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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने सौपा ज्ञापन


बैतूल। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ बैतूल द्वारा प्रदेश के आव्हान पर दिनाँक 05 मई 2022 को जिले की समस्त तहसीलों में पुरानी पेंशन को बहाल करने को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ तहसील शाखा बैतूल के पदाधिकारी ने श्री मनोज राय जिला अध्यक्ष एवं श्री के. के. बारंगे, जिला सचिव के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती रीता डहेरिया को ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर श्री अशोक श्रीवास, तहसील अध्यक्ष, श्री आलोक कुम्भारे सचिव श्री के.एन. शर्मा, श्री मनोज लोखण्डे एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पवार समाज की प्रतिभाएँ हुई सम्मानित, सफल हुआ आयोजन


बैतूल। राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार समिति भारत का पहला आयोजन 7 जुलाई 2019 को पांढुर्ना में, दूसरा आयोजन 2 फरवरी 2020 को छिंदवाड़ा में और तीसरा सफल आयोजन 17 अप्रैल 2022 को मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया गया पहले सत्र के अध्यक्ष श्री गुलाबराव जी कालभोर, अतिथि कैप्टन एलआर पवार, श्रीमती लक्ष्मी बारंगे, श्रीमती सविता बारंगे, श्री भागचंद देशमुख, श्री सुरेश देशमुख नागपुर, श्रीमती निधि बारंगे छिंदवाडा़, श्रीमती हेमलता डहारे भोपाल, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पुष्पलता बारंगे, विशेष अतिथि श्री पीएल बारंगे रहे।

द्वितीय सत्र के अध्यक्ष श्री डॉ. एनडी राऊत नागपुर, मुख्य अतिथि डॉ विजय पराड़कर छिंदवाडा, अतिथि डॉक्टर दमयंती कटरे प्राध्यापक छिंदवाडा़, डॉ. जयश्री चौधरी बारंगे नागपुर रहे।

तृतीय सत्र के अध्यक्ष डॉक्टर मानसिंह परमार पूर्व कुलपति पत्रकारिता इंदौर, मुख्य अतिथि कर्नल श्री अरुण पठाडे नागपुर, विशिष्ट अतिथि आर के पी रहांगडाले DGM, BSP छत्तीसगढ़, श्री शक्ति सिंह परमार संपादक स्वदेश, सुश्री मेघा परमार पर्वतारोही, कामनवेल्थ जूडो में गोल्ड मेडल विजेता कपिल परमार, विशेष आमंत्रित अतिथि श्री प्रदीप कालभोर आईएएस रहे।

बैतूल जिले की मुलताई तहसील मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम डहुआ में मां कामख्या देवी मंदिर परिसर में सैकडो की संख्या में राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार समिति भारत के तृतीय प्रतिभा सम्मान समारोह में भाग लेने आए पंवार समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत दो दर्जन से अधिक प्रतिभाओ एवं मंचासिन लोगो को समिति की ओर से पुरूस्कृत कर सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जवाहर नेहरु कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ. पीके बिसेन, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मुलताई विधायक सुखदेव पांसे, बैतूल विधायक निलय डागा, जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन के जिलाध्यक्ष श्री बाबूलाल कालभोर एवं समाज के सैकडों पदाधिकारियों की मौजूदगी में पवार – परमार वंश के देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को बतौर मुख्य एवं अतिथी के रूप में बुलवाया गया था। सेना, पत्रकारिता, लेखन, कुश्ती, पर्वतारोहण, खेलकूद, कला, संस्कृति, सरकारी सेवाओ, स्कूलों के टॉपर छात्र-छात्राओं को सम्मान राशि के संग सम्मान दिया गया ।

कार्यक्रम में बैतूल, रोंढा, बैतूलबाजार, भारतभारती, आमला, सारणी, पाथाखेड़ा, मुलताई तहसील के गांव से, साथ जिले के बाहर  होशंगाबाद, इटारसी, भोपाल, इंदौर, पीतमपुर, ग्वालियर, हरदा, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाडा़, मोहखेड़, पांडुर्णा, सौसर, बिछुआ, परासिया, अमरवाड़ा और प्रदेश के बाहर पुणे, रायपुर, मुंबई, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गोंदिया, गाडरवारा आदि स्थानों से समाज सदस्य और समाज की प्रतिभाएँ उपस्थित रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के पूर्वज पुरुषों, मां कामाख्या, मां गढ़कालिका और चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत कन्याओं द्वारा तिलक लगाकर और श्रीफल भेंट कर किया गया। सर्वप्रथम तबला वादन गौरव पवार चौधरी सारनी ने अपनी प्रस्तुति दी, इसके बाद श्रीमती निशा हजारे द्वारा स्वागत गीत, श्री बलवंत कड़वेकर द्वारा प्रस्तावना भाषण और पुरस्कार समिति की विकास यात्रा बताई गई। कुमारी आकांक्षा पवार भिलाई दुर्ग के द्वारा गणपति वंदना नृत्य प्रस्तुत किया गया। गौरव ओंकार पाथाखेड़ा सारणी द्वारा शिव तांडव नृत्य, कुमारी आकांक्षा पवार भिलाई दुर्ग द्वारा नृत्य, ओशिन धारे भोपाल द्वारा प्रभु जी मेरे अवगुण चित ना धरो भजन, कुमारी कनक भोपाल नृत्य, कुमारी रौनक भोपाल द्वारा देशभक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

