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स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही तब सामने आ रही, जीवित मरीज को मरा बताया, किसी की बॉडी किसी परिवार को दी, मरीजो की संख्या बढ़ी


स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही तब सामने आई, जब एक मरीज को 2 बार मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही किसी अन्य मरीज का शव परिजनों को बताने की कोशिश की गई। परिजनों ने जब शव को देखा तो वह हैरान रह गए, क्योंकि यह शव किसी और व्यक्ति का था । मामला सुल्तानिया के रहने वाले कोरोना पॉजिटिव गौरेलाल कौरी का है ।

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेजकोरोना पॉजिटिव को दो बार मृत बताया।

दरअसल, गौरेलाल की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान एक दिन पहले जहां रात के समय रोगी की स्थिति गंभीर बताई। फिर इसके बाद 13 अप्रैल की देर रात गौरेलाल को मरा हुआ बताया गया। गौरेलाल की मौत की खबर लगते ही हड़बड़ाहट में जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो बताया गया कि उनके मरीज की सांसे चल रही हैं। परिजनों ने डाक्टरों से मरीज के अच्छे इलाज की मांग की, लेकिन 14 अप्रैल बुधवार की सुबह साढ़े 8 बजे डाक्टर का एक बार फिर फोन आया। इस बार भी डाक्टर ने मरीज की मौत की खबर परिजनों को सुनाई।

शव देखा तो नहीं और कोई निकला

मरीज के बेटे ने जब शव देखने की जिद की तो पता चला कि यह किसी और का शव था। जांच पड़ताल की गई तो उनके मरीज की हालत गंभीर थी और वह आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे, जबकि मंगलवार की रात में ही स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों के अच्छे इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को

चेस्ट किया था। इस मसले पर अब कई सारे सवाल खड़े हो

गौरेलाल के बेटे कैलाश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने हमें काफी देर तक गफलत में डाल दिया, जब डेड बॉडी को देखा तब जाकर सच सामने आया। अभी उनके पिता की हालत गंभीर है, और वह संक्षेपण वार्ड में भर्ती हैं। कैलाश ने बताया कि इस मामले की शिकायत भी की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो सका। कैलाश ने बताया कि उनके पिता गौरेलाल भोपाल में रेलवे डाक विभाग में पोस्टमैन हैं।

मेडिकल कॉलेज के डॉ। । गंभीर आरोप लगे

मरीज के बेटे ने बताया कि दो दिन पहले उनका तबीयत बहुत बुरा बता रहा था। इसके बाद हमें बताया गया कि हमारे पिता की मृत्यु हो गई है, और नर्स ने 10 मिनट बाद कहा कि रोगी की सांस चल रही है। मैंने कहा कि डॉ से आप अच्छे से इलाज करते हैं, लेकिन डॉक्टरों की यही लापरवाही चल रही है और फिर शाम को बताया जा रहा है। कि मरीज के गले का ऑपरेशन किया जाएगा। फिर बाद में शाम 6 बजे ऑपरेशन के दौरान अपडेट आता है कि उनका ऑपरेशन करते-करते मौत हो गई है। जब हमने आकर देखा की मृत्यु प्रमाण पत्र घोषित कर दिया गया है। हमारे परिजन मरीज को देखने गए तो मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती था। हमें डेड बॉडी भी दी जाने लगी । जब हमने कहा कि डेड बॉडी का चेहरा देख लें। चेहरा देखने के लिए गए, तो हमारे मरीज का नहीं था, जबकि हमारा मरीज जीवित है।

लड़खड़ाते बोले डीन

सुनील नंदेश्वर मेडिकल कॉलेज के डीन का कहना है कि कोरोना के चलते आपाधापी बढ़ गई है। कहीं रोगी वेंटिलेटर पर हैं, तो दूसरे की सांस फूल रही है, तीसरे का यह हो रहा है, तो थोड़ा सा हो जाता है। डीन ने कहा कि मरीज वेंटिलेटर पर ही थे। उनके हृदय की गति रुक गई थी, तो इस बार किसी नर्स ने बताया कि उनकी मृत्यु हो गई है, लेकिन हृदय की गति रूकती है तो उसके बाद में डॉ। हृदय को दोनों हाथों से दबाकर हृदय को पुनः चालू करने की कोशिश करता है। जिसमें एक से दो घंटे लगभग लग जाते हैं।

