्यक कार्य करने वाले अमले को पर्याप्त सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधा मिल सके, यह सुनिश्चित करें।

• समस्त संभागीय आयुक्तों का यह दायित्व है कि वे अपने सभी जिलों में समन्वय रखें। यदि आपूर्ति तथा लॉजिस्टिक्स की कोई समस्या है तो तत्काल अवगत करायें।

• उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सामग्री जैसे सब्जियाँ, किराना, दूध, फल आदि सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध करायी जाये।

• सब्जी मंडियों में अनावश्यक भीड़-भाड़ ना हो। वहाँ से केवल रिटेल व्यापारी ही सब्जियाँ खरीदें उपभोक्ता नहीं। अगर संभव हो तो उन्हें फैला दें।

वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी
कोरोना नियंत्रण हेतु राज्य पर अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के चार वर्टिकल बनाए गए है : –

  1. दवाओं, उपकरणों एवं चिकित्सा सामग्री की सप्लाई – श्री फैज अहमद किदवई, प्रमुख सचिव
  2. इलाज एवं अस्पताल प्रबंधन – श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव
  3. कॉल सेंटर एवं एम्बुलेंस सेवायें – श्री बी. चन्द्रशेखर एवं श्री नन्दकुमारम
  4. अत्यावश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की पूर्ति तथा समन्वय – श्री आई.सी.पी. केशरी, अपर मुख्य सचिव
    स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपूर्ण समन्वय डॉ. पल्लवी जैन गोविल द्वारा किया जा रहा है। इन सभी वर्टिकल से संबंधित कोई भी समस्या आने पर कलेक्टर संबंधित अधिकारी से चर्चा कर समाधान कर सकते है।

होम डिलेवरी, टेक होम एवं कोरियर सुविधाएँ चालू रहेगी, जिससे कम से कम लोग अपने घरों से बाहर आये और उन्हें घर पहुँच सेवा उपलब्ध हो सके।

किसानों को सुविधाएं
फसल कटाई में लगे मजदूरों एवं हार्वेस्टर्स को आवश्यक सुविधा प्रदान की जाये ताकि फसल कटाई प्रभावित ना हों। हार्वेस्टर्स कभी भी न रोके जाये।
किसानों को मंडी में एस.एम.एस. से बुलाने एवं उपार्जन केंद्रों की स्थापना तथा मंडियों की व्यवस्था ऐसी हो जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग मापदंडों का कड़ाई से पालन हो। इस संबंध में आपसे पृथक से चर्चा की जावेगी।

वे जिले, जहां रेल्वे के रेक पाईट है, वहाँ कार्य कर रहे हम्मालों एवं मजदूरों की भी मेडिकल स्क्रीनिंग करा ली जाये। यह सुनिश्चित करें कि रैक समय पर खाली हो ताकि प्रदेश में खाद, बीज, यूरिया आदि की कमी ना हो।

प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स को भी कोरोना के विरूद्ध लड़ाई के अभियान में जोड़ा जाये।
विदेश से आने वाले एवं अन्य राज्यों से यात्रा कर आये नागरिकों/यात्रियों की शत प्रतिशत पहचान एवं स्क्रीनिंग की जाये।
मेडिकल मोबाइल यूनिट, रैपिड रिस्पाँस टीम को पूरी तरह तैयार एवं सक्रिया रखा जाये।

पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति अबाधित रखी जावे।
आइसोलेशन वार्ड एवं आइसोलेशन सेंटर की पर्याप्त व्यवस्था की जावे।

जिला कलेक्टरों को कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट होगी। वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल उचित निर्णय लें। राज्य सरकार उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करायेगी।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

MP Bhopal पत्रकार की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद बड़ी पत्रकारों की टेंशन


मुलतापी समाचार

Hirdesh dharwar

भोपाल में प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकार बंधु बैठे हुए