ये हस्तियाँ हुई सम्मानित —– सेना में सम्मानजनक पद पर रहने वाले और 11 मेडल प्राप्त करने वाले श्री कर्नल अरुण पठाडे, कैप्टन संतोष कौशिक, फाइटर प्लेन विशेषज्ञ श्री भगवत बुआड़े, स्वदेश के संपादक और राष्ट्रवादी पत्रिका के प्रतीक श्री शक्ति सिंह परमार, चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉ अशोक बारंगा, डॉक्टर जीवन किंकर, डॉ अमित राहंगडाले, सामाजिक उत्थान के लिए श्री मनीराम बारंगे, श्री दिनकर राव बुवाड़े, श्री बृजलाल गोहिते, श्री दयाराम महाजन, श्री बालकृष्ण पटेल, श्री कन्हैयालाल बुआड़े, खैरीपेका में कई सालों से सामूहिक विवाह का आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित कराने वाले श्री कृष्ण कुमार ढोबले और श्रीमती निवेदिता ढोबले, श्री प्रदीप कालभोर आईएएस, श्री नामदेव रबड़े आईईएस, मुलताई क्षेत्र से पहले यूपीएससी क्लियर कर आबकारी अधिकारी बने वाले श्री निलेश पवार, सुश्री मेघा परमार पर्वतारोही और बेटी बचाओ अभियान की ब्रांड एम्बेसेडर, श्री शंकर पवार पत्रकार, श्री विजय बारंगे जोनल मैनेजर एयरटेल, शासकीय सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टर एम एस परमार कुलपति, श्री प्रकाश बारंगे, प्रधानमंत्री श्रम श्री अवार्ड से सम्मानित श्री पंचम कालभोर मुलताई और श्री फगनलाल पवार सेरके, श्री संतोष पवार बुआड़े एनटीपीसी में सेवारत, स्वर्गीय डॉक्टर अशोक पराड़कर और अशासकीय सेवाओं के लिए श्री राजेश बारंगे खरपतवार निवारण में शोध और नियंत्रण में पेटेंट पुरस्कृत, स्व. गोपीनाथ कालभोर ग्रामीण पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित श्री राम किशोर पवार रोंढा, श्री संजय पठाडे, श्री सुंदरलाल देशमुख शिक्षा पुरस्कार के लिए श्रीमती प्रभावती पवार उन्होंने 2005 से 2022 तक बेस्ट टीचर अवार्ड से नवाजा गया है। सुखवाड़ा द्वारा ₹31000 का पुरस्कार कुमारी शिवानी पवार डोंगरे राखीढाना छिंदवाड़ा, स्वर्गीय मोहनलाल पवार स्मृति छात्रवृत्ति राशि ₹15000, 5 छात्रों में बांटी गई जिसमें कुमारी शिवानी पवार विजयवाड़ा, कुमारी विजेता पवार रिधोरा, प्रतीक सेरके उमरानाला, प्रियांशु गोहिते, कुमारी आरती बिसेन तिरोड़ा सभी हायर सेकेंडरी स्टेट टॉपरों को ₹3000 की राशि, प्रशस्ति पत्र, श्रीफल से पुरस्कृत किया गया। स्वर्गीय काशीबाई कृष्णराव पराड़कर की स्मृति में ₹5000 की राशि 5 बच्चों में समान रूप से बांटी गई जिसमें कुमारी लवीना जगदीश कोड़ले बैतूल बाजार, कुमारी शिवानी देवा से वर्धा, कुमारी प्रतिक्षा पवार फरकाड़े, कुमारी कृतिका धारे उमरानाला, कुमारी रानी गाडरे को 1000 रुपये, प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। दीक्षा श्रिया बुआड़े छात्रवृत्ति राशि 5000 रुपये के लिए कुमारी अदिति पवार छिंदवाड़ा को सम्मानित किया गया

समाज की त्रिदेवियां जिन्होंने वैवाहिक जीवन में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी स्वयं की पहचान स्थापित करके सम्मानजनक मुकाम हासिल किया है जिसमें श्रीमती आदित्या पवार डोंगरे मैनेजर ग्रामीण बैंक, श्रीमती नीतू बारंगे मैनेजर एसबीआई बैंक, श्रीमती निधि बारंगे उपभोक्ता फोरम सदस्य जज एवं शोधार्थी पीएचडी शामिल है को प्रशस्ति पत्र, पवारी साहित्य और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

पवार परिणय, पवार मेट्रोमोनियल, सुखवाड़ा, सुखवाड़ा जीवनसाथी एप एडमिन श्रीमती अनीता दिनेश बुआडे़, श्री बलवंत कड़वेकर, श्री विजय बारंगे, श्री नामदेव बारंगे, श्री महेंद्र डिगरसे, श्री अजय डहारे, श्री संतोष कौशिक, श्री हरीश घागरे, श्री मिथिलेश गाकरे, श्री चंदन पवार, श्री श्याम पवार, श्री दिनेश कुमार पवार सभी को समाज के विवाह योग्य सदस्यों की जानकारी संकलित कर समाज में सजा करने के लिए प्रशस्ति पत्र, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचकर समाज और देश का नाम गौरवान्वित करने वाली महिला कुश्ती में रजत पदक विजेता कुमारी शिवानी पवार डोंगरे के पिता श्री नंदलाल पंवार डोंगरे राखीढाना छिंदवाड़ा, शिक्षा नवाचार के लिए श्री उदल पवार श्रीमति गीता पवार, श्रीमती निशा हजारे, श्रीमती प्रभावती पवार, श्री संजीव बारंगे, श्री हितेश पठाडे को प्रशस्ति पत्र, पवार साहित्य और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

रक्तदान के लिए श्री शंकर पवार पत्रकार, श्री बीआर पवार शिक्षक, विधवा महिला सम्मान नानी बाई डिवटया, निरक्षर महिला सम्मान श्रीमती जेएल परिहार भोपाल, श्री गोवर्धन पवार छिंदवाड़ा, कुमारी प्रियंका चोपडे़ कराटे, आशीष चोपडे़ कराटे, कुमारी अविशा बारंगे मुलताई भोपाल कराटे, कुमारी नीतू कालभोर एनसीसी मार्गदर्शक, सारांश पवार और मनीषा पवार बुआडे़ गाडरवारा शिक्षा नेग, इंजीनियर अंशु पवार पिंजारे टेमझिरा भारतीय रेल्वे में 11 वी रैंक, डॉक्टर राजू एस पवार चिकाने की धर्मपत्नी श्रीमती ममता पवार, कुमारी पल्लवी परिहार पोहर राष्ट्रीय बाल विज्ञान, कुमारी काजल पवार पाठेकर पोहर टेनिश बाल क्रिकेट, कुमारी मुस्कान पवार शतरंज, कुमारी भूमि ओमकार कैरम, कुमारी हर्षिता बारंगे आईसस्टॉक, कुमारी सोनिया बारंगे सॉफ्टबॉल, कुमारी गुंजन कड़वे सॉफ्टबॉल, कुमारी कशिश बोबडे सॉफ्टबॉल, कुमारी कुमकुम डहारे सॉफ्टबॉल, युवराज चौधरी सॉफ्टबॉल, लीना कालभोर बाल विज्ञान, कुमारी रुहानी परिहार विज्ञान प्रदर्शनी, कुमारी रितु धारे उमरानाला, भविष्य डोगरदिए, कु. दिव्या कोड़ले जिला टॉपर सभी जूनियर राज्य और राष्ट्र प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार समिति भारत में सबसे अधिक बच्चों का मनोरंजन करने वाले राहुल चोपड़े बिछुआ ने क्यूबिक की सहायता से जिन्होंने लता मंगेशकर गणेश जी शिवाजी महात्मा गांधी जैसे महान हस्तियों की प्रतिमा बनाकर पूरे देश में ख्याति अर्जित की है आकर्षण का केन्द्र रहे। कुमारी जिज्ञासा देशमुख बैतूल, श्री रामकिशोर पवार रोंढा स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ तीन किताबें लिख कर समाज में लेखन में प्रसिद्धि पाने वाले पत्रकार, श्रीमती शकुंतला बारंगे कैंसर पीड़ितों को बाल दान, श्री नामदेव बारंगे और श्रीमती शकुंतला पवार सेरके, श्री बलराम डहारे मंडीदीप और टीम, श्री तान्बाजी बारंगे पांढुर्ना, श्री योगेश पवार बैतूल, डॉक्टर संदीप परिहार बैतूल, डॉ गेन्दलाल फरकाड़े, श्री हरिशंकर पठाडे मुलताई को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