डीन ने कहा,

हमारे यहां के डॉक्टरों ने उन्हें रिवाइज किया और फिर रिवाइज करने के बाद ब्लने वापस आई। और उन्हें फिर हमने वेंटिलेटर पर रखा था। इस कारण से यह थोड़ा सा कन्फ्यूजन हो गया। हमने उनके परिजनों को बता दिया है कि मरीज वेंटिलेटर पर है ।

इंदौर में 3 नए केस सामने आए,मध्यप्रदेश में अब तक 33 कोरोना पॉजिटिव


इंदौर : कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार रात एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने 4 और मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की। इसके साथ ही शहर में इस बीमारी के पॉजिटिव मरीजों की संख्या 19 हो गई है।
इनमें से दो की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 17 का उपचार चल रहा है। वहीं, प्रदेश में अब यह संख्या 33 पहुंच चुकी है। शुक्रवार को जो मरीज पॉजिटिव मिले, उनमें 3 इंदौर के और एक उज्जैन का है। अब तक जितने भी मरीज सामने आए हैं, वे इंदौर और उज्जैन के ही हैं। वहीं, इंदौर में शनिवार से ऑड-ईवन फार्मूले को लागू कर दिया गया।
चिंता की बात ये है कि शहर में जितने सैंपल की जांच हो रही है, उनमें से 20 फीसदी के पॉजिटिव निकल रहे हैं, जो अन्य शहरों के मुकाबले ज्यादा है। शुक्रवार को 63 सैम्पल आए। ये अहम हैं, क्योंकि ये उन्हीं इलाकों के हैं जहां कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
प्रशासन ने नूरानी नगर और लिम्बोदी के 3 किमी हिस्से को कंटेनमेंट एरिया बनाया है, जहां अब लोगों की आवाजाही बंद हो जाएगी। सीएम शिवराज सिंह ने प्रदेश में शराब दुकानें बंद किए जाने के आदेश दिए। साथ ही सीएम ने कहा कि राज्य के बाहर फंसे लोग 0755-2411180 पर मदद मांग सकते हैं।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

COVID19 के संदिग्ध प्रकरणों के लिये होम क्वारेंटाईन की मार्गदर्शिका एवं दिशा निर्देश जारी


राज्य शासन ने होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति के लिये मार्ग दर्शिका एवं दिशा निर्देश जारी किये हैं। कहा गया है कि इन व्यक्तियों को :-

  1. साफ हवादार कमरे में रखें जिसमें अटेच्ड शौचालय उपलब्ध हो। व्यक्ति को किसी भी अन्य कमरे में ना जाने दिया जाये।
  2. अगर परिस्थतिवश किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति के साथ उसी कमरे में रहना पड़े, तो कम से कम 1 मीटर की दूरी रखें।
  3. पृथक कमरा नहीं होने एवं अधिक सदस्य होने की स्थिति में चिन्हांकित अस्पतालों में बनाये गये क्वारेंटाईन वार्ड में रखा जाये।
  4. वृद्धजन, गर्भवती महिलाएँ, छोटे बच्चों एवं ऐसे बीमार व्यक्ति, जिन्हें उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, अस्थमा एवं कैंसर आदि बीमारियाँ हो, से दूर रखा जाये।
  5. घर से बाहर ना निकलने दिया जाये। किसी भी स्थिति में सामाजिक अथवा धार्मिक आयोजन जैसे शादी अथवा प्रार्थना सभा में सम्मलित ना होने दिया जाये।

होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति द्वारा निम्नलिखित सावधानियाँ बरती जायें:-

  1. बार-बार साबुन एवं पानी से हाथ धोये जायें अथवा एल्कोहल युक्त सेनेटाईजर से हाथ साफ किये जायें।
  2. घरेलू समान जैसे खाने के बर्तन, उपयोग किये कपड़े एवं चादरें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा ना किया जाये तथा स्वयं धोये जायें।
  3. हमेशा सर्जिकल मास्क लगाया जाये तथा हर 6 से 8 घण्टे बाद मास्क बदल कर बन्द ढक्कन वाले कूडेदान में निष्पादन किया जाये। डिस्पोजेबल मास्क का पुन: उपयोग ना करें।
  4. कपडे़ के मास्क को उपयोग करने के बाद स्वयं अच्छी तरह से साबुन से धोकर धूप में सुखाकर एवं प्रेस करने के बाद ही पुन: उपयोग में लायें।
  5. स्वयं के शरीर का तापमान नियमित अन्तराल पर जांचा जाये।
  6. अगर खांसी, बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरन्त अपने जिले में कोविद-19 कंट्रोल रूम के टेलीफोन नम्बर 104, 181 पर सम्पर्क करें।
  7. होम क्वारेंटाईन के दौरान खुद को रचनात्मक गतिविधियों जैसे व्यायाम तथा योग आदि में व्यस्त रखें। नियमित रूप से पौष्टिक आहार एवं पानी का सेवन किया जाये।

होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति के परिवारजनों द्वारा निम्नलिखित सावधानियाँ बरती जायें:-

  1. होम क्वारेटाईन में रह रहे व्यक्ति की देखभाल परिवार के किसी एक निश्चित व्यक्ति द्वारा ही की जाये।
  2. होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति द्वारा उपयोग किये कपडे़ ना झटके जायें तथा शारीरिक सम्पर्क में ना आया जाये।
  3. संक्रमित सतह तथा कपड़ों को छूते समय डिस्पोजेबल दस्तानों का उपयोग किया जाये।
  4. मेहमानों अथवा बाहरी व्यक्तियों को आने-जाने ना दिया जाये।
  5. होम क्वारेंटाईन में रह रहे व्यक्ति में कोविद-19 के लक्षण पाये जाने पर उसके सम्पर्क में आये सभी व्यक्तियों को 14 दिन के लिये होम क्वारेंटाईन किया जाये तथा पुन: अतिरिक्त 14 दिन के लिये होम क्वारेंटाईन किया जाये अथवा जब तक कि ऐसे व्यक्तियों की लैब रिपोर्ट नेगेटिव ना जा जाये।
  6. वातावरण की स्वाच्छता सुनिश्चित करने हेतु होम क्वारेटाईन में रह रहे व्यक्ति द्वारा छूई गई सतहों को 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट या साबुन के घोल से बार-बार साफ किया जाये।

CoronavirusOutbreak

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

गाँव मे नही ले रहे है कोरोनो को गंभीरता से


रात में बहार से गाँवो में आ रहे है लोग
अंकित यादव
बगडोना
ब्लॉक में जहाँ हर जगह प्रशासन द्वारा कोरोनो वायरस को रोकने के प्रयास किये जा रहे है लोंगो को समझाया जा रहा है मगर लोग इस बीमारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे है क्षेत्र के गाँवो में हालात एक दम उलट है घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के कई गाँवो में राज्यों के बाहर से लोग आ रहे है प्रतिदिन लोगों का आना चालू है अधिकतम लोग पुर्नवास क्षेत्र चोपना के गाँवो में आ रहे है यहाँ के अधिकतम लोग बड़े महानगरो में कार्यरत है । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्लॉक छतरपुर , केरिया , शोभपुर गाँवो , में कई युवा जो बाहर काम कर रहे थे वो सभी लौटे रहे है दिन में कर्फ्यू और सख्ती के कारण रात में लोग गाँवो में आ रहे है गाँवो में आने के बाद भी ये लोग एहतियात नहीं भरत रहे है । इनका लोंगो से मिलना कई न कई नुकसानदायक हो सकता है अगर इसी तरह से लोगों को आना जाना गाँवो में लगा रहा तो स्थिति भयावह हो सकती है

उज्जैन #covid_19 से महिला की मौत, परिवार के 5 लोग कोरोना पॉजिटिव


मध्यप्रदेश प्रदेश में  कुल 20

इंदौर : शहर में मंगलवार रात कोरोनावायरस का एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं था, वहां सिर्फ 24 घंटे के भीतर बुधवार को 10 मरीज सामने आने से हड़कंप मच गया। इनमें से उज्जैन निवासी एक महिला की उपचार के दौरान एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। ये न सिर्फ इंदौर, बल्कि मप्र में भी कोरोना से पहली मौत है।कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से फैली महामारी कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। 

दिन में महिला समेत 5 मरीज उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे, जो देर रात बढ़कर 10 हो गए। चौंकाने वाली बात ये है कि नए 5 नए मरीज उसी महिला के परिवार के हैं और रिश्तेदार हैं, जिनकी मौत हो गई है। बुधवार शाम को ही कोरोना संदिग्ध 47 वर्षीय एक शख्स ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें शाम को ही इलाज के लिए उज्जैन से इंदौर लाया गया था। हालांकि अब तक उनका सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा गया था।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में आए मरीजों में शामिल 65 वर्षीय महिला उज्जैन की निवासी थी। दोपहर करीब 3 बजे उन्हाेंने दम तोड़ा। कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए 4 अन्य मरीज इंदौर के ही अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। इनमें 50 वर्षीय महिला, 48 वर्षीय पुरुष, 68 वर्षीय पुरुष और 65 वर्षीय पुरुष शामिल हैं।

ये मरीज शहर के 2 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। खास बात यह है कि इन पांचों मरीजों में से किसी की भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं है। यहां तक कि 2 मरीज ऐसे थे ज्यादा बाहर निकलते भी नहीं थे और ना ही बीते 14 दिनों में किसी आयोजन में शामिल हुए। मरीजों में 2 पुरुष मित्र हैं। वे वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा पर गए थे। हाल ही में लौटे हैं। उधर, उज्जैन की मृत महिला के बारे में पता चला है कि वे कुछ दिनों पहले बेगमबाग में सीएए के विरोध में चल रहे धरने में शामिल हुईं थीं। उनके बेटे ने इस बात की पुष्टि की है।

उज्जैन की महिला के जनाजे में शामिल होने वाले रिश्तेदारों की तबीयत बिगड़ी

उज्जैन की जिस महिला की मौत इस बीमारी से हुई थी, उसके जनाजे में दो सगे भाई भी शरीक हुए थे। बुधवार सुबह इन दोनों की हालत खराब हुई तो कोई इन्हें मल्हारगंज स्थित लाल अस्पताल छोड़ गया। यहां से इन्हें गोकुलदास अस्पताल के सामने बने आईसोलेशन सेंटर एमआरटीबी भेजा तो दोनों वहां से भाग निकले और फिर लाल अस्पताल पहुंच गए। यहां बहुत देर तक कोने में बैठे रहे।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

कलेक्टरों को कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट होगी- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों,से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की प्रभावित होने वालों के लिये सहायता पैकेज की घोषणा

सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दो माह का एडवांस भुगतान

मजदूरों को प्रति मजदूर 1000 रुपए की सहायता

जनजातियों परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि

मध्यान्ह भोजन के लिये 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में 156 करोड़ की राशि

वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से आयुक्तों, आई.जी. कलेक्टरों, एस.पी. अन्य अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल: मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों, आई.जी., जिला कलेक्टरों, एस.पी., सीएमएचओ, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका, सीएमओ से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित वर्गों के लिये सहायता पैकेज की देने की बात की । उन्होने कहा कि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रु. प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत रुपए 275 करोड़ प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जायेगा।

संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी। इसी प्रकार 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि दो हजार रुपए भेजी जाएगी।

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर शासकीय हॉस्पिटल/मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क इलाज किया ही जायेगा साथ-साथ चिन्हित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज/प्राइवेट हॉस्पिटल में भी‍ नि:शुल्क इलाज सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत में निर्धारित दरों के हिसाब से भुगतान किया जावेगा।

ग्राम पंचायतों में पंच-परमेश्वर योजना की प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध है। इसे कोरोना के नियंत्रण तथा लॉकडाउन के कारण जहाँ भी लोगों को भोजन/आश्रय की व्यवस्था करना हो खर्च की अनुमति प्रदान की जा रही है।

स्कूल बंद होने से मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। अप्रैल 2020 तक का खाद्यान्न रिलीज किया जा चुका है। इसे अब पी.डी.एस. अन्तर्गत राशन दुकानों को उपलब्ध कराया जायेगा।

इसके फलस्वरूप कुल 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन की 156 करोड़ 15 लाख रूपए की राशि का वितरण किया जायेगा – प्राथमिक शालाओं के 60.81 लाख विद्यार्थियों को 155 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 94.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शाला के 26.68 लाख विद्यार्थियों को 232 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 61.90 करोड़ दिये जायेगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहें। भीड़-भाड़ न हो। सभी धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्थानों को भी आम जनता के लिये बंद रखा जायेगा। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये ककि वे स्थानीय धर्म गुरूओं से चर्चा करें।

मुख्यमंत्री के निर्देश

• मेले आदि का आयोजन भी अगले 21 दिनों तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का सभी जगह गम्भीरता से पालन कराने के निर्देश दिये हैं।

• सामुदायिक निगरानी को बढ़ाया जाये जिससे बुखार सर्दी खांसी के मरीजों के बारे में जिला प्रशासन को तत्काल सूचना मिल सके।

• जिन मरीजों को सामान्य सर्दी खांसी और बुखार हो उन्हें जांच के बाद समाधान होने पर घर में ही दवा पहुंचाने के प्रयास करें। कलेक्टर इस कार्य के लिये मोहल्ले या वार्ड की स्वयंसेवी और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगे मदद के लिये प्रेरित करें।

• कॉल सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखा जाये। कॉल सेंटर से सूचना प्राप्त होने पर घर पर दवाई पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

• शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हो सकते है, जिन्हें लॉकडाउन के कारण भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई आ रही हो ऐसी स्थिति में स्वयं सेवी संस्थाओं आदि को प्रेरित कर भोजन के पैकेट बनवाये जाये एवं वितरण की व्यवस्था की जाये ताकि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
• सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

दवाई की दुकान, किराने की दुकान एवं फल सब्जियों की दुकानों के सामने नगर निगम एवं नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से पेंट तथा चूने से निशान लगाये जाए, जिससे खरीदी करने वाले व्यक्ति आपस में सोशल डिस्टेंसिंग रख सके।

• ऐसी दुकान एवं संस्थाओं के खुले रहने का समय अधिक से अधिक हो ताकि किसी एक समय पर भीड़ लगने की संभावना कम हो।

• सुनिश्चित करें कि प्रदेश में माल परिवहन बिना बाधित हुए चलता रहें ताकि वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आवे। पैकेजिंग मटेरियल के परिवहन में भी बाधा नहीं आए। माल परिवहन से संबंधित वाहनों को चेक पांईट पर भी नहीं रोका जाये।

• सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि अत्यावश्यक वस्तु एवं दैनिक उपयोगी एवं मार्केट में दवाई की सामान्य कीमत पर मिल सके। अधिक कीमतें वसूल करने की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जावे।

• डॉक्टर, नर्स तथा आवश्यक कार्य करने वाले अमले को पर्याप्त सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधा मिल सके, यह सुनिश्चित करें।

• समस्त संभागीय आयुक्तों का यह दायित्व है कि वे अपने सभी जिलों में समन्वय रखें। यदि आपूर्ति तथा लॉजिस्टिक्स की कोई समस्या है तो तत्काल अवगत करायें।

• उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सामग्री जैसे सब्जियाँ, किराना, दूध, फल आदि सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध करायी जाये।

• सब्जी मंडियों में अनावश्यक भीड़-भाड़ ना हो। वहाँ से केवल रिटेल व्यापारी ही सब्जियाँ खरीदें उपभोक्ता नहीं। अगर संभव हो तो उन्हें फैला दें।

वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी
कोरोना नियंत्रण हेतु राज्य पर अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के चार वर्टिकल बनाए गए है : –

  1. दवाओं, उपकरणों एवं चिकित्सा सामग्री की सप्लाई – श्री फैज अहमद किदवई, प्रमुख सचिव
  2. इलाज एवं अस्पताल प्रबंधन – श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव
  3. कॉल सेंटर एवं एम्बुलेंस सेवायें – श्री बी. चन्द्रशेखर एवं श्री नन्दकुमारम
  4. अत्यावश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की पूर्ति तथा समन्वय – श्री आई.सी.पी. केशरी, अपर मुख्य सचिव
    स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपूर्ण समन्वय डॉ. पल्लवी जैन गोविल द्वारा किया जा रहा है। इन सभी वर्टिकल से संबंधित कोई भी समस्या आने पर कलेक्टर संबंधित अधिकारी से चर्चा कर समाधान कर सकते है।

होम डिलेवरी, टेक होम एवं कोरियर सुविधाएँ चालू रहेगी, जिससे कम से कम लोग अपने घरों से बाहर आये और उन्हें घर पहुँच सेवा उपलब्ध हो सके।