भोपाल। कोरोना वायरस का कहर धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा है । भोपाल में कोरोना वायरस का पहला केस सामने आने के बाद दूसरा केस भी सामने आ गया है। जिसमें भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार का नाम भी सामने आया है । बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार 20 मार्च को तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गए थे । जहां उन्होंने मुख्यमंत्री सहित प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। उस पत्रकार वार्ता में राजधानी के करीब 500 पत्रकार भी मौजूद थे। किसी पत्रकार वार्ता में कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और 22 तारीख को पत्रकार की बेटी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। उसके बाद जिला प्रशासन ने युवती को भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया, जहां उनका उपचार जारी है। 24 तारीख की सुबह 8:00 बजे जब पत्रकार का सैंपल लिया गया जिसकी आज रिपोर्ट आई तो वह भी पॉजिटिव मिले। पत्रकार की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद राजधानी के पत्रकारों में मानसिक तनाव बढ़ गया है । जिला प्रशासन ने राजधानी के पत्रकारों को होम आइसोलेट रहने की हिदायत दी है साथ ही कहा गया है यदि उन्हें 5 से 14 दिन के भीतर उन्हें सर्दी खांसी बुखार बदन दर्द सांस लेने में तकलीफ आदि कोई भी प्रॉब्लम हो तो वह हेल्पलाइन नंबर 104 और 108 पर संपर्क करें इसके बाद ही उनकी जांच की जा सकेगी साथ ही पत्रकारों को यह भी समझाइश दी गई है कि वे सामान्य लक्षण दिखाई देने पर किसी प्रकार की दवा का सेवन ना करें । इससे उनको खतरा और बढ़ सकता है। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुधीर डेहरिया का कहना है कि हम यह मानकर चलते हैं कि जो भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया होगा उसे क्वॉरेंटाइन माना जाएगा और उन्हें सलाह दी जाती है कि वह घर के अंदर रहे और सेल्फ आइसोलेशन को अपनाएं और किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

गौरतलब है कि पत्रकार वार्ता के बाद करोना पॉजिटिव पाए पत्रकार विधानसभा पहुंचे थे यहां भी उन्होंने कई पत्रकारों से और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया इतना ही नहीं पत्रकार ने कुछ टीवी चैनल्स के डिबेट कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया इसके बाद से पत्रकारों में भी इस बात की चिंता बढ़ गई है कि कहीं वे भी कोरोना पॉजिटिव ना हो जाए। पत्रकार से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की और शिवराज के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में भी निवेश शामिल हुए थे जहां बीजेपी के शीर्ष नेता व विधायक मौजूद रहे यदि इस चैन सिस्टम में कोरोना वायरस फैला तो भोपाल के लिए भी स्थिति ठीक नहीं होगी।

#covid_19 वायरस के बारे में अफवाह फैलाने वाले पर हो कार्यवाही – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की कोरोना के फैलाव को रोकने के उपायों की विस्तृत समीक्षा

शिवपुरी में भी कर्फ्यू लगाने के निर्देश

कोरोना वायरस संक्रमण के संबंध में अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें

भोपाल: मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां मंत्रालय में दूसरे दिन प्रदेश में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के उपायों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्वालियर एक और शिवपुरी में एक प्रकरण पॉजिटिव पाया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने शिवपुरी में भी कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोरोना को फैलाव को रोकने लिये चेन तोड़ना जरूरी है। स्थानीय संक्रमण से इसका फैलाव हर हालत में रोकना होगा। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सबके सहयोग से ही इस पर काबू पाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के संबंध में अफवाहें फैलाने और अवैज्ञानिक जानकारी फैलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करें। कॉल सेंटर में काम कर रहे अमले को लोगों को सटीक जानकारी देने के लिये निर्देश दें। उन्होंने कोरोना के फैलाव की रोकथाम के लिये वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार में मीडिया से भी सहयोग देने का आग्रह किया है। उन्होंने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे निजी अस्पतालों में उपलब्ध अमले से भी सहयोग देने को कहा है। उन्होंने कहा कि जिन राष्ट्रीय उदयानों, पर्यटन क्षेत्रों का भ्रमण कर विदेशी मेहमान लौटे हैं, उन क्षेत्रों में सघन जांच करें।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि भोपाल मेमोरियल अस्पताल और अनुसंधान सेंटर को राज्य स्तरीय कोविड 19 संस्थान घोषित किया गया है। अब तक कुल नौ पॉजिटिव प्रकरणों का पता चला है। ये प्रकरण चार जिलों में हैं। ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में पहले से कर्फ्यू है। कुल 26 प्रकरण जांच के लिये भेजे गये हैं और 1920 की निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में विदेशी नागरिक आये थे, वहां शहरी क्षेत्रों में घर—घर जाकर जांच की जा रही है और निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने ऐसे संभावित घरों और क्षेत्रों को तत्काल अलग रखने के निर्देश दिये ताकि वहां रहने वाले किसी के संपर्क में नहीं आयें। दस डिस्टिलरी को सेनीटाइजर बनाने के लिये कहा गया है ताकि वह स्थानीय तौर पर ही आसानी से उपलब्ध हो जाये।

बैठक में चिकित्सा सलाह के अनुसार सभी अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था लगभग एक मीटर के अंतर पर की गई थी। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी और सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्यसचिव एवं प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल