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Chaitra Navratri 2020 : चैत्र नवरात्रि प्रारंभ इस बार 3 सर्वार्थ सिद्धि व एक अमृत सिद्धि योग


Multapi Samachar

चैत्र नवरात्र शुरू

Chaitra Navratri 2020 चैत्र नवरात्र बुधवार से शुरू हो रही है। इसी दिन नवसंवत्सर है। इस बार नवरात्र में 3 सर्वार्थ सिद्धि योग और 1 अमृत सिद्धिय योग बन रहा है। इसमें की जाने वाली उपासना, साधना, पूजन, हवन, जाप का श्रेष्ठ पुण्य प्राप्त हागा। नवरात्र को लेकर जिले के पावई माता मंदिर, कालिका मामा मंदिर की रंगाई-पुताई पहले ही पूरी हो चुकी है। ब्रह्म मुहूर्त में यहां घट स्थापना होगी। हालांकि कोरोना वायरस के चलते किए गए लॉक डाउन के कारण भक्तों की संख्या नगण्य रहेगी।

चैत्र नवरात्र 25 मार्च से शुरू हो रही है। इसके लेकर शहर सहित अंचल के प्राचीन मंदिरों में एक सप्ताह पहले ही रंगाई-पुताई का काम हो चुका है। मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त में घट स्थापना होगी। लॉकडाउन के चलते नियमानुसार मां की पूजा-अर्चना व आराधना की जा जाएगी। नवरात्रि में भी विधि-विधान से पूजा अर्चना होगी। प्रशासन के आदेशानुसार मंदिर में भक्तों को नहीं आने दिया जाएगा।

साधना, उपासना, पूजन, हवन, जाप का श्रेष्ठ पुण्य मिलेगा

पंडित श्यामसुंदर पाराशर के मुताबिक 25 मार्च से 2 अप्रैल तक वासंती नवरात्र शुरू हो रही है। इस बार नवरात्रि में 3 सर्वार्थ सिद्धि योग व 1 अमृत सिद्धि योग बन रहा है। जिसमें की जाने वाली उपासना, साधना, पूजन, हवन, जाप से श्रेष्ठ पुण्य मिलता है। बुधवार को प्रतिपदा सूर्योदय पूर्व से शाम 5.27 तक रहेगी। घटस्थापना सुबह सूर्योदय से 12.20 तक तथा अभिजित मुहुर्त में 11.57 से 12.32 बजे तक शुभ मुहूर्त में किया जा सकता है।

26 मार्च को सुबह 6.29 से सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा जो अगले दिन 27 को सुबह 10.08 बजे तक रहेगा। 30 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6.25 से शाम 5.19 तक रहेगा। 2 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6.22 से शाम 7.28 तक रहेगा। 30 मार्च को शाम से अमृत सिद्धि योग निर्मित हो रहा है, जो अगले दिन सुबह 6.23 तक रहेगा।

पंडित विपिन कृष्ण भारद्वाज के मुताबिक इस बार 2 अप्रैल को रामनवमी पर शाम 7.28 बजे के बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ हो रहा है। रात में गुरुपुष्य की युक्ति सहित उपरोक्त सिद्धि योग में सभी अनिष्ट निवारणार्थ व मनोकामना सिद्धि के लिए देवी संबंधी उपासना पाठ जाप के लिए जाने से शीघ्र लाभ होगा। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल को अष्टमी सूर्योदय पूर्व से अगले 2 अप्रैल् को सूर्योदय पूर्व 3.42 बजे तक रहेगी। 3.42 के बाद नवमी तिथि शुरू होगी जो 2 अप्रैल की मध्यरात्रि तक रहेगी। इस प्रकार दुर्गाष्टमी 1 अप्रैल व श्रीरामनवमी 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। मुलतापी समाचार