अंत में आयोजन समिति, मां कामाख्या देवी मंदिर समिति डहुआ, ग्राम पंचायत डहुआ, बलराम बारंगे और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही भोजन व्यवस्था टीम, मंच पंडाल और बैठक व्यवस्था, प्रचार प्रसार की टीम, कैमरा मैन सहित सभी को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

तृतीय राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार डहुआ में श्री प्रकाश नारायण बारंगे अध्यक्ष सतपुड़ा पवार समाज समिति सारनी और श्रीमती पुष्पलता प्रकाश नारायण बारंगे सदस्या राष्ट्रीय क्षत्रिय पवार महासभा द्वारा राजभोज की 40 प्रतिमाएँ सभी सेवा निवृत्त सैनिक भाइयों और वरिष्ठजनों को भेट की गई।

इस भव्य आयोजन में कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री जगदीशचन्द्र पवार, लक्ष्मण धोटे, श्रीमती निशा हजारे, श्रीमती अर्चना जगदीश पवार, श्री गोविंदा हजारे, श्री रमेश सरोदे, श्री अमित बुआड़े, श्री बीआर कालभोर, श्री रणवीर प्रताप सिंह, श्रीमती कृष्णा हजारे, श्री बलराम बारंगे, दिनेश कुमार गाकरे, धुरेन्द्र बारंगे, सुभाष बारंगे, कमलेश करदाते, अनिल मदन बारंगे, राजेश बारंगे, इमरत बारंगे, कक्कु कड़वे, सुधीर परिहार, सरिता बलराम बारंगे, सुशीला युवराज बारंगे, प्रतिभा दिनेश गाकरे, सरोज बाई पटेल, लता करदाते, सीता बारंगे, जया कड़वे, संगीता हजारे,श्री जगन्नाथ पाठेकर, प्रदीप डिगरसे रोंढा, लक्ष्मीनारायण पंवार, अविनाश देशमुख, कमल पंवार, सुधाकर पंवार, झनक कडवे, अजय पंवार, अखिलेश परिहार का विशेष सहयोग रहा।

श्री इंदल चिकाने, मोहन बुआड़े, अशोक ओंकार, बंशीलाल बारंगे, अशोक बारंगे, अनिल कौशिक, राधेश्याम नागर, राधेश्याम डहारे, प्रकाश चौधरी, शंकर पठाडे, श्री राजा पवार, श्री राजू पवार, श्री जगदीश पवार, तरुण कालभोर, मोहित पवार पत्रकार, निलेश कोड़ले, जगदीश पंवार पत्रकार छिन्दवाडा, कृष्ण कुमार बारंगे, मुन्नालाल कसारे, गजानन पवार, सेवानिवृत सैनिक अशोक पंवार, अजय पवार पत्रकार, मनमोहन पवार, श्री पलाश कड़वे, अंकित कड़वे, मोनू पवार, मनोज बारंगे, जबलपुर से श्री अमर फरकाड़े, श्री धर्मदास बोबडे, श्री दुर्गेश पाठेकर, श्री तेजी लाल पिंजारे, श्री नंदलाल बारंगे, श्यामराव देशमुख, प्रदीप माटे, दिनेश डिगरसे, एम आर देशमुख, मदन महाजन, रोशन चौधरी, श्रीमती बिल्लो पवार, श्रीमती ज्योति देशमुख, श्रीमती रेखा पवार, श्रीमती सरोज पवार, श्रीमती कविता डिगरसे, कुमारी सविता फरकाड़े, श्रीमती हेमलता बारंगे, श्रीमती आशा पवार, श्रीमती मंगलेश्वरी पवार, श्रीमती संगीता पवार सहित सैकड़ों की संख्या में पवार समाज के जनमानस उपस्थित रहे।

स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान – तय समय पर होगी परीक्षा।


स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान – तय समय पर होगी, परीक्षा 10वीं के पेपर 18 से और 12वीं के 17 फरवरी से ही होंगे।

भोपाल।। मध्यप्रदेश में 1 फरवरी से स्कूल खुलने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं तय समय पर होंगी। 10वीं के एग्जाम 18 फरवरी से 10 मार्च तक और 12वीं के 17 फरवरी से 12 मार्च तक होंगे। पेपर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। छात्रों को सलाह है कि कम समय बचा है। अच्छी तैयारी और मन से परीक्षा दें। कोरोना को देखते हुए पहली बार पेपर फरवरी में शुरू हो रहे हैं। एमपी बोर्ड टाइम टेबल मंडल की वेबसाइट http://www.mpbse.nic.in पर जारी किया गया है।

सुबह 8.30 बजे उपस्थित होना जरूरी

परीक्षा के लिए परीक्षार्थी को सुबह 8.30 बजे उपस्थित होना जरूरी है। छात्रों को सुबह 8.45 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। उसके बाद आने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।

हाई स्कूल (10वीं)

परीक्षा शुरू होगी : 18 फरवरी 2022

अंतिम पेपर : 10 मार्च 2022

समय : सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक

हायर सेकंडरी स्कूल (12वीं)

परीक्षा शुरू होगी : 17 फरवरी 2022

अंतिम पेपर : 12 मार्च 2022

समय : सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक

ग्रोप्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का हुआ शुभारंभ


बैतूल जिले के ग्राम अमदर में ग्रोप्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कार्यालय और दुकान का हुआ शुभारंभ।

बैतूल ग्रोप्योर एग्रो कृषि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बैतूल में सरकारी योजना 10,000 किसान उत्पादक संगठन के अंतर्गत एसएफएसी के द्वारा कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड, निगरानी समिति के माध्यम से बने एफपीओ का शुभारंभ अमदर ग्राम में हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि श्री के पी भगत उपसंचालक कृषि विभाग बैतूल, आर एस राजपूत एसडीओ, श्रीमती अलका कोडा़पे एएसएडीओ, श्री विजेंद्र वाईकर आत्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर क्षेत्र के सभी कृषक बंधु सहित एफपीओ संस्था के चेयरमैन सुभाष कालभोर, एफपीओ के सीईओ कैलाश लोखंडे, कृषक बंधु केशोराव जी लिखितकर, नगेंद्र जी लिल्लोरे, दयाल हारोड़े, अशोक काले, अयोध्या प्रसाद दुबे, मुंशीलाल देशमुख, ईश्वर चंद पाटनकर, बलिराम पवार, बद्री प्रसाद, रिंकू डिगरसे, संतोष हिंगवे, बलवंत पवार, गौदन हजारे, कृष्ण कुमार डोंगरदिए, लक्ष्मण सातपुते प्रदीप डिगरसे, अशोक बारंगे, मदन महाजन, सुरेश पडाड़े सहित ग्रामीण क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।

इस योजना की जानकारी विभागीय अधिकारी द्वारा सभी किसान भाइयों को दी गई और कृषि को उन्नत बनाने की तरीके भी बताया गए। साथ ही वित्तीय संस्था के शुभारंभ पर एफपीओ संस्था के सभी कृषक भाइयों को बधाई और शुभकामनाएं दी अंत में एपीओ के चेयरमैन सुभाष कालभोर द्वारा सभी किसान भाइयों और संस्था सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी का 75 वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन


मेरे प्यारे देशवासियो,

नमस्कार!

  1. देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और उल्लास का दिन है। इस वर्ष के स्वाधीनता दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि इसी वर्ष से हम सब अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई!
  2. स्वाधीनता दिवस हमारे लिए पराधीनता से मुक्ति का त्योहार है। कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आज़ादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। उनके शौर्य और पराक्रम के बल पर ही आज हम और आप आज़ादी की सांस ले रहे हैं। मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।
  3. अनेक देशों की तरह हमारे राष्ट्र को भी, विदेशी हुकूमत के दौरान बहुत अन्याय और अत्याचार सहने पड़े। परंतु भारत की विशेषता यह थी कि गांधीजी के नेतृत्व में हमारा स्वाधीनता आंदोलन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित रहा। उन्होंने तथा अन्य सभी राष्ट्र-नायकों ने भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने का मार्ग तो दिखाया ही, साथ ही राष्ट्र के पुनर्निर्माण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने भारतीय जीवन-मूल्यों और मानवीय गरिमा को पुनः स्थापित करने के लिए भी भरपूर प्रयास किए।
  4. अपने गणतन्त्र की विगत 75 वर्षों की यात्रा पर जब हम नजर डालते हैं तो हमें यह गर्व होता है कि हमने प्रगति पथ पर काफी लंबी दूरी तय कर ली है। गांधीजी ने हमें यह सिखाया है कि गलत दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने से अच्छा है कि सही दिशा में धीरे ही सही लेकिन सधे हुए कदमों से आगे बढ़ा जाए। अनेक परम्पराओं से समृद्ध भारत के सबसे बड़े और जीवंत लोकतन्त्र की अद्भुत सफलता को विश्व समुदाय सम्मान के साथ देखता है।

प्यारे देशवासियो,

  1. हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। भारत ने ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी के 121 वर्षों में सबसे अधिक मेडल जीतने का इतिहास रचा है। हमारी बेटियों ने अनेक बाधाओं को पार करते हुए खेल के मैदानों में विश्व स्तर की उत्कृष्टता हासिल की है। खेल-कूद के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सफलता में युगांतरकारी परिवर्तन हो रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों से लेकर सशस्त्र बलों तक, प्रयोगशालाओं से लेकर खेल के मैदानों तक, हमारी बेटियां अपनी अलग पहचान बना रही हैं। बेटियों की इस सफलता में मुझे भविष्य के विकसित भारत की झलक दिखाई देती है। मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।
  2. पिछले साल की तरह, महामारी के कारण, इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े पैमाने पर नहीं मनाए जा सकेंगे लेकिन हम सबके हृदय में हरदम भरपूर उत्साह बना हुआ है। हालांकि महामारी की तीव्रता में कमी आई है लेकिन कोरोना-वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस वर्ष आई महामारी की दूसरी लहर के विनाशकारी प्रभाव से हम अभी तक उबर नहीं पाए हैं। पिछले वर्ष, सभी लोगों के असाधारण प्रयासों के बल पर, हम संक्रमण के प्रसार पर काबू पाने में सफल रहे थे। हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत ही कम समय में वैक्सीन तैयार करने का कठिन काम सम्पन्न कर लिया। इसलिए, इस वर्ष के आरंभ में हम सब विश्वास से भरे हुए थे क्योंकि हमने इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया था। फिर भी, कोरोना-वायरस के नए रूपों और अन्य अप्रत्याशित कारणों के परिणाम-स्वरूप हमें दूसरी लहर का भयावह प्रकोप झेलना पड़ा। मुझे इस बात का गहरा दुख है कि दूसरी लहर में बहुतेरे लोगों की प्राण रक्षा नहीं की जा सकी और बहुत से लोगों को भारी कष्ट सहने पड़े। यह अभूतपूर्व संकट का समय था। मैं, पूरे देश की ओर से, आप सभी पीड़ित परिवारों के दुख में, बराबर का भागीदार हूं।
  3. यह वायरस एक अदृश्य व शक्तिशाली शत्रु है जिसका विज्ञान द्वारा सराहनीय गति के साथ सामना किया जा रहा है। हमें इस बात का संतोष है कि इस महामारी में हमने जितने लोगों की जानें गंवाई हैं, उससे अधिक लोगों की प्राण रक्षा कर सके हैं। एक बार फिर, हम अपने सामूहिक संकल्प के बल पर ही दूसरी लहर में कमी देख पा रहे हैं। हर तरह के जोखिम उठाते हुए, हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है।
  4. कोविड की दूसरी लहर से हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे पर बहुत दबाव पड़ा है। सच तो यह है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं समेत, किसी भी देश का बुनियादी ढांचा, इस विकराल संकट का सामना करने में समर्थ सिद्ध नहीं हुआ। हमने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए युद्ध-स्तर पर प्रयास किए। देश के नेतृत्व ने इस चुनौती का डटकर सामना किया। केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ-साथ राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं, गैर सरकारी संगठनों तथा अन्य समूहों ने सक्रिय योगदान किया। इस असाधारण अभियान में, कई देशों ने, उदारता से, अनिवार्य वस्तुएं उसी तरह साझा कीं, जैसे भारत ने बहुत से देशों को दवाइयां, उपकरण और वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। इस सहायता के लिए मैं विश्व समुदाय का आभार प्रकट करता हूं।
  5. इन सभी प्रयासों के परिणाम-स्वरूप, काफी हद तक, सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और अब हमारे अधिकांश देशवासी राहत की सांस ले रहे हैं। अब तक के अनुभव से यही सीख मिली है कि अभी हम सबको लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय वैक्सीन हम सबके लिए विज्ञान द्वारा सुलभ कराया गया सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है। हमारे देश में चल रहे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 50 करोड़ से अधिक देशवासियों को वैक्सीन लग चुकी है। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

मेरे प्यारे देशवासियो,

  1. इस महामारी का प्रभाव अर्थव्यवस्था के लिए उतना ही विनाशकारी है, जितना लोगों के स्वास्थ्य के लिए। सरकार गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों की समस्याओं के विषय में भी चिंतित रही है। सरकार, उन मजदूरों और उद्यमियों की जरूरतों के प्रति भी संवेदनशील रही है जिन्हें लॉकडाउन और आवागमन पर प्रतिबंधों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए सरकार ने पिछले वर्ष उन्हें राहत प्रदान करने के लिए बहुत से कदम उठाए थे। इस वर्ष भी सरकार ने मई और जून में करीब 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराया। अब यह सहायता दीपावली तक के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, कोविड से प्रभावित कुछ उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने हाल ही में 6 लाख 28 हजार करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। यह तथ्य विशेष रूप से संतोषजनक है कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए एक वर्ष की अवधि में ही तेईस हजार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
  2. मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में – विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में – बढ़ोतरी जारी रही है। हाल ही में, कानपुर देहात जिले में स्थित अपने  पैतृक गांव परौंख की यात्रा के दौरान, मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की मनोवैज्ञानिक दूरी अब पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। मूलतः, भारत गांवों में ही बसता है, इसलिए उन्हें विकास के पैमानों पर पीछे नहीं रहने दिया जा सकता। इसीलिए, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि सहित, हमारे किसान भाई-बहनो के लिए विशेष अभियानों पर बल दिया जा रहा है।
  3. ये सभी प्रयास आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के अनुरूप हैं। हमारी अर्थव्यवस्था में निहित विकास की क्षमता पर दृढ़ विश्वास के साथ सरकार ने रक्षा, स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, विद्युत तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश को और अधिक सरल बनाया है। सरकार द्वारा पर्यावरण के अनुकूल, ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों, विशेष रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के नवीन प्रयासों की विश्वव्यापी प्रशंसा हो रही है। जब ‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में सुधार होता है, तब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ पर भी पड़ता है। इसके अलावा जन कल्याण की योजनाओं पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए 70,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना की बदौलत, अपना खुद का घर होने का सपना अब साकार हो रहा है। एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किए गए अनेक सुधारों से हमारे अन्नदाता किसान और भी सशक्त होंगे और उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त होगी। सरकार ने प्रत्येक देशवासी की क्षमता को विकसित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं जिनमें से कुछ का ही उल्लेख मैंने किया है।

प्यारे देशवासियो,

  1. अब जम्मू-कश्मीर में नव-जागरण दिखाई दे रहा है। सरकार ने लोकतंत्र और कानून के शासन में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैं जम्मू-कश्मीर के निवासियों, विशेषकर युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सक्रिय होने का आग्रह करता हूं।
  2. सर्वांगीण विकास के प्रभाव से, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का कद ऊंचा हो रहा है। यह बदलाव, प्रमुख बहुपक्षीय मंचों पर हमारी प्रभावी भागीदारी में तथा अनेक देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने में परिलक्षित हो रहा है।   

प्यारे देशवासियो,

  1. पचहत्तर साल पहले जब भारत ने आजादी हासिल की थी, तब अनेक लोगों को यह संशय था कि भारत में लोकतंत्र सफल नहीं होगा। ऐसे लोग शायद इस तथ्य से अनभिज्ञ थे कि प्राचीन काल में, लोकतंत्र की जड़ें इसी भारत भूमि में पुष्पित-पल्लवित हुई थीं। आधुनिक युग में भी भारत, बिना किसी भेद-भाव के सभी वयस्कों को मताधिकार देने में अनेक पश्चिमी देशों से आगे रहा। हमारे राष्ट्र-निर्माताओं ने जनता के विवेक में अपनी आस्था व्यक्त की और ‘हम भारत के लोग’ अपने देश को एक शक्तिशाली लोकतंत्र बनाने में सफल रहे हैं।
  2. हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है, अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। जहां जनता की सेवा के लिए, महत्वपूर्ण मुद्दों पर वाद-विवाद, संवाद और निर्णय करने का सर्वोच्च मंच हमें उपलब्ध है। यह सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नए भवन में स्थापित होने जा रहा है। यह भवन हमारी रीति और नीति को अभिव्यक्त करेगा। इसमें हमारी विरासत के प्रति सम्मान का भाव होगा और साथ ही समकालीन विश्व के साथ कदम मिलाकर चलने की कुशलता का प्रदर्शन भी होगा। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस नए भवन के उदघाटन को विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक प्रस्थान बिन्दु माना जाएगा।
  3. सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। ‘गगनयान मिशन’ उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है। इस मिशन के तहत भारतीय वायु सेना के कुछ पायलट विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जब वे अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगे, तो भारत मानव-युक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इस प्रकार, हमारी आकांक्षाओं की उड़ान किसी प्रकार की सीमा में बंधने वाली नहीं है।
  4. फिर भी, हमारे पैर यथार्थ की ठोस जमीन पर टिके हुए हैं। हमें यह एहसास है कि आज़ादी के लिए मर-मिटने वाले स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में हमें अभी काफी आगे जाना है। वे सपने, हमारे संविधान में, ‘न्याय’, ‘स्वतन्त्रता’, ‘समता’ और ‘बंधुता’ इन चार सारगर्भित शब्दों द्वारा स्पष्ट रूप से समाहित किए गए हैं। असमानता से भरी विश्व व्यवस्था में और अधिक समानता के लिए तथा अन्यायपूर्ण परिस्थितियों में और अधिक न्याय के लिए, दृढ़तापूर्वक प्रयास करने की आवश्यकता है। न्याय की अवधारणा बहुत व्यापक हो गयी है जिसमें आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ा न्याय भी शामिल है। आगे की राह बहुत आसान नहीं है।  हमें कई जटिल और कठिन पड़ाव पार करने होंगे, लेकिन हम सबको असाधारण मार्गदर्शन उपलब्ध है। यह मार्गदर्शन विभिन्न स्रोतों से हमें मिलता है। सदियों पहले के ऋषि-मुनियों से लेकर आधुनिक युग के संतों और राष्ट्र-नायकों तक हमारे मार्गदर्शकों की अत्यंत समृद्ध परंपरा की शक्ति हमारे पास है। अनेकता में एकता की भावना के बल पर, हम दृढ़ता से, एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। 
  5. विरासत में मिली हमारे पूर्वजों की जीवन-दृष्टि, इस सदी में, न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए सहायक सिद्ध होगी। आधुनिक औद्योगिक सभ्यता ने मानव जाति के सम्मुख गम्भीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। समुद्रों का जल-स्तर बढ़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन की समस्या हमारे जीवन को प्रभावित कर रही है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत ने, न केवल पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया है, बल्कि जलवायु की रक्षा के लिए तय की गई प्रतिबद्धता से भी अधिक योगदान कर रहा है। फिर भी मानवता को विश्व स्तर पर अपने तौर-तरीके बदलने की सख्त जरूरत है। इसीलिए भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर दुनिया का रुझान बढ़ता जा रहा है; ऐसी ज्ञान परंपरा जो वेदों और उपनिषदों के रचनाकारों द्वारा निर्मित की गई, रामायण और महाभारत में वर्णित की गई, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध तथा गुरु नानक द्वारा प्रसारित की गई, और महात्मा गांधी जैसे लोगों के जीवन में परिलक्षित हुई।
  6. गांधीजी ने कहा था कि प्रकृति के अनुरूप जीने की कला सीखने के लिए प्रयास करना पड़ता है, लेकिन एक बार जब आप नदियों और पहाड़ों, पशुओं और पक्षियों के साथ संबंध बना लेते हैं, तो प्रकृति अपने रहस्यों को आप के सामने प्रकट कर देती है। आइए, हम संकल्प लें कि गांधी जी के इस संदेश को आत्मसात करेंगे और जिस भारत भूमि पर हम रहते हैं, उसके पर्यावरण के संरक्षण के लिए त्याग भी करेंगे।
  7. हमारे स्वतन्त्रता सेनानियों में देश-प्रेम और त्याग की भावना सर्वोपरि थी। उन्होंने अपने हितों की चिंता न करते हुए हर प्रकार की चुनौतियों का सामना किया। मैंने देखा है कि कोरोना के संकट का सामना करने में भी लाखों लोगों ने अपनी परवाह न करते हुए मानवता के प्रति निस्वार्थ भाव से दूसरों के स्वास्थ्य और प्राणों की रक्षा के लिए भारी जोखिम उठाए हैं। ऐसे सभी कोविड योद्धाओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं। अनेक कोविड योद्धाओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। मैं उन सबकी स्मृति को नमन करता हूं।
  8. हाल ही में, ‘कारगिल विजय दिवस’ के उपलक्ष में, मैं लद्दाख स्थित ‘कारगिल युद्ध स्मारक – द्रास’ में अपने बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जाना चाहता था। लेकिन रास्ते में, मौसम खराब हो जाने की वजह से, मेरा उस स्मारक तक जाना संभव नहीं हो पाया। वीर सैनिकों के सम्मान में, उस दिन मैंने बारामूला में ‘डैगर वॉर मेमोरियल’ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह मेमोरियल उन सभी सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने अपने कर्तव्य-पथ पर सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन जांबाज़ योद्धाओं की वीरता और त्याग की सराहना करते हुए मैंने देखा कि उस युद्ध स्मारक में एक आदर्श-वाक्य अंकित है: “मेरा हर काम, देश के नाम।

यह आदर्श-वाक्य हम सभी देशवासियों को मंत्र के रूप में आत्मसात कर लेना चाहिए तथा राष्ट्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करना चाहिए। मैं चाहूंगा कि राष्ट्र और समाज के हित को सर्वोपरि रखने की इसी भावना के साथ हम सभी देशवासी, भारत को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए एकजुट हो जाएं।

मेरे प्यारे देशवासियो,

  1. मैं विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों की सराहना  करता हूं, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता की रक्षा की है, और आवश्यकता पड़ने पर सहर्ष बलिदान भी दिया है। मैं सभी प्रवासी भारतीयों की भी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने जिस देश में भी घर बसाया है, वहां अपनी मातृभूमि की छवि को उज्ज्वल बनाए रखा है।
  2. मैं एक बार फिर आप सभी को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बधाई देता हूं। यह वर्षगांठ मनाते हुए मेरा हृदय सहज ही आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत की परिकल्पना से भरा हुआ है।
  3. मैं यह मंगलकामना करता हूं कि हमारे सभी देशवासी कोविड महामारी के प्रकोप से मुक्त हों तथा सुख और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ें।   

एक बार पुनः आप सभी को मेरी शुभकामनाएं!

धन्यवाद,

जय हिन्द!

रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने दिव्यांगों को बांटे वस्त्र


बैतूल- रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने आज निशक्त पति पत्नी एवं उनके बच्चों के लिए नए वस्त्र खरीद कर बांटे गए। सोसाइटी के श्री देवेंद्र बरथे ने कहा की भूखे को रोटी रहने को मकान और पहनने को वस्त्र यदि मिल जाए तो उसका जीवन धन्य हो जाता है।आज भी मानव समाज में ऐसे निशक्त एवं असहाय लोग है जिन को दो वक्त की रोटी तन पर कपड़े और रहने के लिए मकान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है संभवत सोसाइटी के माध्यम से भूखे को रोटी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है। जिला मुख्यालय पर पुलिस ग्राउंड से लगा हुआ गोकुल सेन परिवार पूर्णत निशक्त है, रोटी और कपड़ों के लिए लगातार उनका संघर्ष जारी है, रहने को छत नहीं है, ऐसी स्थिति में रोटी बैंक द्वारा उन्हें प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जाता है, आज पूरे परिवार को नए वस्त्र श्री आर के विजयकर, श्री एस ब्राह्मणे, श्रीमती माला खातरकर, श्रीमती उषा सातनकर श्री महेंद्र सोनकर, श्री रमेश पद्माकर आदि पदाधिकारियों के विशेष उपस्थिति में वस्त्र वितरित किया गए आगे भी सोसाइटी के माध्यम से गरीब असहाय लोगों की मदद के लिए हमेशा वचनबद्ध हैं कटिबद्ध है।

बैतूल में हुआ रोटी बैंक का शुभारंभ


बैतूल सांसद के मुख्य आतिथ्य में रोटी बैंक का शुभारंभ

बैतूल- एससी एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी मध्य प्रदेश बैतूल के द्वारा स्वामी विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय सदर बैतूल मे रोटी बैंक का भव्य और गौरवशाली शुभारंभ हुआ जिसमें मुख्य अतिथि बैतूल हरदा हरसूद संसदीय क्षेत्र के सांसद माननीय श्री डी डी उइके ,पूर्व सांसद माननीय हेमंत खंडेलवाल, आमला सारणी के विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ,श्रीमती निशा बांगरे डिप्टी कलेक्टर बैतूल, श्री अभयराम चौधरी (सेवानिवृत्त जिला पुलिस उप अधीक्षक सारणी) श्री राजेश आहूजा एवं अन्य आमंत्रित विशिष्ट सदस्यगण मौजूद थे।

सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय डी डी उइके ने रोटी बैंक लांचिंग कार्यक्रम में “वास्तविक रोटी” एवं “प्रतीकात्मक रोटी” के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन अर्चन किया स्वागत गीत श्रीमती माला खातरकर एवं उषा सातनकर के द्वारा मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया गया ,स्वागत उद्बोधन के लिए सोसायटी के चेयरमैन श्री आर के विजयकर ने सोसाइटी के उद्देश्यो को स्पष्ट करते हुए अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट एवं बैज लगाकर कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए पीयूष जोधंलेकर म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा मनमोहक गीत प्रस्तुत किया, सोसाइटी के तमाम पदाधिकारियों की ओर से माननीय अतिथिगणों का फूलमाला एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

अपने वैचारिक प्रबोधन में सांसद महोदय ने इस पहल को प्रेरणादाई एवं अनुकरणीय पहल बताते हुए भूखे को रोटी खिलाना मानव समाज का सर्वोपरि धर्म है, इस धरती पर रोटी के बिना मानव जीवन अधूरा है ,इसलिए निशुल्क रोटी बैंक योजना जो कि सोसाइटी के प्रयासों से ,दृढ़ निश्चय के साथ जो बीड़ा, सोसाइटी ने उठाया है उसके लिए पदाधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं ,एवं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए मैं इस क्षेत्र का सांसद होने के नाते उनकी हर संभव मदद करूंगा एवं उनके साथ खड़ा रहूंगा , अपने संक्षिप्त उद्बोधन में माननीय हेमंत खंडेलवाल जी ने रोटी बैंक लांचिंग कार्यक्रम को अपने जीवन का महत्वपूर्ण एवं यादगार पल बताया ,श्री राजेश आहूजा उद्योगपति एवं समाजसेवी ने अपने उद्बोधन में इस अनुकरणीय पहल का स्वागत करते हुए अन्य समाज के लोगों को इस अभियान से सीख लेने की बात कही मानव सेवा से कृत संकल्पित यह कार्यक्रम अपने आप में अनोखा है ,इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए डिप्टी कलेक्टर श्रीमती निशा बांगरे जी ने कहा रोटी का महत्त्व मानव जीवन मे महत्वपूर्ण है रोटी बिना मानव जीवन की कल्पना करना असंभव है मेघावी छात्रों के लिए आपने “खूब पढ़ो ,खूब बढ़ो” का सिद्धांत जीवन में अपनाने की बात कही इस अवसर पर” रोटी बैंक लॉन्चिंग स्मारिका 2021″ का विमोचन माननीय सांसद महोदय एवं मंचासीन विभूतियों के द्वारा किया गया कार्यक्रम के अगले पड़ाव पर मेघावी छात्रों का सम्मान कुमारी सृष्टि ब्राह्मणे ,कुमारी प्राची खातरकर, कुमार रचित विजयकर ,आदि को मुख्य अतिथियों के द्वारा सम्मान स्वरूप मेडल पहनाकर प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया, सम्मान की श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए कोरोना योद्धा का सम्मान करुणा हॉस्पिटल के डॉ. नितेश चौकीकर M.S.( अखिल भारतीय अनुसंधान चिकित्सा केंद्र नई दिल्ली) एवं श्रीमती चंद्रगीता पद्माकर को शाल श्रीफल भेंट कर कोरना वैश्विक महामारी मे मरीजों के इलाज एवं मानव सेवा भाव के लिए उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया ,कार्यक्रम के अंतिम चरण में अभी हाल ही में मध्यप्रदेश पुलिस सेवा के अंतर्गत जिले में पदस्थ एसडीओपी सारणी श्री अभयराम चौधरी जी को सेवानिवृत्त होने पर सोसायटी की ओर से मुख्य अतिथियों के द्वारा उनका शॉल श्रीफल से सम्मानित करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी के साथ-साथ साहसिक कार्यों के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया कार्यक्रम के अंत में डॉ योगेश पंडाग्रे आमला विधायक सारणी एवं डॉ अरुण जयसिंहपुरे विलंब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर सोसायटी के सदस्यों को रोटी बैंक लॉन्चिंग कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दी ,मानव सेवा के इस कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सोसाइटी संचालित करें इसके लिए सोसायटी के पदाधिकारियों का अभिनंदन किया अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

इस अवसर पर सोसाइटी के श्री सतीश जोधंलेकर श्री सुरेश गायकवाड श्री प्रेम पद्माकर श्रीमती ज्योति विजयकर श्रीमती रेखा ब्राह्मणे श्रीमती निर्मला भटनाकर श्रीमती कविता खातरकर श्री विनोद खातरकर दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट सदर बेतूल के संचालक श्री कमलेश निरापुरे श्री गजानन पंडाग्रे श्री देवेंद्र बरथे श्री शेखर बारस्कर आदि पदाधिकारी गण उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन कवि साहित्यकार चिंतक ओजस्वी एवं प्रखर व्यक्तित्व के धनी श्री एस ब्राह्मणे ने उत्कृष्ट शैली एवं धारा प्रवाह शब्दों के साथ किया।

अंतिम कड़ी में स्वरुचि भोज एवं आभार प्रदर्शन के दायित्वों का निर्वहन सोसाइटी के सेक्रेटरी श्री हेमराज पाटिल के द्वारा किया गया

रोटी बैंक लॉन्चिंग कार्यक्रम कल


बैतूल- एस सी. एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी मध्य प्रदेश बैतूल के तत्वाधान में कल 7 अगस्त को माननीय सांसद महोदय के मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि बैतूल विधायक श्री निलय डागा जी, आमला सारणी विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे माननीय हेमंत खंडेलवाल जी पूर्व सांसद बैतूल मध्य प्रदेश आंचलिक पत्रकार महासंघ के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री पटेल जी श्रीमती श्रद्धा जोशी अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक बैतूल,श्रीमती निशा बांगरे अपर कलेक्टर बैतूल, श्री अभयराम चौधरी जी से.नि. एस. डी. ओ. पी. सारनी की उपस्थिति में कार्यक्रम संचालित होगा। संगठन के चेयरमैन श्री आरके विजयकर एवं डिप्टी चेयरमैन श्री एस ब्राह्मणे ने संयुक्त रूप से प्रेस नोट जारी कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने की आम जनता से अपील की है रोटी बैंक लॉन्चिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहर में कोई भी भूखा ना सोए हर व्यक्ति जो भूखा है उसको रोटी मुहैया कराना हमारा उद्देश्य है पूर्णत यह बैंक निशुल्क रहेगा शहर के चुनिंदा इलाकों में चिन्हित केंद्रों से रोटी का संग्रहण किया जाकर शाम को उसे वितरण किया जाएगा इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मेधावी छात्रों का सम्मान कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जाएगा कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील श्री हेमराज पाटिल श्रीमती माला खातरकर श्री सुरेश गायकवाड श्रीमती उषा सातनकर श्री सतीश जोधंलेकर दृष्टि एजुकेशन के संचालक श्री कमलेश निरापुरे आदि पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