किसानों को सुविधाएं
फसल कटाई में लगे मजदूरों एवं हार्वेस्टर्स को आवश्यक सुविधा प्रदान की जाये ताकि फसल कटाई प्रभावित ना हों। हार्वेस्टर्स कभी भी न रोके जाये।
किसानों को मंडी में एस.एम.एस. से बुलाने एवं उपार्जन केंद्रों की स्थापना तथा मंडियों की व्यवस्था ऐसी हो जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग मापदंडों का कड़ाई से पालन हो। इस संबंध में आपसे पृथक से चर्चा की जावेगी।

वे जिले, जहां रेल्वे के रेक पाईट है, वहाँ कार्य कर रहे हम्मालों एवं मजदूरों की भी मेडिकल स्क्रीनिंग करा ली जाये। यह सुनिश्चित करें कि रैक समय पर खाली हो ताकि प्रदेश में खाद, बीज, यूरिया आदि की कमी ना हो।

प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स को भी कोरोना के विरूद्ध लड़ाई के अभियान में जोड़ा जाये।
विदेश से आने वाले एवं अन्य राज्यों से यात्रा कर आये नागरिकों/यात्रियों की शत प्रतिशत पहचान एवं स्क्रीनिंग की जाये।
मेडिकल मोबाइल यूनिट, रैपिड रिस्पाँस टीम को पूरी तरह तैयार एवं सक्रिया रखा जाये।

पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति अबाधित रखी जावे।
आइसोलेशन वार्ड एवं आइसोलेशन सेंटर की पर्याप्त व्यवस्था की जावे।

जिला कलेक्टरों को कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट होगी। वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल उचित निर्णय लें। राज्य सरकार उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करायेगी।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

उज्जैन-इंदौर में #covid_19 की दस्तक,5 पॉजीटिव मरीज मिले म.प्र. मैं कुल 14


मुलतापी समाचार

इंदौर: मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस ने अब इंदौर और उज्जैन में भी दस्तक दी है। मध्यप्रदेश में एक साथ पांच नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए हैं। इंदौर में 4 और उज्जैन में एक मरीज के कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इंदौर शहर में 4 मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। वहीं, उज्जैन में महिला की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई है। इंदौर निवासी सभी 4 मरीजों का उपचार फिलहाल निजी अस्पताल में चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि मंगलवार को इंदौर से कुल 13 मरीजों और आसपास के जिलों से 8 सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इन सभी सेंपलों की जांच इंदौर के ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मौजूद वायरोलॉजी लैब में हुई है। जांच में इंदौर के 4 मरीजों और उज्जैन के एक मरीज में कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई है। चारों का ही इलाज फिलहाल निजी अस्पतालों में चल रहा है जबकि उज्जैन निवासी मरीज का इलाज एमवायएच में हो रहा है।

इन चार मरीजों में मनीष बाग निवासी 68 वर्षीय पुरूष और 66 वर्षीय पुरूष और रानीपुरा निवासी 49 वर्षीय महिला का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। चंदननगर निवासी 50 वर्षीय महिला का अरिहंत हॉस्पिटल में इलाल चल रहा है। वहीं उज्जैन निवासी 65 वर्षीय महिला का इलाज एमवायएच में चल रहा है। इनमें से कुछ मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के लिए बता दें कि इंदौर में 222 होम क्वारेंटाइन में रखे गए लोगों में से सिर्फ 14 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी थी। इनमें से 162 लोगों को मुक्त कर दिया गया था। 46 लोगों के सेंपल अभी तक जांच में लिए गए हैं और इसमें से 32 के सेंपल निगेटिव आ चुके हैं। मिली जानकारी के मुताबिक शहर में करीब तीन हजार लोग विदेश से आए हैं।

मध्यप्रदेश में अब तक 14 मरीज मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या 14 हो गई है। इससे पहले 9 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को ग्वालियर में मिले दो संदिग्ध मरीजों की खबर आई थी। ग्वालियर में दो मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं। इनमें से एक मरीज ग्वालियर और एक शिवपुरी का रहने वाला है। देर शाम प्रशासन द्वारा इस बात की पुष्टि की गई की दोनों मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।

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