भोयर पवार समाज का शिष्टमंडल मिला केंद्रीय मंत्री गडकरी एवं वीरेंद्र कुमार से


नागपूर – 3 अगस्तः- केंद्र सरकार के ओबीसी सूची से पवार नाम हट जाने से उत्पन्न हुई समस्या का हल निकालने एवं नाम पुनःसम्मिलित करने हेतू भोयर पवार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने हाल ही मे दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी और मा. केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्रकुमार से मुलाकात कर समस्या की जानकारी दी।

सुधीर दिवे इनके माध्यम से समाज के प्रतिनिधी श्रावण फरकाडे, मोरेश्वर भादे, अजय फरकाडे इन्होने भंडारा के सासंद सुनिल मेंढे, बालाघाट सिवनी के सांसद ढालसिंग बिसेन, सासंद रामदास तडस इनसे दिल्ली निवास स्थान पर मुलाकात कर जानकारी दी। निवेदन में पवार समाज का पवार जातीय नाम केंद्र के ओबीसी सूची से हट जाणे के संदर्भ में मंत्री को तथा सभी सांसद को ने जानकारी दी और इस समस्या का समाधान करने की अपील की गयी। इस पर सामाजिक न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सुब्रम्णनेम इनसे मंत्री महोदय ने चर्चा करके इस संदर्भ में विस्तृत अहवाल सोंपने के निर्देश दिये। पवार समाज की इस समस्या का समाधान जल्दी ही करेंगे ऐसे आस्वस्त किया। प्रतिनिधि मंडल द्वारा पंतप्रधान कार्यालय एवं राष्ट्रपति कार्यालय को निवेदन सौपा गया इस अवसर पर रुचित पांडे,आदित्य कुमार, प्रणव जोशी, अविनाश बैंगणे (महाराष्ट्र सदन दिल्ली ) इनका सहकार्य प्राप्त हुआ।

विधायक धरमुसिंग सिरसाम फिल्म जंगल सत्याग्रह मे बतौर अभिनेता के रूप मे निभाएंगे किरदार


बैतूल- बगडोना बस्ती में सामुदायिक भवन में द्वितीय ऑडिशन संपन्न किया गया, फिल्म के लेखक एवं निर्देशक प्रदीप उइके ने बताया कि मध्यभारत (गोंडवाना प्रांत) वर्तमान मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी क्षेत्र मे जन्मे सरदार गंजन सिंग कोरकू और सरदार विष्णुसिंग उइके हजारों आदिवासी के साथ मिलकर अंग्रेजो से लोहा लेकर देश के आजादी में अमूल्य योगदान दिया, नमक सत्याग्रह के समतुल्य आदिवासी नेतृत्व ने पुरे देश में घास पर लगे कर के विरोध मे जंगल सत्याग्रह कर अंग्रेजों को दांतो तले चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था, शराब दुकान लूटना, रेल्वे जलाना अनेक आंदोलन किये।

इस पर जंगल सत्याग्रह फिल्म बनाया जाना है, उसके लिए ऑडिशन रखे जा रहे है, निर्देशक लेखक प्रदीप उइके ने ये भी बताया कि विधायक धरमु सिंग सिरसाम भी फिल्म मे अहम भूमिका निभाते दिखाई देंगे, 150 से अधिक नागपुर, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल के कलाकारों ने हुनर पेश किया, फिल्म में 20-25 मुख्य कलाकार दिखाएंगे अपनी भूमिका उन्ही कि तलाश में कर रहे जगह जगह ऑडिशन, ऑडिशन मे जिले के वरिष्ठ जन विधायक धरमु सिंग सिरसाम, पूर्व जिला सदस्य श्यामू परते, जनपद अध्यक्ष आठनेर रामचरण इरपाचे, जनपद अध्यक्ष भैंसदेही संजय मावस्कर, जनपद उपाध्यक्ष घोड़ाडोंगरी, मिश्री परते, डॉ राजा धुर्वे, सरवन परते, सुभाष उइके, जयचंद सरियाम, इंजी. राजा धुर्वे, मुकेश धुर्वे मौजूद थे,

ऑडिशन समापन पर विधायक धरमुसिंग सिरसाम ने अपने वक्तव्य में कहाँ कि 1947 से आज प्रयन्त तक आदिवासियों के इतिहास को उजागर नहीं किया, मेरे बेटे तुल्य प्रदीप उइके ने आदिवासी क्रांतिकारियों पर फिल्म लिख इतिहास रच दिया, उन्हें फिल्म बनाने के लिए आर्थिक सहयोग किया जायेगा, श्यामू परते ने कहाँ कि गीत के माध्यम से बैतूल जिला आज भी गौरवान्वित महसूस करता है पहली बार हमारे इतिहास पर फिल्म बन रही है हमें गर्व महसूस हो रहा है सपना सच होते दिखाई दे रहा है, रामचरण इरपाचे ने बताया कि हमारे क्षेत्र आठनेर के जुगरु गोंड आष्टी के रहने वाले थे, उनके मित्र गंजन, विष्णु थे और इन्होने मिलकर इतिहास रच दिया, इससे युवावों को प्रेरणा लेनी चाहिए, तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग किया जायेगा, संजय मावस्कार ने कहाँ कि कोरकू समुदाय आर्थिक पिछड़ा जरूर है मगर आज भी एकता मजबूत है, हमारे पूर्वजों ने विरासत में ये गुण हमें दिये, मिश्री परते जी सम्बोधन करते हुये कहने लगे ये दिन देखने के लिए हम राह देख रहे थे, कोई तो समाज में पैदा होगा जो समाज पर फिल्म लेखन कर बनायेंगा, देर है पर अंधेर नहीं, सुभाष उइके ने कलाकारों का हौशल बढ़ाते हुये कहाँ कि कोई कलाकार छोटा और बड़ा नहीं होता, सभी को लगन से काम करने कि जरूरत, इंजी. राजा धुर्वे ने थिएटर एक्टर कि कहानी बताते हुये कहाँ शुरुआत एक बंद कमरे से होती है और पहचान पुरे देश में मिलती है, ये फिल्म आपकी किस्मत बदलकर ऊँचाई पर ले जाएंगी, अंतिम मे श्यामू परते ने सभी कलाकारों को उनके उज्जवल भविष्य कि शुभकामनायें दी।